By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
LokhitkrantiLokhitkrantiLokhitkranti
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Reading: Changing Concept of Shubh Muhurat: मानो या न मानो, बदलती जीवनशैली के साथ क्यों बदल रहा है शुभ मुहूर्त का अर्थ?
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
LokhitkrantiLokhitkranti
Search
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
Lokhitkranti > लाइफस्टाइल > Changing Concept of Shubh Muhurat: मानो या न मानो, बदलती जीवनशैली के साथ क्यों बदल रहा है शुभ मुहूर्त का अर्थ?
लाइफस्टाइल

Changing Concept of Shubh Muhurat: मानो या न मानो, बदलती जीवनशैली के साथ क्यों बदल रहा है शुभ मुहूर्त का अर्थ?

Tej
Last updated: 2026-01-10 10:58 अपराह्न
Tej Published 2026-01-10
Share
Changing Concept of Shubh Muhurat
Changing Concept of Shubh Muhurat
SHARE

Changing Concept of Shubh Muhurat: हिंदू धर्म में शुभ मुहूर्त का अपना एक अलग ही महत्व है। जब भी कोई तीज-त्यौहार, शादी सीजन आता है तो ये सब काम बिना शुभ मुहूर्त करने से लोग थोड़ा परहेज करते है। ऐसे में एक सवाल जो बार-बार दिमाग में उठता है वह ये रहता है कि जब हर दिन ईश्वर का ही बनाया हुआ है, तो फिर कौन-सा दिन ज्यादा शुभ और कौन-सा कम? आखिर शुभ मुहूर्त (Changing Concept of Shubh Muhurat) की इतनी अनिवार्यता क्यों? चलिए जानते है इस सवाल का जवाब आज के इस आर्टिकल में।

Contents
क्या जीवन की बड़ी घटनाएं मुहूर्त देखकर (Changing Concept of Shubh Muhurat) होती हैं?Changing Concept of Shubh Muhurat: शास्त्र क्या कहते हैं?कृषि समाज से कॉर्पोरेट युग तक – मुहूर्त की कहानी (Changing Concept of Shubh Muhurat)आज के दौर में शुभता का नया अर्थतनाव बनाम शुभतापरंपरा और विवेक का संतुलन जरूरी

क्या जीवन की बड़ी घटनाएं मुहूर्त देखकर (Changing Concept of Shubh Muhurat) होती हैं?

जन्म, मृत्यु, बीमारी, ऋतु परिवर्तन या फूल का खिलना इनमें से कोई भी घटना मुहूर्त देखकर नहीं होती। न डॉक्टर ऑपरेशन के लिए ग्रह-नक्षत्र देखते हैं, न ट्रेन और फ्लाइट शुभ घड़ी का इंतजार करती हैं। प्रकृति अपने नियमों से चलती है, समय के साथ। फिर हमारा सामाजिक जीवन शुभ-अशुभ की इतनी सख्त सीमाओं में क्यों बंधा हुआ है?

अक्सर कहा जाता है कि शुभ मुहूर्त में विवाह करने से दांपत्य जीवन सफल होता है, लेकिन इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं मिलता। जो शादियां सफल रहीं, उनकी सफलता का श्रेय कभी मुहूर्त को नहीं दिया गया और जो असफल हुईं, उनकी जिम्मेदारी भी कोई नहीं लेता। असल में विवाह की सफलता समझ, संवाद, स्वभाव और परिस्थितियों पर निर्भर करती है।

Read More : नवरात्रि क्यों मनाई जाती है? जानें महत्व

Changing Concept of Shubh Muhurat: शास्त्र क्या कहते हैं?

 

महर्षि गुरु वशिष्ठ का प्रसिद्ध कथन है ‘हानि, लाभ, जीवन, मरण, यश, अपयश विधि हाथ।’ अर्थात जीवन की निर्णायक घटनाएं विधि के अधीन हैं, न कि किसी विशेष घड़ी के। यह कथन हमें याद दिलाता है कि समय से अधिक महत्वपूर्ण कर्म और विवेक हैं।

Changing Concept of Shubh Muhurat
Changing Concept of Shubh Muhurat

कृषि समाज से कॉर्पोरेट युग तक – मुहूर्त की कहानी (Changing Concept of Shubh Muhurat)

भारत कभी कृषि प्रधान देश था। जीवन खेतों के मौसम पर आधारित था बुवाई, कटाई, वर्षा और विश्राम। जब खेतों में काम कम होता था, तब विवाह और अन्य मांगलिक कार्य किए जाते थे। यही समय आगे चलकर शुभ मुहूर्त कहलाया। यानी मुहूर्त एक सामाजिक सुविधा था, कोई दिव्य आदेश नहीं।

आज का भारत पूरी तरह बदल चुका है। बहुराष्ट्रीय कंपनियां, स्टार्टअप, लंबी शिफ्ट्स, वर्क फ्रॉम होम और ग्लोबल टाइम जोन जीवनशैली कृषि युग से बिल्कुल अलग है। ऐसे में उपयुक्त समय की परिभाषा भी बदलना स्वाभाविक है।

आज के दौर में शुभता का नया अर्थ

आज के युवाओं के लिए वह दिन शुभ है:

  • जब आसानी से छुट्टी मिल सके
  • जब परिवार तनावमुक्त हो
  • जब खर्च अनावश्यक रूप से न बढ़े
  • जब रिश्तेदार सहजता से शामिल हो सकें

अगर शुभ मुहूर्त का दबाव परिवार में कलह, भागदौड़ और आर्थिक बोझ बढ़ा रहा है, तो क्या वह वास्तव में शुभ है?

तनाव बनाम शुभता

अक्सर घरों में सुनाई देता है ‘जल्दी करो, मुहूर्त निकल रहा है!’ इस हड़बड़ी में पूजा-पाठ और संस्कारों का मूल उद्देश्य ही खत्म हो जाता है। शुभ का अर्थ है शांति, सहजता और आनंद, न कि भय और तनाव।

विवाह दो लोगों और दो परिवारों की नई यात्रा की शुरुआत है। अगर यह शुरुआत ही तनाव और थकान से भरी हो, तो उसे शुभ कैसे कहा जा सकता है?

परंपरा और विवेक का संतुलन जरूरी

यह कहना गलत होगा कि जान-बूझकर अशुभ माना जाने वाला समय चुना जाए, लेकिन एक ही तारीख को सबसे शुभ मान लेने की जड़ता से बाहर आना जरूरी है। आज के समय में शुभ वही है, जब मन शांत हो और परिस्थितियां अनुकूल हों।

शास्त्र हमें दिशा देते हैं, जकड़ते नहीं। बदलते समय के साथ परंपराओं की व्याख्या भी बदलनी चाहिए यही सच्चा धर्म है।

ये भी पढ़ें- पहाड़ कटेंगे तो जीवन थमेगा, हमारी जीवनशैली और पर्यावरण की रीढ़ हैं पर्वत

You Might Also Like

Degree vs Marksheet Difference: मार्कशीट और डिग्री में क्या होता है फर्क? ज्यादातर लोग आज भी रहते हैं कन्फ्यूज

Coconut Water Soaked Dry Fruits: क्या सच में मिलते हैं दोगुने फायदे? एक्सपर्ट की राय जानिए

Summer Health Drinks: गर्मी में नारियल पानी फ्रिज में रखना सही या नहीं? जानिए कब बन जाता है नुकसानदायक

Top 5 Summer Hill Stations in India: गर्मियों की छुट्टियों में ठंडी राहत, भारत की 5 बेस्ट हिल डेस्टिनेशन जहां भागदौड़ से मिलेगा सुकून

Global Population Crisis: पृथ्वी की क्षमता से आगे निकल चुकी मानव आबादी, नई स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा

TAGGED:Cultural OpinionHindu PhilosophyIndian SocietyIndian TraditionsMarriage RitualsModern LifestyleShubh MuhuratSocial ChangeSpiritual ThoughtWedding Planning
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News

Monthly Magazine 05/2026

Manisha Manisha 2026-05-09
Yogi Cabinet Expansion: योगी मंत्रिमंडल में आज शामिल होंगे 6 नए चेहरे, जातीय समीकरण साधने की बड़ी तैयारी
Haryana Municipal Election Rally BJP: सांपला और उकलाना में गरजे मोहन लाल बड़ौली, निकाय चुनाव को लेकर बीजेपी का शक्ति प्रदर्शन
NEET UG News 2026: NEET UG 2026 पर बड़ा फैसला! पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द, जांच एजेंसियां अलर्ट
Mouni Roy: क्या टूटने वाली है ‘नागिन’ की शादी? पति से अनबन की खबरों के बीच सुर्खियों में एक्ट्रेस की दौलत
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

  • ताज़ा खबरे
  • बॉलीवुड
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • धर्म कर्म
  • वायरल
  • बिज़नेस

About US

लोकहित क्रांति न्यूज़ एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित को समर्पित डिजिटल समाचार मंच है। हमारा उद्देश्य देश–दुनिया की ताज़ा, सटीक और प्रमाणिक ख़बरें आप तक तेज़ी से पहुँचाना है।
Quick Link
  • About Us
  • Terms and Condition
  • DNPA Code of Ethics
Must Read
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Grievance Redressal Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Copyrights © Lokhit Kranti. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?