Credit Card Bill: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में क्रेडिट कार्ड कई लोगों के लिए सुविधा का पर्याय बन चुका है। अचानक खर्च हो या बड़ी खरीदारी, यह छोटा सा कार्ड कई बार बड़ी राहत देता है। लेकिन हर महीने जब बिल जनरेट होता है, तो एक सामान्य सवाल फिर सामने खड़ा हो जाता है क्या भुगतान तुरंत कर देना चाहिए या फिर ड्यू डेट तक इंतजार करना ठीक है?
अक्सर लोग यह सोचकर असमंजस में रहते हैं कि कहीं देर से Credit Card Bill भुगतान करने से उनका सिबिल स्कोर प्रभावित न हो जाए। वित्तीय विशेषज्ञों की मानें तो इस सवाल का जवाब जितना जटिल दिखता है, उतना है नहीं।
क्या तुरंत भुगतान करना बेहतर विकल्प है?
कई उपभोक्ता स्टेटमेंट मिलते ही पूरा बकाया चुका देते हैं। उन्हें लगता है कि ऐसा करने से उनका क्रेडिट स्कोर मजबूत रहेगा। दरअसल, क्रेडिट स्कोर इस बात पर निर्भर करता है कि भुगतान समय पर हुआ या नहीं, न कि आपने कितनी जल्दी भुगतान किया।
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अगर आप बैंक द्वारा निर्धारित Due Date से पहले पूरा भुगतान कर देते हैं, तो आपका रिकॉर्ड सकारात्मक ही रहेगा। चाहे आप स्टेटमेंट आते ही राशि जमा करें या आखिरी तारीख को, जब तक भुगतान समय सीमा के भीतर है, आपका स्कोर सुरक्षित रहता है। इसलिए भुगतान का समय आपकी नकदी स्थिति और सुविधा पर निर्भर कर सकता है।
ड्यू डेट पार करना क्यों खतरनाक है?
समस्या तब शुरू होती है जब भुगतान Due Date के बाद होता है। बैंक इसे लेट पेमेंट के रूप में दर्ज करते हैं और इसके साथ ही पेनल्टी और ब्याज भी जोड़ देते हैं। इससे न सिर्फ अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ता है, बल्कि क्रेडिट रिपोर्ट में भी नकारात्मक एंट्री हो जाती है।
एक बार सिबिल स्कोर पर दाग लग जाए, तो भविष्य में लोन लेना या नया क्रेडिट कार्ड बनवाना मुश्किल हो सकता है। बैंक और वित्तीय संस्थान पिछले भुगतान इतिहास के आधार पर ही आपकी विश्वसनीयता तय करते हैं। इसलिए समय पर भुगतान करना बेहद जरूरी है।
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‘मिनिमम Due Date’ का भ्रम
Credit Card Bill में दो रकम दिखाई देती हैं, कुल बकाया और न्यूनतम देय राशि। कई लोग सिर्फ मिनिमम ड्यू भरकर यह मान लेते हैं कि उन्होंने जिम्मेदारी निभा दी।
हालांकि यह विकल्प आपको तत्काल लेट फीस से बचा सकता है, लेकिन बची हुई रकम पर भारी ब्याज लगना शुरू हो जाता है। यह ब्याज दर सामान्य लोन से कहीं ज्यादा होती है। धीरे-धीरे बकाया राशि बढ़ती जाती है और कर्ज का बोझ भारी हो सकता है। इसलिए वित्तीय दृष्टि से पूरे बकाया का भुगतान करना ही समझदारी है।
30 प्रतिशत उपयोग का नियम
एक अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाए रखने के लिए केवल समय पर भुगतान ही नहीं, बल्कि संतुलित उपयोग भी जरूरी है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कुल क्रेडिट लिमिट का 30 प्रतिशत से अधिक उपयोग न करें।
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यदि आप अपनी पूरी लिमिट खर्च करते हैं, तो बैंक आपको अधिक जोखिम वाला ग्राहक मान सकते हैं। इससे भविष्य में लोन अप्रूवल या लिमिट बढ़ाने में दिक्कत आ सकती है। सीमित और नियंत्रित उपयोग आपकी वित्तीय छवि को मजबूत बनाता है।
इमरजेंसी फंड क्यों है जरूरी?
क्रेडिट कार्ड एक सुविधा है, स्थायी समाधान नहीं। अचानक नौकरी जाने, बीमारी या अन्य आपात स्थिति में केवल कार्ड पर निर्भर रहना खतरनाक हो सकता है। वित्तीय योजना का मूल सिद्धांत है कि आपके पास कम से कम छह महीनों के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड होना चाहिए। इससे संकट के समय आपको कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी और आप मानसिक रूप से भी सुरक्षित महसूस करेंगे।
Credit Card Bill तुरंत चुकाना या Due Date पर भुगतान करना- दोनों ही तरीके सही हैं, बशर्ते भुगतान समय पर और पूरा हो। असली गलती लेट पेमेंट और केवल मिनिमम ड्यू भरने में है। संतुलित खर्च, समय पर भुगतान और मजबूत इमरजेंसी फंड- ये तीन आदतें आपको न सिर्फ बेहतर सिबिल स्कोर देंगी, बल्कि वित्तीय रूप से भी मजबूत बनाएंगी। समझदारी इसी में है कि सुविधा का उपयोग करें, लेकिन अनुशासन के साथ।
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