Development Projects Monitoring: देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सचिवालय में एक अहम समीक्षा बैठक की, जिसमें प्रदेश के कई विधानसभा क्षेत्रों में चल रही मुख्यमंत्री घोषणाओं और विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया। बैठक में यमकेश्वर, पौड़ी, श्रीनगर, चौबट्टाखाल, लैंसडाउन और कोटद्वार विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए और जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल घोषणाएं करना नहीं बल्कि उन्हें जमीन पर तेजी से लागू करना है। इसी उद्देश्य से अब मुख्यमंत्री घोषणाओं की निगरानी के लिए Development Projects Monitoring को मजबूत किया जाएगा और प्रत्येक परियोजना का पीईआरटी चार्ट तैयार किया जाएगा ताकि समय-समय पर उसकी समीक्षा की जा सके।
हर विकासखंड में खुलेगा बालिका छात्रावास
बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश की छात्राओं के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य के हर विकासखंड में एक बालिका छात्रावास स्थापित किया जाएगा। इसके लिए उन स्कूलों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां छात्राओं की संख्या सबसे अधिक है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवश्यक भूमि की पहचान कर जल्द प्रस्ताव तैयार किए जाएं।
सरकार का मानना है कि इससे दूरदराज के क्षेत्रों की बेटियों को बेहतर शिक्षा सुविधा मिलेगी और छात्राओं का स्कूल छोड़ने का प्रतिशत भी कम होगा। Development Projects Monitoring के तहत इस योजना को प्राथमिकता श्रेणी में रखा गया है ताकि निर्माण कार्यों में देरी न हो।
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बिजली, पानी और सड़कों की समस्याओं पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने बैठक में साफ कहा कि आम जनता की सबसे बड़ी समस्याएं बिजली, पेयजल, सड़क और वन्यजीव संघर्ष से जुड़ी हैं। इसलिए संबंधित विभाग इन मामलों में तुरंत कार्रवाई करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी रणनीति बनाई जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट का स्थायी समाधान निकाला जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि Development Projects Monitoring केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका असर लोगों के जीवन में दिखाई देना चाहिए। उन्होंने विभागीय सचिवों से कहा कि विधायक जिन समस्याओं को उठा रहे हैं, उनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए।
15 जून तक जारी होंगे लंबित शासनादेश
बैठक में कई घोषणाओं के शासनादेश लंबित होने का मुद्दा भी सामने आया। इस पर मुख्यमंत्री धामी ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन घोषणाओं के शासनादेश अभी तक जारी नहीं हुए हैं, उन्हें हर हाल में 15 जून 2026 तक जारी किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास योजनाओं में देरी से जनता का भरोसा प्रभावित होता है। इसलिए Development Projects Monitoring को पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए ताकि हर विभाग की जिम्मेदारी तय हो सके।
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धार्मिक स्थलों को मिलेगा नया स्वरूप
बैठक में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रघुनाथ मंदिर, कोट ब्लॉक स्थित लक्ष्मण मंदिर और फलस्वाड़ी स्थित सीता माता मंदिर को धार्मिक सर्किट के रूप में विकसित किया जाए। सरकार इन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है।
मुख्यमंत्री का कहना है कि धार्मिक पर्यटन से स्थानीय रोजगार बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। Development Projects Monitoring के तहत इन परियोजनाओं की अलग से निगरानी की जाएगी ताकि निर्माण कार्य समय पर पूरे हो सकें।
शिक्षा और युवाओं के लिए नई योजनाएं
बैठक में युवाओं की शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर भी अहम फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री ने पौड़ी में मल्टीपरपज हॉल बनाने के निर्देश दिए, जहां छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां कर सकेंगे।
इसके अलावा विधायकों द्वारा प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालयों को लेकर भी शिक्षा विभाग और जिलाधिकारियों को तेजी से कार्रवाई करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के मानकों के अनुसार सभी औपचारिकताएं पूरी कर प्रस्ताव जल्द भेजे जाएं ताकि नए केंद्रीय विद्यालयों को स्वीकृति मिल सके।
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रोपवे और पार्किंग परियोजनाओं की होगी अलग समीक्षा
उत्तराखंड में बढ़ते पर्यटन दबाव को देखते हुए मुख्यमंत्री ने रोपवे परियोजनाओं और पार्किंग समस्याओं की अलग से समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रैफिक और पार्किंग बड़ी समस्या बनती जा रही है, इसलिए आधुनिक समाधान अपनाने होंगे।
इसके साथ ही सरकारी कार्यालयों में सोलर पैनल लगाने पर भी जोर दिया गया। सरकार चाहती है कि सरकारी भवनों को धीरे-धीरे ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाया जाए। Development Projects Monitoring के जरिए इन परियोजनाओं की प्रगति पर भी नजर रखी जाएगी।
जनता से जुड़े कामों में तेजी लाने का संदेश
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री धामी ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं की गति तेज करने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
सरकार अब विकास कार्यों को केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उनका लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंचाना चाहती है। यही वजह है कि Development Projects Monitoring को प्रशासनिक व्यवस्था का अहम हिस्सा बनाया जा रहा है ताकि हर योजना की नियमित समीक्षा हो सके और समय पर उसका लाभ जनता को मिल सके।
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