NEET Paper Leak Case: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 को लेकर सामने आया कथित NEET Paper Leak Case अब राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुका है। 23 लाख से ज्यादा छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा के रद्द होने के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। वहीं दूसरी ओर CBI लगातार जांच में जुटी हुई है और हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार यह सिर्फ साधारण पेपर लीक नहीं, बल्कि कई राज्यों में फैला एक संगठित नेटवर्क हो सकता है, जिसमें प्रिंटिंग प्रेस से लेकर ऑनलाइन क्लास, Telegram चैनल और करोड़ों रुपये के सौदे तक शामिल हैं।
छात्रों का गुस्सा सड़कों पर
दिल्ली में National Testing Agency यानी NTA के मुख्यालय के बाहर छात्रों और छात्र संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad और National Students’ Union of India के कार्यकर्ताओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग उठाई।
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प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि लगातार हो रहे पेपर लीक से मेहनती छात्रों का भरोसा टूट रहा है। कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की खबरें भी सामने आईं।
वहीं Arvind Kejriwal ने भी मामले को लेकर केंद्र सरकार और एजेंसियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
CBI की जांच में बड़ा नेटवर्क सामने आया
CBI अब इस पूरे NEET Paper Leak Case की जांच कर रही है। एजेंसी अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली से जुड़े लोग शामिल बताए जा रहे हैं।
जांच में सामने आया है कि आरोपियों के बीच लंबे समय से संपर्क था और कई राज्यों में छात्रों तक कथित “गेस पेपर” पहुंचाने का नेटवर्क सक्रिय था।
पुणे पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी मनीषा वाघमारे का एडमिशन नेटवर्क से आर्थिक लेन-देन भी जुड़ा हुआ था। जांच एजेंसियों को शक है कि मेडिकल सीट दिलाने और पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर लाखों रुपये वसूले गए।
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शुभम खैरनार ने खोले कई राज
गिरफ्तार आरोपी शुभम खैरनार से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार उसके पास परीक्षा से पहले कथित तौर पर असली प्रश्नपत्र की कॉपी मौजूद थी।
जांच में दावा किया गया है कि प्रश्नपत्र की कॉपी अहिल्यानगर से पुणे और फिर नासिक पहुंचाई गई। वहां से इसे हरियाणा के एक व्यक्ति तक पहुंचाया गया।
CBI को यह भी जानकारी मिली है कि परीक्षा से लगभग तीन दिन पहले ही पेपर का सर्कुलेशन शुरू हो चुका था। आरोपी का संपर्क उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के नेटवर्क से भी जुड़ा बताया जा रहा है।
प्रिंटिंग प्रेस से Telegram तक फैला खेल
जांच एजेंसियों के अनुसार NEET Paper Leak Case का नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि नासिक स्थित एक प्रिंटिंग प्रेस से प्रश्नपत्रों की जानकारी बाहर निकाली गई।
इसके बाद कथित तौर पर असली प्रश्नों को गेस पेपर का नाम देकर छात्रों तक पहुंचाया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि गेस पेपर के लगभग 150 सवाल असली परीक्षा से मेल खाते पाए गए।
CBI के अनुसार Telegram चैनलों और ऑनलाइन ग्रुप्स के जरिए राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, आंध्र प्रदेश समेत करीब 10 राज्यों में यह नेटवर्क फैलाया गया।
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ऑनलाइन क्लास के नाम पर लाखों की वसूली
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ ऑनलाइन क्लासेस में छात्रों को महत्वपूर्ण प्रश्न बताने के नाम पर मोटी रकम ली गई। छात्रों से 50-50 हजार रुपये तक चार्ज किए गए।
बताया जा रहा है कि 25 से 30 लाख रुपये तक में कथित गेस पेपर बेचे गए। कई छात्रों को भरोसा दिलाया गया कि यही प्रश्न परीक्षा में आने वाले हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह आरोप सही साबित होते हैं तो यह देश की परीक्षा प्रणाली में अब तक के सबसे बड़े शिक्षा घोटालों में शामिल हो सकता है।
दो PDF और 48 घंटे का ऑपरेशन
CBI जांच में दो PDF फाइलों का जिक्र भी सामने आया है। इनमें एक केमिस्ट्री और दूसरी बायोलॉजी से संबंधित बताई जा रही है।
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सूत्रों के अनुसार एक PDF हाथ से लिखी गई थी जबकि दूसरी स्कैन कॉपी थी। दावा किया जा रहा है कि परीक्षा से लगभग 48 घंटे पहले ये फाइलें कई छात्रों तक पहुंचाई गईं। अब एजेंसियां डिजिटल सबूतों, Telegram चैट्स और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच कर रही हैं।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
इस पूरे NEET Paper Leak Case को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई है। Federation of All India Medical Association यानी FAIMA ने परीक्षा दोबारा कराने और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है।
शिक्षा विशेषज्ञों और छात्रों का कहना है कि अगर निष्पक्ष जांच और पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया नहीं अपनाई गई तो लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।
जुलाई में दोबारा परीक्षा की संभावना
विशेषज्ञों के मुताबिक अगर NEET-UG परीक्षा दोबारा कराई जाती है तो नई परीक्षा आयोजित करने में कम से कम 25 से 30 दिन लग सकते हैं। पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग और सुरक्षा व्यवस्था में अतिरिक्त समय लगेगा।
संभावना जताई जा रही है कि नई परीक्षा जुलाई में आयोजित हो सकती है, जबकि रिजल्ट अगस्त या सितंबर तक जारी हो सकता है। इसका असर पूरे शैक्षणिक सत्र पर पड़ने की आशंका है।
फिलहाल देशभर के छात्र इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि जांच एजेंसियां और सरकार इस बड़े NEET Paper Leak Case में आगे क्या फैसला लेती हैं।
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