BC Khanduri Death: उत्तराखंड की राजनीति और जनसेवा से जुड़ा एक बड़ा अध्याय मंगलवार को समाप्त हो गया। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय सेना के पूर्व मेजर जनरल रहे भुवन चंद्र खंडूड़ी के निधन की खबर से पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। BC Khanduri Death सामने आने के बाद राज्य सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित कर दिया है। सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार इस दौरान सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे और राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री के सम्मान में आज यानी 20 मई को राज्य के सभी सरकारी, गैर सरकारी और निजी स्कूलों को भी बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
भुवन चंद्र खंडूड़ी लंबे समय तक उत्तराखंड की राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे। उन्हें एक ईमानदार, अनुशासित और विकासवादी नेता के रूप में जाना जाता था। उनके निधन की खबर के बाद राजनीतिक, सामाजिक और सैन्य जगत से जुड़े लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
तीन दिन का राजकीय शोक घोषित
राज्य सरकार की ओर से जारी आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी के निधन पर पूरे उत्तराखंड में तीन दिन का राजकीय शोक रहेगा। इस दौरान राज्यभर में किसी भी प्रकार के सरकारी मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे। साथ ही सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।
BC Khanduri Death के बाद शासन ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी अंत्येष्टि पूरे राजकीय सम्मान और पुलिस सलामी के साथ संपन्न कराई जाएगी। सरकार ने सभी जिलाधिकारियों और विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
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आज बंद रहेंगे स्कूल और सरकारी कार्यालय
पूर्व मुख्यमंत्री के सम्मान में राज्य सरकार ने 20 मई को सभी शैक्षणिक संस्थानों और कार्यालयों को बंद रखने का फैसला लिया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय और प्रारंभिक शिक्षा विभाग की ओर से सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश भेजे गए हैं।
आदेश में कहा गया है कि राज्य के अंतर्गत संचालित सभी सरकारी, अशासकीय और निजी विद्यालय आज बंद रहेंगे। इसके अलावा सरकारी कार्यालयों में भी अवकाश घोषित किया गया है। BC Khanduri Death के बाद प्रदेशभर के स्कूलों और संस्थानों में शोक सभा आयोजित किए जाने की भी संभावना है।
राजनीति से पहले सेना में निभाई बड़ी जिम्मेदारी
भुवन चंद्र खंडूड़ी केवल एक राजनेता ही नहीं बल्कि भारतीय सेना के सम्मानित अधिकारी भी रहे। उनका जन्म 1 अक्टूबर 1933 को पौड़ी गढ़वाल में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1954 से 1990 तक भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दीं। करीब 36 वर्षों तक सेना में रहते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान वे रेजीमेंट कमांडर रहे। सेना में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें वर्ष 1982 में अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया था। BC Khanduri Death के बाद सेना से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
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दो बार संभाली उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी
उत्तराखंड राज्य गठन के बाद भुवन चंद्र खंडूड़ी ने प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे दो बार राज्य के मुख्यमंत्री बने। पहली बार उन्होंने 8 मार्च 2007 से 27 जून 2009 तक मुख्यमंत्री पद संभाला। इसके बाद वर्ष 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के इस्तीफे के बाद उन्हें फिर मुख्यमंत्री बनाया गया।
दूसरी बार वे 11 सितंबर 2011 से 2012 तक मुख्यमंत्री रहे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा दिया। BC Khanduri Death के बाद लोग उनके सादगीपूर्ण और अनुशासित जीवन को याद कर रहे हैं।
शिक्षा और राजनीतिक सफर
भुवन चंद्र खंडूड़ी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय, सैन्य अभियांत्रिकी महाविद्यालय पुणे, इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स नई दिल्ली और रक्षा प्रबंध संस्थान सिकंदराबाद जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षा प्राप्त की थी।
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सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और गढ़वाल लोकसभा सीट से कई बार सांसद चुने गए। वे भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे और उत्तराखंड में पार्टी को मजबूत करने में उनकी बड़ी भूमिका रही।
राष्ट्रपति से लेकर पीएम मोदी तक ने जताया शोक
BC Khanduri Death सामने आने के बाद राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें उत्तराखंड के विकास और जनसेवा के लिए समर्पित नेता बताया।
वहीं भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के नेताओं ने उनके निधन को प्रदेश की बड़ी क्षति कहा है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी उनके निधन पर गहरा दुख जताया।
ईमानदार छवि और अनुशासन के लिए याद किए जाएंगे खंडूड़ी
भुवन चंद्र खंडूड़ी की पहचान एक साफ-सुथरी छवि वाले नेता के रूप में रही। राजनीति में रहते हुए उन्होंने हमेशा अनुशासन, ईमानदारी और जनहित को प्राथमिकता दी। प्रदेश में सड़क, शिक्षा और प्रशासनिक सुधारों को लेकर उनके फैसलों को आज भी याद किया जाता है।
BC Khanduri Death ने उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश को भावुक कर दिया है। उनका निधन एक ऐसे नेता की विदाई है, जिसने सेना से लेकर राजनीति तक हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई। उत्तराखंड की जनता उन्हें एक कर्मठ सैनिक, ईमानदार राजनेता और विकास पुरुष के रूप में हमेशा याद रखेगी।
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