Harbhajan Singh News: पंजाब की राजनीति में एक नया भूचाल देखने को मिल रहा है। आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर उठते असंतोष ने अब सड़कों पर खुलकर रूप ले लिया है। जालंधर में राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह (Harbhajan Singh News) के घर के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं का उग्र प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि मामला अब सिर्फ अंदरूनी मतभेद तक सीमित नहीं रहा।
हरभजन सिंह के घर के बाहर प्रदर्शन, दीवारों पर लिखे नारे
AAP कार्यकर्ताओं ने जालंधर स्थित हरभजन सिंह (Harbhajan Singh News) के आवास के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने घर की दीवारों पर काले रंग से ‘पंजाब का गद्दार’ जैसे नारे लिखे। यह विरोध केवल प्रतीकात्मक नहीं था, बल्कि कार्यकर्ताओं के गुस्से का खुला इजहार था। स्थिति तब और गर्म हो गई जब कार्यकर्ताओं ने हरभजन सिंह का पुतला बनाकर उसकी अर्थी यात्रा निकाली। काली पट्टियां बांधकर सड़कों पर नारेबाजी की गई, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
सोशल मीडिया पर भी भड़का गुस्सा
AAP की पंजाब इकाई ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया। पोस्ट में आरोप लगाया गया कि राज्यसभा के कुछ ‘गद्दार’ सदस्यों ने भाजपा का दामन थामकर जनता के भरोसे को तोड़ा है। पार्टी ने यह भी दावा किया कि शिरोमणि अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा मिलकर AAP को कमजोर करने की साजिश कर रहे हैं। पोस्ट में यह संदेश भी दिया गया कि AAP एक जन-आंदोलन है और इसे तोड़ना आसान नहीं।
7 सांसदों के पार्टी छोड़ने का दावा
इस पूरे विवाद के केंद्र में वह दावा है जिसमें कहा गया कि AAP के 7 सांसदों ने पार्टी से किनारा कर लिया है। राघव चड्ढा ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए कहा कि इन नेताओं ने पार्टी की विचारधारा से भटकने का आरोप लगाते हुए दूरी बनाई है। इनमें हरभजन सिंह (Harbhajan Singh News) के अलावा संदीप पाठक, अशोक मित्तल, स्वाति मालीवाल, राजेंद्र गुप्ता और विक्रम साहनी जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि इस दावे पर आधिकारिक पुष्टि और स्पष्टता अभी भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
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क्या AAP में बढ़ रहा है अंदरूनी असंतोष?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि AAP के भीतर बढ़ते असंतोष का संकेत हो सकता है। पिछले कुछ वर्षों में कई प्रमुख नेताओं का पार्टी छोड़ना इस धारणा को और मजबूत करता है। किरण बेदी, कुमार विश्वास, शाजिया इल्मी और कपिल मिश्रा जैसे नेताओं ने अलग-अलग समय पर पार्टी से इस्तीफा दिया। वहीं, आशीष खेतान ने सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली थी। यह सिलसिला अब भी जारी नजर आ रहा है।
विपक्ष का हमला, AAP की सफाई
विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर AAP पर लगातार निशाना साध रहे हैं। उनका कहना है कि पार्टी में नेतृत्व संकट और विचारधारा का भ्रम साफ दिखाई दे रहा है। वहीं AAP का कहना है कि यह सब राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। पार्टी खुद को मजबूत बताते हुए दावा कर रही है कि जनता का समर्थन अब भी उसके साथ है।
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आगे क्या?
हरभजन सिंह (Harbhajan Singh News) के खिलाफ हुआ यह प्रदर्शन आने वाले समय में और बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की शुरुआत हो सकता है। सवाल यह है कि क्या यह केवल असंतुष्ट कार्यकर्ताओं का गुस्सा है या फिर AAP में किसी बड़े बदलाव की आहट? पंजाब की राजनीति में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और अधिक स्पष्टता सामने आ सकती है। फिलहाल इतना तय है कि AAP के लिए यह समय किसी परीक्षा से कम नहीं है।
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