Kejriwal Over Punjab ED Raids: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने पंजाब में लगातार हो रही ED की छापेमारी को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) पर तीखा हमला बोला है। केजरीवाल (Kejriwal Over Punjab ED Raids) ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल चुनाव खत्म होने के तुरंत बाद पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई अचानक तेज हो गई, जिसका उद्देश्य भ्रष्टाचार पर कार्रवाई नहीं बल्कि राजनीतिक दबाव बनाना है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में केंद्र सरकार ने पंजाब के साथ कई मुद्दों पर ‘अन्यायपूर्ण रवैया’ अपनाया है और अब जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर राज्य की राजनीति को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
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‘रेड का मकसद भ्रष्टाचार नहीं, राजनीतिक तोड़फोड़’
अरविंद केजरीवाल (Kejriwal Over Punjab ED Raids) ने अपने बयान में राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल (Ashok Mittal) और संजीव अरोरा (Sanjeev Arora) का जिक्र करते हुए कहा कि ED की कार्रवाई का असली मकसद नेताओं पर दबाव बनाना है। उन्होंने दावा किया कि अशोक मित्तल के ठिकानों पर ED की छापेमारी हुई और उसके अगले ही दिन उन्हें बीजेपी में शामिल करवा लिया गया। केजरीवाल ने कहा कि अगर एजेंसी का मकसद भ्रष्टाचार का पैसा ढूंढना होता, तो राजनीतिक दल बदलने के बाद मामला शांत नहीं होता।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संजीव अरोड़ा के यहां भी हाल ही में ED की कार्रवाई हुई। केजरीवाल के अनुसार, चूंकि अरोड़ा बीजेपी में शामिल नहीं हुए, इसलिए उनके खिलाफ दोबारा कार्रवाई की गई। हालांकि, इन आरोपों पर अभी तक बीजेपी या ED की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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पंजाब के मुद्दों पर केंद्र को घेरा
केजरीवाल (Kejriwal Over Punjab ED Raids) ने अपने संबोधन में सिर्फ ED कार्रवाई ही नहीं, बल्कि पंजाब से जुड़े कई पुराने मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब के पानी के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश की, पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक ढांचे में हस्तक्षेप किया और ग्रामीण विकास के लिए मिलने वाले फंड में भी बाधा डाली। AAP प्रमुख ने आरोप लगाया कि पंजाब को आर्थिक और प्रशासनिक रूप से कमजोर करने की रणनीति लंबे समय से चल रही है। उन्होंने कहा कि अब जांच एजेंसियों के जरिए राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
औरंगजेब वाली टिप्पणी से बढ़ा राजनीतिक तापमान
अपने बयान के दौरान अरविंद केजरीवाल (Kejriwal Over Punjab ED Raids) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना मुगल शासक औरंगजेब से कर दी, जिसके बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। उन्होंने कहा कि इतिहास में औरंगजेब ने अत्याचार और दबाव के जरिए कई इलाकों पर नियंत्रण स्थापित किया था और अब वैसी ही राजनीति देश में देखने को मिल रही है। केजरीवाल ने कहा कि पंजाब गुरुओं और बलिदानों की धरती है, जिसने हमेशा अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब एक बार फिर ‘दबाव और डर की राजनीति’ का मुकाबला करेगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लोकसभा चुनाव के बाद पंजाब की राजनीति में लगातार बढ़ रही हलचल आने वाले समय में और तेज हो सकती है। AAP जहां केंद्र सरकार पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगा रही है, वहीं बीजेपी लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को जरूरी बता रही है।
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किसान आंदोलन का भी किया जिक्र
अपने भाषण के अंत में केजरीवाल ने किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब ने पहले भी केंद्र सरकार के खिलाफ मजबूत लड़ाई लड़ी है। उन्होंने कहा कि जब कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन हुआ था, तब पंजाब के किसानों ने पूरे देश का नेतृत्व किया और आखिरकार केंद्र सरकार को कानून वापस लेने पड़े। उन्होंने दावा किया कि पंजाब की जनता दबाव में आने वाली नहीं है और राज्य हमेशा लोकतंत्र और अधिकारों की रक्षा के लिए खड़ा रहेगा।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है राजनीतिक टकराव
पंजाब में ED की लगातार कार्रवाई (Kejriwal Over Punjab ED Raids)और उस पर उठ रहे राजनीतिक सवाल अब राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बनते जा रहे हैं। AAP इसे लोकतंत्र और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बता रही है, जबकि बीजेपी भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी कार्रवाई को सही ठहरा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति और अधिक गर्माने के संकेत दिखाई दे रहे हैं, खासकर तब जब विपक्षी दल केंद्र सरकार पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगातार तेज कर रहे हैं।
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