Portable ECG Device Startup: उत्तराखंड से निकला एक छोटा सा स्टार्टअप आज हेल्थ टेक सेक्टर में बड़ी पहचान बन चुका है। दिल की बीमारियों की समय पर पहचान और आसान जांच को लेकर शुरू हुई यह पहल अब करोड़ों की कंपनी में बदल चुकी है। देहरादून से शुरू हुई Sunfox Technologies ने एक ऐसा पोर्टेबल डिवाइस तैयार किया है, जिसने भारी-भरकम ECG मशीन को लोगों की जेब तक पहुंचा दिया। यह Portable ECG Device Startup आज न केवल भारत बल्कि दुनिया के 25 देशों में अपनी सेवाएं दे रहा है।
साल 2016 में शुरू हुए इस स्टार्टअप की कहानी सिर्फ बिजनेस सफलता की नहीं, बल्कि एक ऐसे इनोवेशन की है जिसने हेल्थकेयर सेक्टर में नई सोच को जन्म दिया। कंपनी का दावा है कि उसकी तकनीक से कोई भी व्यक्ति कुछ ही मिनटों में अपने दिल की जांच कर सकता है।
कॉलेज से शुरू हुआ स्टार्टअप का सफर
Sunfox Technologies की शुरुआत उस समय हुई जब 21 वर्षीय Rajat Jain देहरादून की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे। उनके साथ उनके भाई Arpit Jain और कुछ दोस्तों ने मिलकर इस आइडिया पर काम शुरू किया। टीम का उद्देश्य था कि ECG जैसी जरूरी जांच को आम लोगों तक आसान और सस्ते तरीके से पहुंचाया जाए।
उस समय बाजार में उपलब्ध ECG मशीनें महंगी और बड़ी होती थीं। इन्हें ऑपरेट करने के लिए प्रशिक्षित स्टाफ की जरूरत पड़ती थी। ऐसे में टीम ने एक छोटे, बैटरी से चलने वाले डिवाइस पर काम शुरू किया, जिसे बाद में ‘स्पंदन’ नाम दिया गया।
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क्या है स्पंदन ECG डिवाइस?
यह Portable ECG Device Startup द्वारा तैयार किया गया स्पंदन डिवाइस एक पॉकेट साइज ECG मशीन है। यह स्मार्टफोन से कनेक्ट होकर काम करती है और कुछ मिनटों में ECG रिपोर्ट तैयार कर देती है। इसकी मदद से कोई भी व्यक्ति कहीं भी और कभी भी अपने दिल की जांच कर सकता है।
कंपनी के अनुसार इस डिवाइस की सटीकता जांचने के लिए कई वर्षों तक रिसर्च और ट्रायल किए गए। साल 2016 से 2021 तक यह प्रोडक्ट लगातार रिसर्च और डेवलपमेंट फेज में रहा। बाद में इसे आधिकारिक रूप से लॉन्च किया गया।
इस डिवाइस को सबसे बड़ी पहचान तब मिली जब यह लोकप्रिय बिजनेस शो Shark Tank India में पहुंचा। वहां इसे निवेशकों से सराहना और फंडिंग दोनों मिली। इसके बाद कंपनी ने तेजी से विस्तार करना शुरू किया।
500 करोड़ की कंपनी बनने तक का सफर
साल 2022 में कंपनी ने अपने पोर्टेबल ECG डिवाइस का बड़े स्तर पर उत्पादन शुरू किया। इसके बाद मार्केट में इसकी मांग तेजी से बढ़ी। आज यह Portable ECG Device Startup लगभग 500 करोड़ रुपये की वैल्यू तक पहुंच चुका है।
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कंपनी के पांच डायरेक्टर्स अलग-अलग बैकग्राउंड से आते हैं। कोई आईटी विशेषज्ञ है तो कोई फाइनेंस और मार्केटिंग से जुड़ा हुआ है। शुरुआती दौर में टीम के पास सीमित संसाधन थे, लेकिन यूनिक आइडिया और मेहनत के दम पर उन्होंने धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाई।
कंपनी के को-फाउंडर अर्पित जैन ने बताया कि शुरुआत में लोगों को इस तकनीक पर भरोसा दिलाना सबसे बड़ी चुनौती थी। कई बार फंडिंग और मैनपावर की समस्या भी सामने आई, लेकिन टीम ने हार नहीं मानी।
दोस्त की मौत ने बदल दी सोच
अर्पित जैन के अनुसार उनके एक दोस्त की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इसी घटना ने उन्हें इस दिशा में सोचने के लिए प्रेरित किया। अस्पताल में महंगी ECG मशीनें और सीमित सुविधाएं देखकर उन्होंने ऐसा समाधान तैयार करने का फैसला किया, जो आम लोगों की पहुंच में हो।
उन्होंने कहा कि स्पंदन डिवाइस सिर्फ एक मशीन नहीं, बल्कि समय पर दिल की बीमारी पहचानने का आसान माध्यम है। आज कंपनी का पूरा सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर सिस्टम ‘मेक इन इंडिया’ मॉडल पर आधारित है।
25 देशों में पहुंची उत्तराखंड की तकनीक
आज यह Portable ECG Device Startup दुनिया के 25 देशों में अपनी सेवाएं दे रहा है। कंपनी के अनुसार 60 हजार से ज्यादा डिवाइस अलग-अलग देशों में इस्तेमाल हो रही हैं। अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका जैसे क्षेत्रों में भी कंपनी तेजी से अपने नेटवर्क का विस्तार कर रही है।
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Rajat Jain का कहना है कि पहले विदेशी टेक कंपनियां भारत आती थीं, लेकिन अब भारतीय कंपनियां दुनिया में अपनी तकनीक पहुंचा रही हैं। यह भारत के टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
चारधाम यात्रा में मुफ्त ECG सेवा
उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में भी कंपनी अपनी सेवाएं दे रही है। कंपनी ने केदारनाथ सहित चारों धामों में मुफ्त ECG जांच सुविधा उपलब्ध कराई है। पहाड़ी क्षेत्रों में हार्ट अटैक की घटनाओं को देखते हुए यह पहल काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कंपनी का मानना है कि पोर्टेबल ECG डिवाइस दूर-दराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। जहां बड़ी मशीनें और विशेषज्ञ डॉक्टर आसानी से उपलब्ध नहीं होते, वहां यह तकनीक जीवन बचाने में मददगार साबित हो सकती है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बनी यह कहानी
देहरादून के एक छोटे इनोवेशन सेंटर से शुरू हुआ यह सफर आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है। करीब 200 कर्मचारियों वाली यह कंपनी लगातार नई तकनीकों पर काम कर रही है।
Portable ECG Device Startup की यह सफलता बताती है कि सही सोच, तकनीक और लगातार मेहनत के दम पर छोटे शहरों से निकले युवा भी वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
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