LokhitkrantiLokhitkrantiLokhitkranti
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Reading: India Oil Import: युद्ध के खतरे के बीच भारत तैयार! रणनीतिक तेल भंडार 64% भरा, राज्यसभा में बड़ा खुलासा
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
LokhitkrantiLokhitkranti
Search
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
Lokhitkranti > राष्ट्रीय > India Oil Import: युद्ध के खतरे के बीच भारत तैयार! रणनीतिक तेल भंडार 64% भरा, राज्यसभा में बड़ा खुलासा
राष्ट्रीय

India Oil Import: युद्ध के खतरे के बीच भारत तैयार! रणनीतिक तेल भंडार 64% भरा, राज्यसभा में बड़ा खुलासा

Lokhit Kranti
Last updated: 2026-03-24 12:14 पूर्वाह्न
By Lokhit Kranti 5 महीना ago
Share
India Strategic
India Oil Import: युद्ध के खतरे के बीच भारत तैयार! रणनीतिक तेल भंडार 64% भरा, राज्यसभा में बड़ा खुलासा
SHARE

India Strategic: दुनियाभर में गहराते भू-राजनीतिक तनाव और पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी युद्ध की आहट के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर अभेद्य ‘सुरक्षा कवच’ तैयार कर लिया है। सोमवार को राज्यसभा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारत के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserves), जो किसी भी आपात स्थिति में देश की तेल जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाए गए हैं, वर्तमान में अपनी कुल क्षमता के लगभग 64 प्रतिशत तक भरे हुए हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने सदन में स्पष्ट किया कि सप्लाई में रुकावट या वैश्विक कीमतों में अचानक उछाल आने की स्थिति में ये भंडार एक मजबूत बफर के रूप में काम करेंगे।

Contents
India Strategic- संकट के समय भारत का ‘अभय कवच’होर्मुज स्ट्रेट पर निर्भरता और समुद्री मार्गों की चुनौतीनए सप्लायर्स और तेल स्रोतों में विविधताभंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए ‘फेज-II’ पर काम शुरूभारत की वर्तमान स्थिति

भारत, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता है, अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 88.7 प्रतिशत हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। ऐसे में वैश्विक अस्थिरता के बीच अपनी अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए भारत ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम और कर्नाटक के मंगलुरु व पादुर में विशाल भूमिगत भंडारण सुविधाएं विकसित की हैं। मंत्री ने बताया कि वर्तमान में इंडियन स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्व लिमिटेड (ISPRL) के पास लगभग 3.372 मिलियन टन कच्चे तेल का स्टॉक उपलब्ध है। यह रणनीतिक तैयारी न केवल देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को दर्शाती है, बल्कि वैश्विक संकट के समय भारतीय बाजारों में ईंधन की किल्लत को रोकने के लिए एक ठोस बैकअप प्लान के रूप में भी देखी जा रही है। (India Strategic)

India Strategic- संकट के समय भारत का ‘अभय कवच’

सप्लाई चेन में अचानक आने वाली रुकावटों से निपटने के लिए भारत ने 5.33 मिलियन टन की कुल क्षमता वाली तीन भूमिगत भंडारण सुविधाएं बनाई हैं। सुरेश गोपी ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में कहा, “इन गुफाओं (भंडारों) में उपलब्ध कच्चे तेल की मात्रा बाजार की स्थितियों के आधार पर बदलती रहती है। अभी ISPRL के पास लगभग 3.372 मिलियन टन कच्चे तेल का स्टॉक उपलब्ध है, जो कुल भंडारण क्षमता का लगभग 64 फीसदी है।’ उन्होंने यह भी जोड़ा कि ये भंडार एक ‘गतिशील भंडार’ (Dynamic Inventory) के रूप में कार्य करते हैं, जो वास्तविक खपत और स्टॉक की स्थिति के अनुसार घटते-बढ़ते रहते हैं। (India Strategic)

पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking

होर्मुज स्ट्रेट पर निर्भरता और समुद्री मार्गों की चुनौती

भारत के तेल आयात का एक बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट के देशों जैसे सऊदी अरब, इराक और यूएई से आता है। ये तमाम खेपें रणनीतिक रूप से संवेदनशील ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) के रास्ते भारत पहुंचती हैं। आंकड़ों के अनुसार, भारत ने अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच 110 अरब डॉलर कच्चे तेल पर खर्च किए हैं। विशेष रूप से एलपीजी (LPG) का 85-95 प्रतिशत और प्राकृतिक गैस का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा इसी संकरे समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। युद्ध की स्थिति में इस मार्ग पर होने वाली किसी भी गतिविधि का सीधा असर भारत की रसोई और उद्योगों पर पड़ सकता है, जिसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने वैकल्पिक स्रोतों पर काम तेज कर दिया है। (India Strategic)

India Strategic
India Strategic

नए सप्लायर्स और तेल स्रोतों में विविधता

किसी एक क्षेत्र या देश पर निर्भरता कम करने के लिए भारत की सरकारी तेल कंपनियों ने अपने आयात बास्केट का विस्तार किया है। मंत्री ने बताया कि वर्तमान में भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां (PSEs) 41 देशों से कच्चे तेल का आयात कर रही हैं। पारंपरिक सप्लायर इराक और कुवैत के अलावा अब अमेरिका, नाइजीरिया, कनाडा, ब्राजील, कोलंबिया और मेक्सिको जैसे नए देशों से भी तेल मंगाया जा रहा है। रूस से आने वाले तेल ने भी मिडिल ईस्ट पर निर्भरता कम करने में बड़ी भूमिका निभाई है, जिससे वैश्विक संकट के बावजूद भारतीय आपूर्ति श्रृंखला स्थिर बनी हुई है। (India Strategic)

The 50: न शिव, न फैसू न रजत दलाल… ‘द 50’ का असली ‘किंग मेकर’ बना ये कंटेस्टेंट, जानिए कैसे लिखी जीत की कथा?

भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए ‘फेज-II’ पर काम शुरू

ऊर्जा सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए सरकार ने जुलाई 2021 में दो और रणनीतिक भंडारों को मंजूरी दी थी, जिनकी कुल क्षमता 6.5 मिलियन टन होगी। इसमें ओडिशा के चांदीखोल में 4 मिलियन टन और कर्नाटक के पादुर में 2.5 मिलियन टन की अतिरिक्त क्षमता विकसित की जाएगी। सुरेश गोपी ने जानकारी दी कि पादुर में निर्माण कार्य शुरू करने का ठेका 1 अक्टूबर, 2025 को दे दिया गया है। इसके अलावा, भारत ने कमर्शियल पार्टनरशिप के तहत अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) के साथ भी समझौता किया है, जो मंगलुरु के भंडारण का इस्तेमाल कर रही है। (India Strategic)

Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर

भारत की वर्तमान स्थिति

सरकार के अनुसार, यदि देश की कुल स्टोरेज कैपेसिटी (रणनीतिक भंडार + तेल मार्केटिंग कंपनियों की सुविधाएं) को मिला दिया जाए, तो भारत के पास लगभग 74 दिनों की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त तेल उपलब्ध है। मंत्री ने दोहराया, “वास्तविक भंडार एक गतिशील संख्या है जो स्टॉक और वास्तविक खपत पर निर्भर करती है, और ये दोनों ही स्थिर नहीं रहते।” सरकार की इस दूरदर्शी नीति का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों की अनिश्चितता से घरेलू उपभोक्ताओं को बचाना और युद्ध जैसी विषम परिस्थितियों में देश के चक्के को जाम होने से रोकना है। (India Strategic)

You Might Also Like

NEET Paper Leak: पीएम मोदी ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत, जल्द आएगा नया कानून

PM Modi Australia Visit: भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच ऐतिहासिक रक्षा समझौता, बढ़ेगी सैन्य विमानों की तैनाती

PM Modi Australia Visit 2026: आतंकवाद, रक्षा और इकोनॉमी पर भारत-ऑस्ट्रेलिया की बड़ी सहमति, PM मोदी का बड़ा बयान

PM Modi Australia Visit: ‘भारत में निवेश का यही सही समय’… ऑस्ट्रेलिया के CEO फोरम से PM मोदी का ग्लोबल संदेश

PM Modi Australia Visit: ‘मां तुझे सलाम’ से लेकर ‘शिव तांडव’ तक… मेलबर्न में PM मोदी के स्वागत की भव्य तस्वीर

TAGGED:Energy Security IndiaIndia oil importIndia Russia Oil.ISPRLOil Crisis BackupStrait of HormuzStrategic Petroleum ReserveSuresh Gopi Rajya Sabha
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Share
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
Bareilly Development Authority
उत्तर प्रदेश

Bareilly Development Authority: रामगंगा नगर और ग्रेटर बरेली का हुआ निरीक्षण

Meena Chauhan By Meena Chauhan 2 दिन ago
Ludhiana Murder Case: टाइल कारीगर की मौत से मचा हड़कंप
Muzaffarnagar School Holiday: प्रशासन ने जारी किया आदेश
Haryana Tiranga Yatra की तैयारियां तेज, 9 से 17 अगस्त तक होंगे कार्यक्रम
झांसी जेल से पैरोल पर रिहा हुआ अली अहमद
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

  • ताज़ा खबरे
  • बॉलीवुड
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • धर्म कर्म
  • वायरल
  • बिज़नेस

About US

लोकहित क्रांति न्यूज़ एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित को समर्पित डिजिटल समाचार मंच है। हमारा उद्देश्य देश–दुनिया की ताज़ा, सटीक और प्रमाणिक ख़बरें आप तक तेज़ी से पहुँचाना है।
Quick Link
  • About Us
  • Terms and Condition
  • DNPA Code of Ethics
Must Read
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Grievance Redressal Policy

Follow Us

Lokhit Kranti
Copyrights © Lokhit Kranti. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?