Coal Production: मिडिल ईस्ट (Middle East) में बढ़ते तनाव और भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण दुनिया भर में ईंधन की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन में रुकावटों के बीच एक बार फिर दुनिया का ध्यान पारंपरिक ऊर्जा स्रोत ‘कोयले’ की ओर गया है। जिसे कभी पुराना ईंधन माना जा रहा था, वह आज वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा (Global Energy Security) की रीढ़ बनकर उभरा है। संकट के इस समय में कई देश अपनी बिजली और औद्योगिक जरूरतों के लिए फिर से कोयले पर निर्भर हो रहे हैं।
कोयले की उपलब्धता और घरेलू उत्पादन इसे प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल का एक भरोसेमंद विकल्प बनाते हैं। वर्तमान में चीन और भारत जैसे बड़े एशियाई देश इस क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। विशेष रूप से थर्मल पावर प्लांट और भारी उद्योगों जैसे स्टील और सीमेंट के संचालन के लिए कोयला ‘ब्लैक गोल्ड’ साबित हो रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि वैश्विक बाजार में कोयला उत्पादन के मामले में कौन से देश सबसे ऊपर हैं और इसमें भारत की क्या स्थिति है। (Coal Production)
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चीन: दुनिया का ‘कोयला किंग’
कोयला उत्पादन के मामले में चीन का कोई मुकाबला नहीं है। चीन दुनिया का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक देश है, जो अकेले कुल वैश्विक उत्पादन में 50% से अधिक का योगदान देता है। चीन की विशाल औद्योगिक मांग, विशेष रूप से बिजली उत्पादन, स्टील और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए कोयले पर इसकी निर्भरता बेजोड़ है। अपने बड़े प्राकृतिक भंडार और उन्नत खनन तकनीक के कारण चीन वैश्विक कोयला बाजार का सबसे बड़ा खिलाड़ी बना हुआ है। Coal Production:
भारत: दूसरे पायदान पर बरकरार
कोयला उत्पादन में भारत पूरी दुनिया में दूसरे स्थान पर है। भारत अपनी बिजली की जरूरतों के लिए कोयले पर बहुत अधिक निर्भर है। देश की कुल बिजली आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा अभी भी कोयले से चलने वाले थर्मल पावर प्लांट से आता है। सरकार निरंतर घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रही है ताकि ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और आयात पर निर्भरता कम हो। (Coal Production)

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इंडोनेशिया: सबसे बड़ा निर्यातक
हालांकि इंडोनेशिया उत्पादन के मामले में चीन या भारत जितना बड़ा नहीं है, लेकिन यह दुनिया में कोयले का सबसे बड़ा निर्यातक (Exporter) है। इंडोनेशिया का कोयला पूरे एशिया, विशेष रूप से भारत और चीन की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी भौगोलिक स्थिति इसे एक प्रमुख वैश्विक सप्लायर बनाती है। (Coal Production)
अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की भूमिका
संयुक्त राज्य अमेरिका भी दुनिया के शीर्ष कोयला उत्पादकों में शामिल है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया अपने उच्च गुणवत्ता वाले कोयले और बड़े पैमाने पर निर्यात के लिए जाना जाता है। ऑस्ट्रेलियाई कोयले की मांग विशेष रूप से स्टील बनाने वाले देशों में बहुत अधिक रहती है। (Coal Production)
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ऊर्जा सुरक्षा के लिए फिर बढ़ा कोयले का महत्व
वैश्विक अनिश्चितता और तेल-गैस की किल्लत ने देशों को अपनी ऊर्जा रणनीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होती है, तो कोयला ही वह एकमात्र विश्वसनीय स्रोत बचता है जो बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन को बनाए रख सकता है। यही कारण है कि संकट के समय में ‘ब्लैक गोल्ड’ की अहमियत और अधिक बढ़ गई है। ‘चीन दुनिया का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक है. यह कुल वैश्विक उत्पादन में 50% से ज्यादा का योगदान देता है. इससे यह वैश्विक कोयला बाजार में एक बड़ा खिलाड़ी बन गया है. कोयला उत्पादन में भारत दूसरे स्थान पर है. (Coal Production)



