Delhi Bulldozer Action: दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में हाई कोर्ट के आदेश के तहत अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए देर रात कार्रवाई की गई। फैज़-ए-इलाही मस्जिद के आसपास पुलिस और MCD टीम ने 32 बुलडोजर, 50 डंपर और 200 से ज्यादा मजदूरों के साथ कार्रवाई की।
डीएमसी के अधिकारियों ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई केवल अवैध निर्माण पर केंद्रित थी, धार्मिक स्थल या मस्जिद पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
Delhi Bulldozer Action: कार्रवाई का समय और घटनाक्रम
- रात 12 बजे पुलिस तैनात
- रात 1 बजकर 23 मिनट पर पथराव शुरू
- करीब 10 मिनट तक पुलिस और भीड़ में झड़प
- आंसू गैस के गोले दागे गए
- रात 1:30 बजे बुलडोजर की कार्रवाई शुरू
- सुबह 7 बजे तक अतिक्रमण हटाया गया
- इस पूरे अभियान में पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर किया और स्थिति को काबू में किया।
पुलिस पर पथराव और गिरफ्तारी
अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई झड़प में 5 पुलिसकर्मी घायल हुए और 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया। ज्वाइंट कमिश्नर मधुर वर्मा ने बताया कि कार्रवाई पूरी तरह से हाई कोर्ट के आदेश के तहत हुई और सुरक्षा व्यवस्था पूरी की गई थी।

रात में कार्रवाई की वजह
दिल्ली नगर निगम के मेयर राजा इकबाल ने बताया कि अवैध निर्माण रामलीला ग्राउंड और मस्जिद के आसपास हुआ था। यह क्षेत्र 1940 में कब्रिस्तान के रूप में एलएनडीओ द्वारा आबंटित था। मेयर ने कहा कि कार्रवाई का मकसद केवल अवैध निर्माण को हटाना था, इसलिए इसे रात में किया गया ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
Delhi Bulldozer Action: मौलना का बयान
क्या कहा मेयर और अधिकारियों ने
मेयर ने साफ किया कि मस्जिद और धार्मिक स्थल को कोई नुकसान नहीं हुआ। MCD और पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह न्यायसंगत और कोर्ट के आदेश के अनुरूप थी। अधिकारी ने यह भी बताया कि कार्रवाई के दौरान कई डायवर्सन और सुरक्षा प्रबंध किए गए थे।
अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया
अवैध बैंक्वेट हॉल और अन्य निर्माण हटाए गए। बुलडोजर और डंपर के साथ अवैध निर्माण को पूरी तरह साफ किया गया। इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में रखा है। दिल्ली के तुर्कमान गेट पर बुलडोजर अभियान एक हाई कोर्ट आदेश के तहत कानूनी कार्रवाई थी। रात में कार्रवाई का उद्देश्य शांति और सुरक्षा बनाए रखना था। इस अभियान के दौरान हुई पथराव की घटनाओं को काबू में किया गया और भविष्य में ऐसे मामलों के लिए प्रशासन ने चेतावनी दी।



