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Republic Day Chief Guest: कब से शुरू हुई गणतंत्र दिवस में मुख्य अतिथि बुलाने की परंपरा, जानें इतिहास से लेकर 2026 तक की कहानी

Lokhit Kranti
Last updated: 2026-01-26 3:24 अपराह्न
By Lokhit Kranti 7 महीना ago
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Republic Day Chief Guest
Republic Day Chief Guest: कब से शुरू हुई गणतंत्र दिवस में मुख्य अतिथि बुलाने की परंपरा, जानें इतिहास से लेकर 2026 तक की कहानी
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Republic Day Chief Guest: भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि (Republic Day Chief Guest) को आमंत्रित करने की परंपरा उतनी ही पुरानी है जितनी कि गणतंत्र की स्थापना। 26 जनवरी 1950 को जब भारत का संविधान लागू हुआ और देश आधिकारिक रूप से गणतंत्र बना, उसी दिन इस प्रथा की शुरुआत हुई। उस समय भारत ने यह संदेश देने की कोशिश की कि यह अवसर केवल घरेलू उत्सव नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग और कूटनीतिक संबंध मजबूत करने का भी अवसर है।

Contents
पहला मुख्य अतिथि और उसके मायनेपहली गणतंत्र दिवस परेड का स्थानमुख्य अतिथि का चयन कैसे होता हैदिलचस्प तथ्य और पैटर्न2026 में कौन होंगे मुख्य अतिथिमुख्य अतिथि की उपस्थिति का महत्वभविष्य की परंपरा और संदेश

पहला मुख्य अतिथि और उसके मायने

1950 में भारत के पहले गणतंत्र दिवस पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णों को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। यह आमंत्रण महज औपचारिकता नहीं था। उस समय भारत और इंडोनेशिया दोनों ही नव स्वतंत्र राष्ट्र थे और यह कदम एशियाई देशों के बीच गुटनिरपेक्ष और मित्रवत संबंध स्थापित करने की भारत की नीति को दर्शाता था।

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पहली गणतंत्र दिवस परेड का स्थान

दिलचस्प तथ्य यह है कि पहली गणतंत्र दिवस परेड कर्तव्य पथ पर नहीं, बल्कि इरविन स्टेडियम (आज का नेशनल स्टेडियम, नई दिल्ली) में आयोजित की गई थी। 1955 से परेड का आयोजन राजपथ पर शुरू हुआ, जिसे अब कर्तव्य पथ के नाम से जाना जाता है। यह बदलाव समारोह को और अधिक भव्य और स्थायी बनाने के उद्देश्य से किया गया।

Republic Day Chief Guest
Republic Day Chief Guest

मुख्य अतिथि का चयन कैसे होता है

मुख्य अतिथि (Republic Day Chief Guest) के चयन की प्रक्रिया बेहद सावधानीपूर्वक की जाती है। लगभग 6 महीने पहले विदेश मंत्रालय इस प्रक्रिया को शुरू करता है। इसके लिए भारत की रणनीतिक, आर्थिक, राजनीतिक और कूटनीतिक प्राथमिकताओं के आधार पर एक शॉर्टलिस्ट तैयार की जाती है। इसके बाद अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की मंजूरी से लिया जाता है और औपचारिक रूप से राजकीय निमंत्रण भेजा जाता है।

दिलचस्प तथ्य और पैटर्न

अतीत के आंकड़ों में कुछ दिलचस्प रुझान देखने को मिलते हैं-

  • फ्रांस को सबसे ज्यादा बार (6 बार) मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।
  • 2018 में भारत ने ASEAN के सभी 10 देशों के नेताओं को एक साथ आमंत्रित किया, जो गणतंत्र दिवस के इतिहास में एक रिकॉर्ड है।
  • सुरक्षा कारणों, युद्ध या वैश्विक महामारी जैसे समय में कभी-कभी कोई मुख्य अतिथि नहीं बुलाया गया।

2026 में कौन होंगे मुख्य अतिथि

2026 में भारत का 77वां गणतंत्र दिवस यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व को मुख्य अतिथि (Republic Day Chief Guest) के रूप में आमंत्रित करके खास बना दिया गया है। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन 25 से 27 जनवरी तक अपनी राजकीय यात्रा के दौरान समारोह में शामिल होंगे। यह कदम भारत और यूरोपीय संघ के बढ़ते सहयोग और वैश्विक मंच पर सामरिक साझेदारी की दिशा में भारत की पहल को दर्शाता है।

मुख्य अतिथि की उपस्थिति का महत्व

मुख्य अतिथि (Republic Day Chief Guest) की मौजूदगी केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह देश की अंतरराष्ट्रीय छवि, कूटनीतिक सहयोग और वैश्विक संपर्क को मजबूत करती है। भारत के लिए यह अवसर यह दिखाने का भी माध्यम है कि देश राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से एक सक्रिय वैश्विक खिलाड़ी है।

भविष्य की परंपरा और संदेश

समय के साथ गणतंत्र दिवस (Republic Day Chief Guest) का यह आयाम और भी महत्वपूर्ण होता जा रहा है। भारत न केवल अपने स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों का उत्सव मनाता है, बल्कि दुनिया को यह भी दिखाता है कि साझेदारी और संवाद के माध्यम से वैश्विक स्थिरता और सहयोग संभव है। 2026 का यह समारोह इस परंपरा को और भी ऊंचाई देता है।

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