Sanjeev Arora ED Raid: पंजाब की राजनीति में शनिवार को उस समय हलचल तेज हो गई जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने स्थानीय सरकारें एवं संसदीय कार्य मंत्री संजीव अरोड़ा से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। दिनभर चली कार्रवाई के बाद यह खबर सामने आई कि एजेंसी (Sanjeev Arora ED Raid) ने उन्हें हिरासत में ले लिया है। हालांकि देर रात तक ED की ओर से गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी, लेकिन सूत्रों का दावा है कि उनसे लंबी पूछताछ की गई और आगे की जांच के लिए उन्हें दिल्ली ले जाया जा सकता है। इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब की राजनीति को गर्मा दिया है। एक तरफ आम आदमी पार्टी इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है, वहीं विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर बना हुआ है।
सुबह 7 बजे शुरू हुई कार्रवाई, कई शहरों में एक साथ छापेमारी
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह करीब सात बजे ED की टीमों ने चंडीगढ़ स्थित सेक्टर-2 में संजीव अरोड़ा (Sanjeev Arora ED Raid) के सरकारी आवास पर छापा मारा। इसके अलावा दिल्ली, गुरुग्राम और अन्य शहरों में भी उनसे जुड़े ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रखी गई। CISF और CRPF के जवानों को मौके पर तैनात किया गया था ताकि जांच प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की बाधा न आए। सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने कई घंटों तक वित्तीय दस्तावेजों, कारोबारी लेनदेन, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच की।
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GST फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच
सूत्रों का कहना है कि ED की यह कार्रवाई कथित फर्जी GST खरीद, मनी लॉन्ड्रिंग और निर्यात कारोबार से जुड़े संदिग्ध लेनदेन की जांच का हिस्सा है। जांच एजेंसी को शक है कि मोबाइल फोन कारोबार से जुड़े कुछ फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और GST रिफंड का फायदा लिया गया।
इसके अलावा दुबई से जुड़े कथित फंड ट्रांजैक्शन और राउंड ट्रिपिंग की भी जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं विदेशों के जरिए धन को घुमाकर वापस भारत में निवेश तो नहीं किया गया। हालांकि अभी तक ED ने इन आरोपों को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
देर शाम बढ़ी गिरफ्तारी की चर्चा
दिनभर चली पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद शाम होते-होते राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि संजीव अरोड़ा को हिरासत (Sanjeev Arora ED Raid) में ले लिया गया है। सूत्रों का दावा है कि ED अधिकारियों ने उनसे लंबी पूछताछ की और कुछ महत्वपूर्ण वित्तीय लेनदेन को लेकर जवाब मांगे। इसके बाद उन्हें आगे की जांच के लिए दिल्ली ले जाने की तैयारी की गई। हालांकि आधिकारिक स्तर पर एजेंसी की ओर से गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं होने के कारण स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है। माना जा रहा है कि अगले 24 घंटों में ED की ओर से विस्तृत जानकारी साझा की जा सकती है।
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पंजाब की राजनीति में बढ़ा सियासी तापमान
ED की कार्रवाई (Sanjeev Arora ED Raid) के बाद पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इसे केंद्र सरकार द्वारा विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने की कोशिश बताया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले भी कई बार केंद्र सरकार और बीजेपी पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगा चुके हैं। पार्टी का कहना है कि विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। दूसरी ओर विपक्षी दलों ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा है कि यदि जांच हो रही है तो पूरी सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए। विपक्ष का आरोप है कि भ्रष्टाचार के मामलों में सरकार जवाब देने से बच नहीं सकती।
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कारोबारी नेटवर्क भी जांच के दायरे में
सूत्रों के मुताबिक जांच केवल राजनीतिक स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि कारोबारी नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन की पूरी चेन की पड़ताल की जा रही है। एजेंसी कुछ कंपनियों, फर्जी खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और विदेशों से जुड़े ट्रांजैक्शन की भी जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि कई डिजिटल डिवाइस और दस्तावेजों को कब्जे में लेकर उनकी फॉरेंसिक जांच की जाएगी। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो आने वाले दिनों में यह मामला (Sanjeev Arora ED Raid) और बड़ा रूप ले सकता है।
आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं मुश्किलें
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला केवल एक छापेमारी तक सीमित नहीं रहेगा। यदि ED को जांच में वित्तीय अनियमितताओं के ठोस सबूत मिलते हैं तो आने वाले समय में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पंजाब की राजनीति की नजरें ED की अगली कार्रवाई और आधिकारिक बयान पर टिकी हुई हैं। वहीं संजीव अरोड़ा पर हुई कार्रवाई (Sanjeev Arora ED Raid) ने राज्य की सियासत में नया विवाद खड़ा कर दिया है।
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