Bab al-Mandab Blockade: अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग अब आसमान की ऊंचाइयों से उतरकर समुद्र की गहराइयों में समा गई है। युद्ध के 12वें दिन ईरान ने वह पत्ता खेलने के संकेत दिए हैं, जिससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था ताश के पत्तों की तरह ढह सकती है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पहले ही ‘चोक’ कर चुके ईरान ने अब एक और रणनीतिक जलमार्ग ‘बाब अल-मंदेब’ को बंद करने की धमकी दी है। ईरानी सैन्य अधिकारियों का साफ कहना है कि यदि अमेरिका ने कोई रणनीतिक चूक की, तो वे अपने समुद्री अभियान को लाल सागर के इस प्रवेश द्वार की ओर मोड़ देंगे, जिसे ‘दूसरा होर्मुज’ कहा जाता है।
अगर ईरान अपनी इस प्लानिंग में सफल होता है, तो यह आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट होगा। होर्मुज और बाब अल-मंदेब के एक साथ बंद होने का सीधा मतलब हैदुनिया के ऊर्जा व्यापार के दो सबसे अहम फेफड़ों का काम करना बंद कर देना। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान अब मिसाइलों के बजाय ‘तेल की नब्ज’ दबाकर अमेरिका और इजरायल को झुकने पर मजबूर करना चाहता है। इस दोहरी नाकेबंदी से न केवल तेल-गैस के दाम काबू से बाहर हो जाएंगे, बल्कि यूरोप जैसे देश कंगाली की कगार पर पहुंच सकते हैं क्योंकि उनके लिए ऊर्जा का सबसे छोटा और सस्ता रास्ता हमेशा के लिए बंद हो जाएगा।
बाब अल-मंदेब को ईरान ने बताया ‘मौत का द्वार’
यमन और जिबूती के बीच स्थित मात्र 26 किलोमीटर चौड़ा यह जलमार्ग लाल सागर का दक्षिणी द्वार है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इसे अपनी रणनीति का केंद्र बनाया है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने अल जजीरा से कहा, ‘अगर अमेरिका से गलत कदम उठता है, तो दूसरा होर्मुज (बाब अल-मंदेब) भी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज जैसा हाल देख सकता है। ईरान के पास अभी भी कई पत्ते खेलने के लिए मौजूद हैं।’ (Bab al-Mandab Blockade)

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ईरान का ‘रिमोट कंट्रोल’ हथियार
ईरान को बाब अल-मंदेब बंद करने के लिए अपनी सीधी सेना उतारने की जरूरत नहीं है। वह यमन के हूती विद्रोहियों के जरिए इस रास्ते को ‘किलिंग जोन’ में बदल सकता है। हूतियों के पास पहले से ही उन्नत ड्रोन, मिसाइलें और समुद्री माइन्स (Naval Mines) मौजूद हैं। नवंबर 2023 से अब तक वे 100 से ज्यादा हमले कर अपनी ताकत का अहसास करा चुके हैं। अब उनकी उंगलियां फिर से ट्रिगर पर हैं, जो वैश्विक शिपिंग के लिए सबसे बड़ा खतरा है। (Bab al-Mandab Blockade)
यूरोप की कंगाली और ‘केप ऑफ गुड होप’ का बोझ
अगर बाब अल-मंदेब बंद होता है, तो स्वेज नहर का रास्ता बेकार हो जाएगा। जहाजों को अफ्रीका के ‘केप ऑफ गुड होप’ से घूमकर जाना पड़ेगा। इससे यात्रा का समय 2 हफ्ते बढ़ जाएगा। प्रति यात्रा ईंधन खर्च में 10 लाख डॉलर का इजाफा होगा। यूरोप को मिलने वाला खाड़ी का तेल और एलएनजी (LNG) लगभग रुक जाएगी। (Bab al-Mandab Blockade)
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दुनियाभर में तेल संकट
दुनिया की OPEC+ अतिरिक्त उत्पादन क्षमता का 70 प्रतिशत हिस्सा खाड़ी क्षेत्र में ही है। होर्मुज और बाब अल-मंदेब के बाधित होने का मतलब है कि सऊदी अरब, इराक और कुवैत का तेल चाहकर भी बाजार तक नहीं पहुंच पाएगा। विश्लेषकों के अनुसार, यदि यह संकट कुछ हफ्तों से ज्यादा चला, तो दुनिया के पास तेल की आपूर्ति की भरपाई करने के लिए कोई दूसरा विकल्प नहीं बचेगा। (Bab al-Mandab Blockade)
अमेरिका-इजरायल गठबंधन के लिए बड़ी चुनौती
ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस युद्ध को अपने तरीके से लड़ेगा। वह जानता है कि जब दुनिया तेल के लिए त्राहि-त्राहि करेगी, तो मित्र राष्ट्रों का दबाव खुद-ब-खुद अमेरिका पर पड़ेगा। अब देखना यह है कि क्या अमेरिका अपनी नौसैनिक शक्ति से इन दोनों रास्तों को खुला रख पाता है या ईरान का यह ‘समुद्री जाल’ पूरे पश्चिम को घुटनों पर ले आएगा। (Bab al-Mandab Blockade)



