Gurugram Nari Shakti Vandan Yatra: गुरुवार को साइबर सिटी की सड़कों पर नारी शक्ति वंदन अधिनियम (Nari Shakti Vandan Yatra) के समर्थन में हजारों महिलाओं ने एकजुट होकर विशाल पदयात्रा निकाली। यह आयोजन केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि इसे महिलाओं के अधिकारों, राजनीतिक भागीदारी और सशक्तिकरण के प्रतीक के रूप में देखा गया। कल्याणी हॉस्पिटल से शुरू हुई यह पदयात्रा अग्रसेन चौक और सेक्टर 14 तक पहुंची, जहां महिलाओं ने हाथों में तख्तियां, पोस्टर और बैनर लेकर जोरदार नारेबाजी की। सफेद टी-शर्ट और कैप में सजी महिलाओं की यह भीड़ शहर की सड़कों पर एक मजबूत सामाजिक संदेश छोड़ती नजर आई।
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हस्ताक्षर अभियान से जुड़ा समर्थन, प्रधानमंत्री को धन्यवाद
पदयात्रा (Nari Shakti Vandan Yatra) के दौरान एक विशेष हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चित्र लगे बैनर पर हस्ताक्षर कर नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया और इस पहल के लिए आभार जताया। यह अभियान महिलाओं के बीच राजनीतिक जागरूकता और प्रतिनिधित्व को लेकर उत्साह का संकेत भी माना जा रहा है।
राजनीतिक नेतृत्व ने बताया ऐतिहासिक कदम
कार्यक्रम (Nari Shakti Vandan Yatra) के संयोजन की जिम्मेदारी भाजपा प्रदेश सचिव एवं खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की पूर्व चेयरपर्सन गार्गी कक्कड़ ने संभाली। इस मौके पर पूर्व लोकसभा सांसद डॉ. सुधा यादव और प्रदेश महामंत्री डॉ. अर्चना गुप्ता भी मौजूद रहीं। डॉ. सुधा यादव ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को सामाजिक और राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने इसे ऐसा कदम बताया जो आने वाले समय में लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी को नई दिशा देगा। वहीं डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी ही लोकतंत्र की असली ताकत है और यह अधिनियम देश की आधी आबादी को निर्णय प्रक्रिया में उचित स्थान दिलाने का मार्ग प्रशस्त करता है।
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महिलाओं के सशक्तिकरण का संदेश और सामाजिक भागीदारी
भाजपा नेताओं ने इस आयोजन को केवल एक रैली (Nari Shakti Vandan Yatra) नहीं बल्कि जागरूकता अभियान बताया। गार्गी कक्कड़ ने महिलाओं से अपील की कि वे इस अधिनियम की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और समाज में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों को लेकर सक्रिय भूमिका निभाएं। गुरुग्राम जिलाध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी ने कहा कि यह आयोजन महिलाओं के आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने का प्रतीक है और आने वाले समय में इसका असर राजनीतिक भागीदारी पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
सामाजिक संगठनों और युवाओं की मजबूत भागीदारी
इस पदयात्रा (Nari Shakti Vandan Yatra) में सिर्फ राजनीतिक कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि शहर के कई सामाजिक संगठन, शिक्षण संस्थानों की महिलाएं और युवा वर्ग भी बड़ी संख्या में शामिल हुआ। युवतियों और स्वयंसेवी संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को और व्यापक स्वरूप दिया। पूर्व सीएमओ पुष्पा बिश्नोई, जिला सचिव निधि मल्होत्रा, सुचिता शर्मा, पूजा बलहारा, युवा मोर्चा अध्यक्ष मयंक सहित कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार रखे और अधिनियम के समर्थन में एकजुटता दिखाई।
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महिलाओं की उम्मीदें – राजनीति में बढ़ेगा प्रतिनिधित्व
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं ने केंद्र सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की संख्या बढ़ेगी। उनका मानना है कि 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को न केवल राजनीतिक मंच देगा बल्कि समाज के विकास में उनकी भूमिका को और मजबूत करेगा।
सशक्तिकरण की ओर बढ़ता सामाजिक आंदोलन
साइबर सिटी में हुई यह पदयात्रा (Nari Shakti Vandan Yatra) केवल समर्थन प्रदर्शन नहीं बल्कि महिलाओं की राजनीतिक जागरूकता और भागीदारी का बड़ा संकेत मानी जा रही है। हस्ताक्षर अभियान और सामूहिक भागीदारी ने इसे एक जनआंदोलन का रूप दे दिया, जो आने वाले समय में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण अध्याय साबित हो सकता है।
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