रिपोर्टर कमलदीप
Delhi News : दिल्ली के निहाल विहार इलाके से ताल्लुक रखने वाला शकील सैफी एक बार फिर विवादों में घिर गया है। इस बार वह AK-47 जैसे प्रतिबंधित हथियार के साथ सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कर सुर्खियों में है। ये तस्वीरें कश्मीर और अन्य पर्यटन स्थलों की हैं, जहां वह स्वचालित हथियारों के साथ पोज देता नजर आ रहा है। सवाल उठता है कि एक आम नागरिक के हाथ में ऐसा घातक हथियार आखिर आया कैसे? क्या यह महज फॉलोअर्स बढ़ाने की कोशिश है या इसके पीछे कोई गंभीर साजिश है?
Delhi News : फाउंडेशन ने जताई राष्ट्रीय सुरक्षा पर चिंता
इस प्रकरण को लेकर हेल्प एशियन फाउंडेशन ने इसे देश की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और गाजियाबाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। संस्था ने स्पष्ट किया कि यह कोई व्यक्तिगत या जातीय मसला नहीं, बल्कि राष्ट्रहित से जुड़ा विषय है। शकील सैफी के सोशल मीडिया व्यवहार को युवाओं को गुमराह करने वाला और कानून के प्रति उपेक्षा का प्रतीक बताया गया है।
Delhi News : कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग, कई धाराएं लागू करने की अपील
ज्ञापन में मांग की गई है कि आरोपी पर BNS 2023 की धारा 61 (आपराधिक साजिश), धारा 196 (साम्प्रदायिक सद्भाव को नुकसान), Arms Act 1959 की धारा 25 और 27 (अवैध हथियार प्रदर्शन), IT Act 2000 की धारा 67 व 69 और UAPA व NSA जैसी गंभीर धाराएं लगाकर सख्त कार्रवाई की जाए। संस्था का तर्क है कि ऐसे मामले सिर्फ ‘शो ऑफ’ नहीं हो सकते—बल्कि यह संभावित राष्ट्रविरोधी साजिश का संकेत हो सकते हैं।
Delhi News : सवालों के घेरे में सोशल मीडिया और सतर्कता व्यवस्था
यह मामला देश में सोशल मीडिया के माध्यम से हथियारों की नुमाइश और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। अगर हथियार असली है, तो यह कहां से और कैसे मिला? और अगर ये महज दिखावा है, तो कानून की धज्जियां उड़ाना क्या सिर्फ लाइक्स पाने के लिए जायज़ हो गया है? हेल्प एशियन फाउंडेशन ने मांग की है कि आरोपी की डिजिटल फॉरेंसिक जांच कर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जाए ताकि देश की सुरक्षा, अखंडता और कानून व्यवस्था पर कोई आंच न आने पाए।



