Ghaziabad News : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक महिला शेयर ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी का शिकार हो गई। उसने करीब 26.51 लाख रुपये गंवा दिए। जब उसने शिकायत दर्ज कराने के लिए साइबर क्राइम सेल का नंबर इंटरनेट पर खोजा, तो वह भी ठगों का ही निकला। ठगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर महिला से आठ हजार रुपये फीस के तौर पर ट्रांसफर करवा लिए और उसे सीतापुर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा। जब वह वहां पहुंची, तो असली पुलिस ने बताया कि उसके साथ दो बार ठगी हो चुकी है। महिला की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
Ghaziabad News : ग्रुप में जुड़े थे 100 लोग
लैंडक्राफ्ट सोसायटी की रहने वाली पल्लवी अग्रवाल को दिसंबर में इंस्टाग्राम पर एक लिंक मिला, जिससे वह एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ गईं। ग्रुप का नाम एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज ए71 था, जिसमें करीब 100 लोग शामिल थे। कुछ दिनों तक उन्होंने ग्रुप में लोगों को शेयर ट्रेडिंग से मुनाफे की बातें करते देखा। इससे प्रभावित होकर पल्लवी ने ग्रुप एडमिन नीना गुप्ता और अजय गर्ग से संपर्क किया।
Ghaziabad News : लिंक भेज डाउनलोड कराया एप
ठगों ने पीड़िता को एक लिंक भेजकर एक ऐप डाउनलोड करवाया। शुरुआत में उन्होंने कम शेयर खरीदने और बेचने की सलाह देकर थोड़ा मुनाफा दिलाया, जिससे पीड़िता का भरोसा बढ़ गया। इसके बाद, ठगों ने आईपीओ (IPO) में निवेश करने पर बड़े मुनाफे का लालच दिया। जब पीड़िता ने निवेश किया, तो उन्होंने कहा कि उनका खाता फ्रीज हो गया है और अब उसे और ज्यादा पैसे जमा करने होंगे।
Ghaziabad News : ऐसे लिया झांसे में
पीड़िता ने जब अपने ट्रेडिंग अकाउंट में मौजूद पैसों से मांगी गई रकम समायोजित करने को कहा, तो ठगों ने मना कर दिया। उन्होंने 11 बार में कुल 26.51 लाख रुपये निवेश कराए, लेकिन पैसे निकालने नहीं दिए। जब पीड़िता ने दबाव डाला, तो ठगों ने कहा कि रुपये निकालने के लिए 10 लाख रुपये टैक्स भरना होगा।
Ghaziabad News : शिकायत दर्ज करने के नाम पर ठगा
साइबर ठगी से परेशान पीड़िता ने ऑनलाइन एक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करनी चाही, लेकिन गलती से ठगों के बनाए लिंक पर क्लिक कर दिया।18 जनवरी को मोहित नाम के व्यक्ति ने फोन कर खुद को साइबर क्राइम अधिकारी बताया और शिकायत दर्ज करने के लिए पीड़िता से सभी ट्रांजेक्शन डिटेल्स ले लीं। 21 जनवरी को एक और कॉल आया। इस बार मानिक नाम के व्यक्ति ने कहा कि उनकी शिकायत पर 13 बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं और पैसे वापस पाने के लिए उन्हें सीतापुर कोतवाली देहात आना होगा। ठगों ने केस खर्च और रिकवरी के नाम पर 7,950 रुपये ट्रांसफर करवा लिए। 22 जनवरी को जब पीड़िता असली पुलिस के पास पहुंची, तो पता चला कि उनके साथ दो बार ठगी हो चुकी है। थाने में उनकी कोई शिकायत दर्ज नहीं थी, और न ही मोहित या मानिक नाम के कोई पुलिसकर्मी वहां तैनात थे।



