Mahakhumbh 2025 : अनोखी आंखो की जांच
प्रयागराज के संगम में कुंभ मेले के दौरान एक अनोखी पहल देखने को मिली, जहां नागा साधुओं की पीठ पर लोगों की आंखों की जांच (आई टेस्ट) की गई। शरीर पर भस्म लगाए इन साधुओं की पीठ पर वे अक्षर लिखे गए थे, जिनका उपयोग आंखों के डॉक्टर नजर जांचने के लिए करते हैं। इस अनूठी पहल को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्सुकता देखी गई।
Mahakhumbh 2025 : क्या हैं पूरा मामला ?
संगम के तट पर आइबेट्स नामक एक कैंप लगाया गया, जहां जरूरतमंदों के लिए मधुमेह से जुड़ी आंखों की समस्याओं और दृष्टिहीनता का मुफ्त परीक्षण किया गया। 10 फरवरी से शुरू हुआ यह शिविर कुंभ मेले की समाप्ति तक जारी रहेगा। नागा अखाड़े के एक प्रवक्ता ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि “शारीरिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, और यह सेवा कुंभ मेले में आए असंख्य श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत उपयोगी रही।” आइबेट्स फाउंडेशन के डॉ. निशांत कुमार ने बताया कि उनके अध्ययनों से यह पता चला है कि भारत में 60% से अधिक लोगों को चश्मे की जरूरत होती है, लेकिन वे बिना चश्मे के ही रहते हैं। साथ ही, 60% प्री-डायबिटीज़ या शुरुआती मधुमेह रोगियों का सही समय पर निदान नहीं हो पाता। ये दोनों स्थितियां आपस में जुड़ी हुई हैं और इनसे उत्पन्न जटिलताओं को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता और जांच की जरूरत है।
संस्था का मानना है कि भारत में लगभग 10 करोड़ लोग मधुमेह से जुड़ी जटिलताओं के खतरे में हैं, जिनमें दृष्टि बाधित होना भी शामिल है, और अगले दशक में यह संख्या दोगुनी होने की संभावना है। महाकुंभ जैसे बड़े आयोजन के माध्यम से इस तरह की स्वास्थ्य सेवाएं लाखों लोगों तक पहुंच सकती हैं। इस शिविर में करीब 100 प्रशिक्षित कर्मचारियों ने लोगों की आंखों की मुफ्त जांच की और 50,000 से अधिक चश्मे वितरित किए। नागा साधुओं की इस अनोखी भागीदारी ने स्वास्थ्य और आध्यात्मिकता के बीच के गहरे संबंध को दर्शाया और लाखों लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया।
गौरतलब है कि आइबेट्स फाउंडेशन एक गैर-लाभकारी संगठन है, जिसे 2016 में डॉ. निशांत कुमार, डॉ. शिशिर कुमार और प्रोफेसर मीनाक्षी कुमार द्वारा स्थापित किया गया था। यह संस्था मधुमेह और रोके जा सकने वाले अंधेपन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए काम कर रही है और भारत में इस दिशा में कार्य करने वाले सबसे बड़े संगठनों में से एक है।
https://lokhitkranti.com/up-news-the-constables-had-dragged-the-sp-for-two-hundred-meters-had-said-today-is-your-last-day-the-court-declared-him-guilty/



