New Labour Code Gratuity Rule ने देश के कामकाजी वर्ग के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आया है। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए नियमों के तहत अब कुछ कर्मचारियों को ग्रेच्युटी पाने के लिए 5 साल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। 21 नवंबर 2025 से प्रभावी इस नियम ने रोजगार क्षेत्र में सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
5 साल की बाध्यता में बड़ा बदलाव
अब तक लागू ‘ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम 1972’ के तहत कर्मचारियों को ग्रेच्युटी पाने के लिए कम से कम 5 साल की निरंतर सेवा जरूरी होती थी। लेकिन New Labour Code Gratuity Rule के तहत इस शर्त को आंशिक रूप से बदल दिया गया है।
नए सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 के अनुसार, फिक्स्ड-टर्म और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के लिए यह अवधि घटाकर सिर्फ 1 साल कर दी गई है। इससे लाखों कर्मचारियों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है, जो पहले अल्पकालिक नौकरी के कारण इस सुविधा से वंचित रह जाते थे।
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किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा?
New Labour Code Gratuity Rule के तहत सबसे ज्यादा लाभ फिक्स्ड-टर्म एम्प्लॉइज (FTE) को मिलेगा। ये वे कर्मचारी होते हैं जिन्हें कंपनियां एक निश्चित समय अवधि के लिए अनुबंध पर नियुक्त करती हैं।
अब ऐसे कर्मचारियों को उनकी सेवा अवधि के अनुसार ‘प्रो-राटा’ आधार पर ग्रेच्युटी मिलेगी। यानी यदि किसी कर्मचारी ने 1 या 2 साल तक काम किया है, तो उसी अवधि के अनुसार उसे भुगतान किया जाएगा।
हालांकि, स्थायी कर्मचारियों के लिए 5 साल की सेवा की शर्त अभी भी लागू रहेगी। वहीं मृत्यु या विकलांगता की स्थिति में यह शर्त पहले की तरह ही लागू नहीं होगी।
वेतन संरचना में भी बदलाव
New Labour Code Gratuity Rule केवल सेवा अवधि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने वेतन संरचना को भी प्रभावित किया है। नए नियमों के अनुसार, कर्मचारी की ‘वेजेस’ उसके कुल सीटीसी का कम से कम 50 प्रतिशत होना जरूरी है।
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इसमें बेसिक सैलरी, महंगाई भत्ता (DA) और रिटेनिंग अलाउंस शामिल किए गए हैं। इसका मतलब यह है कि जिन कर्मचारियों का बेसिक वेतन कम और भत्ते अधिक होते थे, अब उनकी सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव होगा।
ग्रेच्युटी राशि में होगा इजाफा
New Labour Code Gratuity Rule के चलते कर्मचारियों की ग्रेच्युटी राशि में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। जब बेसिक वेतन बढ़ेगा, तो ग्रेच्युटी की गणना भी उसी आधार पर अधिक होगी।
इससे कर्मचारियों को भविष्य में मिलने वाले लाभ में वृद्धि होगी और उनकी आर्थिक सुरक्षा भी मजबूत होगी। यह बदलाव खासतौर पर निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
कब से लागू हुए नए नियम?
श्रम मंत्रालय के अनुसार, New Labour Code Gratuity Rule 21 नवंबर 2025 से लागू हो चुका है। इसका लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा, जो इस तारीख के बाद किसी संस्थान में शामिल हुए हैं।
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विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम औपचारिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करेगा और अल्पकालिक रोजगार को भी अधिक आकर्षक बनाएगा।
रोजगार बाजार पर असर
New Labour Code Gratuity Rule का असर केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पूरे रोजगार बाजार को प्रभावित करेगा। कंपनियों को अब अपने वेतन ढांचे और अनुबंध नीति में बदलाव करना होगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और कर्मचारियों के अधिकारों को बेहतर सुरक्षा मिलेगी। साथ ही, यह नियम कर्मचारियों और नियोक्ताओं के बीच विश्वास को भी मजबूत करेगा।
New Labour Code Gratuity Rule भारत के श्रम कानूनों में एक बड़ा सुधार है। यह न केवल कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगा, बल्कि रोजगार के बदलते स्वरूप के अनुरूप नियमों को भी आधुनिक बनाएगा। आने वाले समय में यह बदलाव देश के श्रम बाजार को अधिक संगठित और संतुलित बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
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