Ghaziabad News : कल पूरे देश में बकरीद का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा, लेकिन इस बार उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से भाजपा के लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर के बयान ने सुर्खियां बटोरी हैं। बकरीद से ठीक पहले उन्होंने कहा कि पैगंबर मोहम्मद मांसाहारी नहीं थे, बल्कि वे शुद्ध शाकाहारी थे और मांस या बकरी का सेवन नहीं करते थे। इसके साथ ही उन्होंने पशुओं की कुर्बानी पर भी रोक लगाने की मांग की है।
विधायक नंदकिशोर ने कहा कि मोहम्मद साहब को लौकी और तोरई की सब्जी पसंद थी, वे अपने जीवन में गाय-भैंस के दूध को भी पवित्र मानते थे और हमेशा पशु संरक्षण की बात करते थे। उन्होंने मांसाहार से होने वाली बीमारियों की भी चेतावनी दी और कहा कि इसलिए पैगंबर पशुओं की कुर्बानी के पक्ष में नहीं थे।
Ghaziabad News : पशुओं की कुर्बानी पर रोक लगाने की मांग
नंदकिशोर गुर्जर ने पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखकर बकरीद के दिन पशु काटने पर रोक लगाने और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि पशुओं की कुर्बानी से सामाजिक माहौल प्रभावित होता है और इस वजह से इसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। विधायक ने यह भी सुझाव दिया है कि मुस्लिम समुदाय इस बार केक का बकरा बनाकर बकरीद मनाए, जिससे पशुओं की कुर्बानी से होने वाली सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचा जा सके।
Ghaziabad News : बकरीद की तैयारियां जोरों पर
वहीं, मुस्लिम समाज बकरीद के पावन पर्व की तैयारियों में पूरी तरह जुटा हुआ है। गाजियाबाद के बकरा मंडी में लाखों बकरे बिक्री के लिए पहुंच चुके हैं और खरीदारों की भीड़ भी देखने को मिल रही है। त्योहार की खुशियों के बीच विधायक का यह बयान अब विवाद का विषय बना हुआ है और मुस्लिम समाज की ओर से प्रतिक्रिया आना शुरू हो गई है।
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