Ghaziabad News : गाजियाबाद जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां थाना कौशाम्बी पुलिस टीम द्वारा अनुचित लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से अपनी सही पहचान छुपाते हुए फर्जी दस्तावेज बनाकर लोक सेवक (गल्फ देश के हाई कमिश्नर) का प्रतिरुपण कर अधिकारियों एवं लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जिसके कब्जे से 1 आईडी कार्ड, 42 विजिटिंग कार्ड, 1 लाल नीली बत्ती, 1 प्लेट नम्बर HR 26 CN 0088 व 1 नीले रंग की प्लेट नम्बर 88 CD 01 लगी हुई काले रंग की मर्सिडीज कार बरामद की गई है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने उच्च पदों के प्रभाव का इस्तेमाल कर अनुचित लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से यह धोखाधड़ी की थी। गिरफ्तार अभियुक्त से पूछताछ जारी है, और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस मामले में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं, क्योंकि आरोपी का गिरोह अन्य लोगों को भी धोखा देने का प्रयास कर सकता था। गाजियाबाद पुलिस ने इस गिरफ्तारी को महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि वे ऐसे धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेंगे।

डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटिल ने मामले में जानकारी देते हुए बताया कि कृष्ण गोपाल राणा आगरा यूनिवर्सिटी में 1982 से 2015 तक जूलोजी के प्रोफेसर रहे। उनका आगरा में कृष्णा कालेज आफ साइंस एंड टेक्नोलाजी के नाम से कॉलेज और राजस्थान में एक रिसोर्ट भी है। रिटायरमेंट के बाद आरोपी 2015 से 2018 तक केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय में अप्रेजल अथॉरिटी थे, जहां इनका काम पर्यावरण से जुड़ी क्लियरिंग देना था। जिसके बाद 2018 से 2024 तक कुमाऊं यूनिवर्सिटी नैनीताल, वर्ष 2020-21 में अल्मोड़ा रेजिडेंशियल यूनिवर्सिटी, वर्ष 2021-22 में मेवाड़ यूनिवर्सिटी और सबसे आखिर में जयपुर में टेक्निकल यूनिवर्सिटी में वर्ष 2022-24 तक वाइस चांसलर रहा। बीते साल अगस्त में उन्हें इंडिया जीसीसी ट्रेड काउंसिल नामक एनजीओ का सदस्य बनने के बाद ट्रेड कमिश्नर बनाया गया। उसके बाद से ही वह खुद को हाई कमीशन बताकर घूमने लगा और प्रोटोकॉल मांगने लगा। पुलिस का कहना है कि आरोपी का पीए फरार है, उसकी तलाश की जा रही है।
डीसीपी निमिष पाटील ने क्या बताया सुने…



