Economic Self Reliance: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Dhami ने PM Modi की हालिया अपील को देशहित में बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए लोगों से इसे जन आंदोलन का रूप देने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा संसाधनों की बचत, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना और अनावश्यक खर्चों को कम करना केवल व्यक्तिगत फैसले नहीं हैं, बल्कि ये देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम हैं।
उन्होंने कहा कि आज दुनिया जिस आर्थिक और वैश्विक अस्थिरता के दौर से गुजर रही है, उसमें भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। मुख्यमंत्री के मुताबिक यदि लोग छोटे-छोटे संकल्प लें और उन्हें अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, तो देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में बड़ा योगदान दिया जा सकता है।
Economic Self Reliance की दिशा में जरूरी हैं छोटे कदम
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की अपील केवल आर्थिक बचत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह Economic Self Reliance यानी आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक व्यापक सोच को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि लोगों को विदेश यात्राओं को टालने, स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने और ईंधन की खपत कम करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
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उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा उपयोग करने से न केवल पेट्रोल-डीजल की खपत कम होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने लोगों से ऊर्जा की बचत करने की अपील करते हुए कहा कि बिजली और ईंधन का सीमित उपयोग भविष्य की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा विषय है।
सोने की खरीद और अनावश्यक खर्च पर संयम की सलाह
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि लोग एक वर्ष तक सोने के आभूषणों की खरीद से बचें और जरूरत के हिसाब से खर्च करें, तो इससे देश की विदेशी मुद्रा पर पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है। उन्होंने बताया कि भारत दुनिया के बड़े गोल्ड इम्पोर्ट देशों में शामिल है और भारी मात्रा में सोना विदेशों से आयात किया जाता है।
ऐसे में यदि लोग कुछ समय तक संयम बरतें, तो यह कदम राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि आर्थिक चुनौतियों के समय देशहित को सर्वोपरि रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
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खेती में प्राकृतिक खाद को बढ़ावा देने की अपील
मुख्यमंत्री धामी ने खेती में रासायनिक उर्वरकों के बजाय प्राकृतिक खाद के उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे किसानों की लागत कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती और स्थानीय संसाधनों का उपयोग भारत को टिकाऊ विकास की दिशा में आगे ले जा सकता है। मुख्यमंत्री के अनुसार यह केवल खेती का विषय नहीं, बल्कि Economic Self Reliance से जुड़ा व्यापक अभियान है, जिसमें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की क्षमता है।
उन्होंने लोगों से खाद्य तेल और अन्य जरूरी वस्तुओं के सीमित एवं संतुलित उपयोग की भी अपील की। उनका कहना था कि संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करना आज समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है।
देवभूमि के लोगों से विशेष उम्मीद
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लोग हमेशा राष्ट्रहित के मुद्दों पर आगे रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि देवभूमि के नागरिक प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान को गंभीरता से लेते हुए इसे जन आंदोलन में बदल देंगे।
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उन्होंने कहा कि “वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” जैसे अभियानों को सफल बनाने के लिए केवल सरकार के प्रयास काफी नहीं हैं। इसके लिए हर नागरिक को अपने स्तर पर योगदान देना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब लोग स्थानीय उत्पादों को खरीदते हैं और स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देते हैं, तो इससे छोटे कारोबारियों, किसानों और स्थानीय उद्योगों को सीधा फायदा मिलता है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
वैश्विक हालात के बीच भारत की आर्थिक तैयारी
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर जारी तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता का असर भारत जैसे विकासशील देशों पर पड़ सकता है। ऐसे समय में सरकार लगातार लोगों को संसाधनों के समझदारी से उपयोग करने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि नागरिक सरकार की अपीलों पर अमल करें, तो आने वाले समय में भारत आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत बन सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि Economic Self Reliance केवल सरकारी नीतियों से नहीं आएगी, बल्कि यह लोगों की सोच और व्यवहार में बदलाव से संभव होगी। छोटे-छोटे प्रयास मिलकर देश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दे सकते हैं।
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