Women Reservation Bill: हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। रोहतक स्थित भाजपा मुख्यालय ‘मंगल कमल’ से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए उसे विकास और महिला सशक्तिकरण (Women Reservation Bill) का विरोधी करार दिया। उनकी यह प्रेस कॉन्फ्रेंस केवल राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि आगामी चुनावी रणनीति का संकेत भी मानी जा रही है, जिसमें महिला मुद्दों को केंद्र में रखा जा रहा है।
कांग्रेस पर विकास रोकने का आरोप
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि जब भी केंद्र सरकार देश के विकास के लिए कोई नई योजना (Women Reservation Bill) लेकर आती है, कांग्रेस उसमें बाधाएं खड़ी करने लगती है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की राजनीति रचनात्मक सहयोग के बजाय अवरोध पैदा करने तक सीमित हो गई है। सैनी के अनुसार, यह रवैया देशहित के खिलाफ है और जनता अब इसे समझने लगी है।
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राहुल गांधी की राजनीति पर निशाना
अपने संबोधन में सैनी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी की राजनीति अब केवल भ्रम फैलाने और मुद्दों को लटकाने तक सीमित रह गई है। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान का हवाला देकर जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है, जबकि वास्तविकता में कांग्रेस अपने घटते जनाधार से चिंतित है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम बना केंद्र बिंदु
इस पूरी राजनीतिक बहस का केंद्र ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (Women Reservation Bill) रहा। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने महिलाओं को उनके अधिकार देने में हमेशा देरी की और अब भी बाधा डालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि संसद में महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने जैसी घटनाएं लोकतंत्र के मूल्यों के खिलाफ हैं। सैनी ने इस मुद्दे को ऐतिहासिक संदर्भ से जोड़ते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों को रोकने का प्रयास किसी भी युग में उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आज का भारत महिलाओं को नेतृत्व की मुख्यधारा में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व का जिक्र
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने महिला सशक्तिकरण को केवल नीतियों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे जमीनी स्तर पर लागू करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं (Women Reservation Bill) की भागीदारी को ‘दया’ नहीं बल्कि ‘संवैधानिक अधिकार’ के रूप में स्थापित किया गया है।
परिवारवाद बनाम महिला नेतृत्व की बहस
सैनी ने कांग्रेस पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी को इस बात का डर है कि यदि महिलाएं बड़े पैमाने पर राजनीति में आगे आईं, तो उनकी पारंपरिक सत्ता संरचना कमजोर हो जाएगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा महिलाओं (Women Reservation Bill) को नेतृत्व में आगे लाकर राजनीति की दिशा बदलना चाहती है।
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परिसीमन और जनसंख्या का मुद्दा
प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने परिसीमन के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि देश की कई लोकसभा सीटों पर जनसंख्या तेजी से बढ़ चुकी है, जिससे प्रतिनिधित्व का संतुलन बिगड़ रहा है। ऐसे में सीटों की संख्या बढ़ाना समय की जरूरत है। उन्होंने विपक्ष पर इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि यह केवल राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है।
बदलती राजनीतिक रणनीति का संकेत
रोहतक से दिया गया यह बयान केवल वर्तमान राजनीतिक हालात पर प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि भविष्य की रणनीति का संकेत भी है। भाजपा अब महिला सशक्तिकरण को एक प्रमुख चुनावी मुद्दे के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम करती नजर आ रही है। वहीं कांग्रेस को महिला विरोधी छवि के रूप में पेश करने की कोशिश भी साफ दिखाई देती है।
जनता के बीच सीधी लड़ाई की तैयारी
मुख्यमंत्री सैनी के बयान से यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में राजनीतिक बहस और तेज होगी। महिला अधिकार, विकास और नेतृत्व जैसे मुद्दे चुनावी विमर्श के केंद्र में रहेंगे। भाजपा जहां अपने कार्यों और नीतियों को उपलब्धि के रूप में पेश करेगी, वहीं कांग्रेस को रक्षात्मक भूमिका में धकेलने की रणनीति अपनाई जाएगी।
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