By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
LokhitkrantiLokhitkrantiLokhitkranti
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Reading: चीन और अमेरिका के बीच फंसा पाकिस्तान, क्या खो रहा अपनी वैश्विक साख?
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
LokhitkrantiLokhitkranti
Search
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
Lokhitkranti > Blog > अंतर्राष्ट्रीय > चीन और अमेरिका के बीच फंसा पाकिस्तान, क्या खो रहा अपनी वैश्विक साख?
अंतर्राष्ट्रीय

चीन और अमेरिका के बीच फंसा पाकिस्तान, क्या खो रहा अपनी वैश्विक साख?

Rupam
Last updated: 2026-02-16 11:26 अपराह्न
Rupam Published 2026-02-16
Share
Pakistan is stuck
चीन और अमेरिका के बीच फंसा पाकिस्तान, क्या खो रहा अपनी वैश्विक साख?
SHARE

Pakistan Global Image: कभी खुद को क्षेत्रीय ताकत बताने वाला पाकिस्तान आज बहुआयामी संकट से जूझता दिखाई दे रहा है। सरहद पर रणनीतिक अस्थिरता, वैश्विक मंचों पर घटती साख और आर्थिक बदहाली ने इस देश को ऐसे मोड़ पर ला खड़ा किया है, जहां उसकी नीतियों और नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हालिया घटनाओं ने यह संकेत दिया है कि सत्ता के वास्तविक केंद्र और राजनीतिक नेतृत्व के बीच दूरी ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।

Contents
आर्थिक मोर्चे पर गहराता संकटलोकतंत्र बनाम सत्ता का असली केंद्रअमेरिका से चीन तक रणनीतिक मोड़कश्मीर और भू-राजनीतिक समीकरणसैन्य संतुलन बनाम आर्थिक कमजोरीवैश्विक मंच पर घटती साखक्या यह सबसे कठिन दौर है?

एक ओर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ आर्थिक संकट से निपटने के लिए दुनिया भर से मदद की अपील कर रहे हैं, वहीं सेना प्रमुख असीम मुनीर की वैश्विक मंचों पर हुई असहज स्थितियों ने पाकिस्तान की संस्थागत छवि को झटका पहुंचाया है। इन सबके बीच सवाल उठने लगा है क्या पाकिस्तान वाकई अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है?

आर्थिक मोर्चे पर गहराता संकट

पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। विदेशी कर्ज का बोझ बढ़कर लगभग 26 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जबकि सरकारी कंपनियों का घाटा कई गुना बढ़ चुका है। देश को अपनी मूलभूत जरूरतों के लिए भी अंतरराष्ट्रीय मदद पर निर्भर रहना पड़ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि पाकिस्तान को बार-बार सऊदी अरब, यूएई और चीन जैसे देशों की ओर देखना पड़ रहा है। बढ़ती निर्भरता ने उसकी आर्थिक संप्रभुता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। (Pakistan Global Image)

लोकतंत्र बनाम सत्ता का असली केंद्र

विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान की मौजूदा समस्याओं की जड़ उसकी राजनीतिक संरचना में छिपी है। वहां लोकतांत्रिक व्यवस्था अक्सर सैन्य प्रभाव के अधीन मानी जाती रही है। हालिया वैश्विक घटनाओं में यह धारणा और मजबूत हुई, जब म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में सेना प्रमुख से पहचान पत्र दिखाने को कहा गया। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की संस्थागत छवि को प्रभावित किया। (Pakistan Global Image)

अमेरिका से चीन तक रणनीतिक मोड़

शीत युद्ध के दौरान पाकिस्तान को अमेरिका का समर्थन मिला, जिसका उपयोग उसने क्षेत्रीय रणनीतिक संतुलन में किया। लेकिन अफगानिस्तान से अमेरिकी वापसी के बाद स्थिति बदल गई और चीन पाकिस्तान का प्रमुख सहयोगी बनकर उभरा। चीन की आर्थिक और सामरिक निवेश नीति ने पाकिस्तान को अपने प्रभाव क्षेत्र में ला दिया। चीन-पाकिस्तान आर्थिक सहयोग परियोजनाओं ने एक ओर बुनियादी ढांचे को बढ़ावा दिया, तो दूसरी ओर ऋण निर्भरता भी बढ़ाई। (Pakistan Global Image)

तारिक रहमान के शपथ से पहले यूनुस का इस्तीफा, बांग्लादेश में नई सरकार का रास्ता साफ

कश्मीर और भू-राजनीतिक समीकरण

इतिहास में पाकिस्तान और चीन के बीच रणनीतिक समझौतों ने क्षेत्रीय समीकरणों को प्रभावित किया। विवादित क्षेत्रों को लेकर हुए समझौतों ने भारत की चिंताओं को बढ़ाया। भारत ने लगातार इस पर आपत्ति जताई है और इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चुनौती बताया है। (Pakistan Global Image)

Pakistan Global Image
Pakistan Global Image

सैन्य संतुलन बनाम आर्थिक कमजोरी

पाकिस्तान ने रक्षा क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन आर्थिक कमजोरी ने उसे सीमित कर दिया। हथियारों की होड़ ने उसकी वित्तीय स्थिति पर अतिरिक्त दबाव डाला। दक्षिण एशिया में सामरिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश में पाकिस्तान ने भारी निवेश किया, लेकिन इसका असर उसकी घरेलू अर्थव्यवस्था पर पड़ा। (Pakistan Global Image)

ISIS Uranium Niger: 1000 टन यूरेनियम पर ISIS की नजर, क्या दुनिया के लिए मंडरा रहा है परमाणु खतरा?

वैश्विक मंच पर घटती साख

हालिया घटनाओं से यह संकेत मिला है कि पाकिस्तान की वैश्विक प्रतिष्ठा को झटका लगा है। चाहे आर्थिक निर्भरता हो या नेतृत्व से जुड़े विवाद, इन सबने उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि को कमजोर किया है।खेल के मैदान से लेकर कूटनीतिक मंच तक, पाकिस्तान के प्रदर्शन ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या वह अपने सबसे कठिन दौर में प्रवेश कर चुका है।

क्या यह सबसे कठिन दौर है?

वर्तमान परिस्थितियां बताती हैं कि पाकिस्तान बहुआयामी संकट से जूझ रहा है आर्थिक, राजनीतिक और रणनीतिक। इन चुनौतियों से उबरने के लिए उसे न केवल नीतिगत सुधारों की आवश्यकता है, बल्कि संस्थागत संतुलन और दीर्घकालिक दृष्टि भी जरूरी होगी।

You Might Also Like

Bangladesh Politics: तारिक रहमान के संदेश से बदलता बांग्लादेश का सियासी समीकरण

तारिक रहमान के शपथ से पहले यूनुस का इस्तीफा, बांग्लादेश में नई सरकार का रास्ता साफ

ISIS Uranium Niger: 1000 टन यूरेनियम पर ISIS की नजर, क्या दुनिया के लिए मंडरा रहा है परमाणु खतरा?

Bangladesh PM Oath Ceremony: बांग्लादेश चुनाव में BNP की बंपर जीत, तारिक रहमान 17 फरवरी को लेंगे प्रधानमंत्री पद की शपथ

Macron India Visit 2026: चार दिवसीय दौरे पर भारत आएंगे इमैनुएल मैक्रों, पीएम मोदी से बैठक और AI समिट में भागीदारी

TAGGED:Asim MunirChina Pakistan RelationsPakistan CrisisPakistan DebtPakistan EconomyPakistan Global ImagePakistan MilitaryShehbaz SharifSouth Asia Politics
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
Untitled design 20260214 221208 0000
उत्तर प्रदेश

Board Exams 2026: मेरठ के सभी परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा और निगरानी को लेकर प्रशासन ने उठाए सख्त कदम

Kannu Kannu 2026-02-14
Shreyas Talpade Case: ‘गोलमाल’ एक्टर श्रेयस तलपड़े पर FIR, लाखों की धोखाधड़ी का गंभीर आरोप
क्रिकेट के साथ दिल का भी खेल जीते ईशान किशन, पाकिस्तान मैच के बीच अदिति संग रिश्ते पर दादा ने लगाई मुहर
UP News: यूपी में शराब महंगी! 1 अप्रैल से हर बोतल पर पड़ेगा बड़ा असर
UP News: इंदिरापुरम और कौशाम्बी पुलिस ने किया बड़ा सर्च और रैस्क्यू अभियान, 11 महिलाओं को बचाया
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

  • ताज़ा खबरे
  • बॉलीवुड
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • धर्म कर्म
  • वायरल
  • बिज़नेस

About US

लोकहित क्रांति न्यूज़ एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित को समर्पित डिजिटल समाचार मंच है। हमारा उद्देश्य देश–दुनिया की ताज़ा, सटीक और प्रमाणिक ख़बरें आप तक तेज़ी से पहुँचाना है।
Quick Link
  • About Us
  • Contact Us
  • Terms and Condition
  • DNPA Code of Ethics
Must Read
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Grievance Redressal Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Copyrights © Lokhit Kranti. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?