Bihar MLC Election: बिहार में अगले महीने होने वाले विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। सत्ता पक्ष NDA अब उम्मीदवारों के चयन को लेकर मंथन में जुटा है। इसी बीच स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और मंत्री दीपक प्रकाश का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में बना हुआ है। सूत्रों के मुताबिक NDA दोनों नेताओं को विधान परिषद भेजने की तैयारी कर रहा है। खास बात यह है कि दोनों ही नेता वर्तमान में बिहार सरकार में मंत्री हैं, लेकिन अभी तक किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को मिल सकता है बड़ा मौका
बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बने निशांत कुमार को NDA की ओर से विधान परिषद उम्मीदवार बनाया जा सकता है। उन्होंने 8 मार्च 2026 को जनता दल यूनाइटेड (JDU) की सदस्यता ग्रहण की थी और उसके कुछ समय बाद ही उन्हें मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंप दी गई। निशांत कुमार की राजनीतिक एंट्री को जदयू के भविष्य की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी अब उन्हें सक्रिय राजनीति में बड़ी भूमिका देने की तैयारी कर रही है। हालांकि अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन NDA के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि उनके नाम पर गंभीरता से विचार चल रहा है। (Bihar MLC Election)
दीपक प्रकाश को भी विधान परिषद भेजने की चर्चा
निशांत कुमार के अलावा बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश का नाम भी विधान परिषद चुनाव के संभावित उम्मीदवारों में शामिल बताया जा रहा है। दीपक प्रकाश राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र हैं। हाल ही में उन्हें बिहार मंत्रिमंडल में जगह मिली थी। अब NDA उन्हें विधान परिषद भेजकर राजनीतिक रूप से मजबूत करने की तैयारी में है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि NDA आगामी विधानसभा चुनावों से पहले युवा नेतृत्व और सामाजिक समीकरण दोनों को साधने की कोशिश कर रहा है। (Bihar MLC Election)
NDA में सीट बंटवारे को लेकर चल रही बातचीत
विधान परिषद चुनाव को लेकर NDA के भीतर सीट शेयरिंग पर भी चर्चा जारी है। माना जा रहा है कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को भी एक सीट दी जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा, जदयू और सहयोगी दलों के बीच जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों के नाम तय किए जाएंगे। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि NDA इस बार ऐसे चेहरों को आगे लाना चाहता है जो आने वाले समय में पार्टी की राजनीतिक ताकत को और मजबूत कर सकें। (Bihar MLC Election)
28 जून को खाली हो रही हैं 9 सीटें
बिहार विधान परिषद की कुल 9 सीटें अगले महीने 28 जून को खाली होने जा रही हैं। बीजेपी की ओर से सम्राट चौधरी के इस्तीफे के बाद एक सीट खाली हुई है, जबकि संजय प्रकाश का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। जदयू से भगवान सिंह कुशवाहा के इस्तीफे के कारण एक सीट खाली है। इसके अलावा कुमुद वर्मा, गुलाम गौस और भीष्म सहनी का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। वहीं विपक्षी दलों की बात करें तो राजद के सुनील सिंह और मोहम्मद फारुक, जबकि कांग्रेस के समीर सिंह का कार्यकाल भी 28 जून को खत्म हो जाएगा। (Bihar MLC Election)
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सीट पर भी होगा उपचुनाव
राजनीतिक रूप से सबसे चर्चित सीट पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मानी जा रही है। उन्होंने 30 मार्च को अपनी विधान परिषद सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, जबकि उनका कार्यकाल 2030 तक था। अब उनकी सीट पर भी उपचुनाव होना तय माना जा रहा है। ऐसे में NDA के लिए यह चुनाव केवल संख्या बढ़ाने का नहीं, बल्कि भविष्य की राजनीति का संकेत देने वाला भी माना जा रहा है। (Bihar MLC Election)
जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर रहेगा फोकस
बिहार की राजनीति में सामाजिक समीकरण हमेशा अहम भूमिका निभाते रहे हैं। यही वजह है कि इस बार भी उम्मीदवारों के चयन में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता दी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि NDA आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए युवा नेताओं और प्रभावशाली सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति पर काम कर रहा है। (Bihar MLC Election)



