US Iran Peace Talks: इस्लामाबाद में शनिवार को होने वाली अमेरिका और ईरान के बीच की ऐतिहासिक शांति वार्ता से पहले कूटनीतिक पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। एक ओर जहां पाकिस्तान इस हाई-प्रोफाइल बैठक की मेजबानी के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है, वहीं दूसरी ओर ईरान ने बातचीत शुरू होने से ठीक पहले दो ऐसी शर्तें रख दी हैं जिन्होंने वाशिंगटन की पेशानी पर बल डाल दिए हैं। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबफ ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक लेबनान में तत्काल सीजफायर लागू नहीं होता और ईरान की जब्त की गई संपत्तियों (Frozen Assets) को रिहा नहीं किया जाता, तब तक बातचीत की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।
ईरान के इस सख्त रुख के बीच युद्ध के बादल भी मंडराने लगे हैं। ईरानी सेना के प्रवक्ता इब्राहिम जोलफकारी ने एक कदम आगे बढ़ते हुए चेतावनी दी है कि यदि लेबनान पर इजरायली हमले जारी रहे, तो ईरान की ओर से ‘विनाशकारी’ जवाबी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को हार स्वीकार करने की नसीहत देते हुए कहा कि ईरान की आधुनिक तकनीक किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। दूसरी तरफ, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने तेहरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिका शांति के उद्देश्य से आ रहा है और ईरान उनके साथ ‘खेल’ खेलने की कोशिश न करे। US Iran Peace Talks
लेबनान और जब्त संपत्ति का पेच
ईरानी नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि वे केवल बातचीत के नाम पर समय बर्बाद नहीं करेंगे। उनकी पहली शर्त लेबनान में जारी हिंसा को तुरंत रोकना है, क्योंकि ईरान लेबनान को अपने रणनीतिक हितों का केंद्र मानता है। दूसरी शर्त अंतरराष्ट्रीय बैंकों में फंसी ईरान की अरबों डॉलर की संपत्ति को बहाल करना है। ईरानी प्रवक्ता के अनुसार, ‘इन दो प्राथमिकताओं को पूरा किए बिना किसी भी समझौते की उम्मीद करना बेमानी है।’ US Iran Peace Talks

इस्लामाबाद बना ‘अभेद्य किला’
इस महा-बैठक की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रखी है। इस्लामाबाद के ‘रेड जोन’ को पूरी तरह सील कर दिया गया है और 10,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। इतना ही नहीं, संभावित हवाई खतरों और इजरायल की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए पाकिस्तान ने अपने लड़ाकू विमान, C-130 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और AWACS (हवाई चेतावनी प्रणाली) को मिडिल ईस्ट की दिशा में एक्टिव कर दिया है। US Iran Peace Talks
पूर्व विदेश मंत्री कमल खर्राजी का निधन और बढ़ता तनाव
शांति वार्ता के माहौल के बीच ईरान के पूर्व विदेश मंत्री कमल खर्राजी के निधन की खबर ने भी सुर्खियां बटोरी हैं। बताया जा रहा है कि वह हाल ही में हुए एक हवाई हमले में घायल हो गए थे। खर्राजी का परमाणु कार्यक्रम को लेकर दिया गया कड़ा रुख अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रहा था। उनके निधन के बाद ईरान के भीतर बदला लेने की भावना और प्रबल हुई है, जिसका असर शनिवार की वार्ता पर पड़ना तय माना जा रहा है। US Iran Peace Talks
पाकिस्तान की कूटनीतिक परीक्षा और चीन की भूमिका
हाल के दिनों में अमेरिका-ईरान संघर्ष में लगभग 2 हजार लोगों की जान जा चुकी है। पाकिस्तान ने चीन की मदद से 40 दिनों के अस्थायी संघर्ष विराम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अब इस्लामाबाद इस युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त कर एक ‘ग्लोबल पीसमेकर’ के रूप में उभरना चाहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बैठक की सफलता या विफलता सीधे तौर पर पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि और मिडिल ईस्ट के भविष्य को तय करेगी। US Iran Peace Talks



