Yamuna River Boat Capsize: उत्तर प्रदेश के Hamirpur में यमुना नदी पर हुआ नाव हादसा पूरे इलाके को झकझोर गया। एक छोटी सी इच्छा, तरबूज खाने की चाह और कुछ देर की लापरवाही ने छह लोगों की जान ले ली। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और हर किसी की जुबान पर बस यही सवाल है कि अगर थोड़ी सावधानी बरती जाती तो शायद इतने घर उजड़ने से बच जाते।
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Yamuna River Boat Capsize: विष्णु निषाद ने जताई थी तरबूज खाने की इच्छा
बुधवार शाम को यह हादसा उस समय हुआ जब कुछ लोग नाव के जरिए यमुना नदी पार कर खेतों की तरफ जा रहे थे। बताया जा रहा है कि नदी के उस पार बड़े पैमाने पर तरबूज की खेती होती है। गांव के रहने वाले विष्णु निषाद ने अपने साथियों से तरबूज खाने की बात कही थी। इसके बाद कई लोग नाव में बैठकर नदी पार करने निकल पड़े। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन बीच नदी में पहुंचते ही नाव अचानक असंतुलित हो गई।
Yamuna River Boat Capsize:बीच नदी में अचानक पलट गई नाव
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक नाव में जरूरत से ज्यादा लोग बैठे थे। इसके अलावा नदी में पानी का बहाव भी तेज था। कुछ लोगों ने नाविक को सावधानी बरतने के लिए कहा भी था, लेकिन किसी ने खतरे को गंभीरता से नहीं लिया। थोड़ी ही देर बाद नाव डगमगाने लगी और देखते ही देखते पलट गई। नाव पलटते ही नदी में चीख-पुकार मच गई। कई लोग तैरकर बाहर निकलने की कोशिश करने लगे, लेकिन तेज धारा ने उन्हें संभलने का मौका नहीं दिया।
Yamuna River Boat Capsize: ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर बचाए लोग
हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर नदी में कूदकर बचाव कार्य शुरू किया। कुछ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन कई लोग पानी में लापता हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद SDRF और गोताखोरों की मदद से पूरी रात रेस्क्यू अभियान चलाया गया।
Yamuna River Boat Capsize: सुबह तक मिले 6 लोगों के शव
गुरुवार सुबह तक छह लोगों के शव नदी से बाहर निकाले जा चुके थे। मृतकों में युवा और बुजुर्ग दोनों शामिल बताए जा रहे हैं। जैसे ही शव गांव पहुंचे, वहां चीख-पुकार मच गई। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। कई घरों में एक साथ मातम छा गया। गांव की महिलाएं और बच्चे लगातार रोते दिखाई दिए। पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है।
Yamuna River Boat Capsize: ग्रामीणों ने प्रशासन पर उठाए सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घाट पर पहले भी कई बार हादसे हो चुके हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। कई बार प्रशासन से पक्का पुल या सुरक्षित नाव व्यवस्था की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई बड़ा कदम नहीं उठाया गया। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते व्यवस्था सुधारी जाती तो इतनी बड़ी घटना शायद नहीं होती।
Yamuna River Boat Capsize: हादसे की जांच में जुटा प्रशासन
हादसे के बाद प्रशासन भी हरकत में आया है। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि नाव में कितने लोग सवार थे और क्या नाव संचालन के नियमों का पालन किया गया था या नहीं। शुरुआती जांच में ओवरलोडिंग को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है।
Yamuna River Boat Capsize: मृतकों के परिवारों को मदद का भरोसा
प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया गया है। वहीं अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि नदी पार करते समय सुरक्षा नियमों का पालन जरूर करें और क्षमता से ज्यादा लोगों को नाव में न बैठाया जाए।
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Yamuna River Boat Capsize: गांव में पसरा मातम और गुस्सा
इस हादसे के बाद पूरे हमीरपुर में दुख और गुस्से का माहौल है। लोग लगातार प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं। गांव वालों का कहना है कि हर साल नदी में हादसे होते हैं, लेकिन कुछ दिनों बाद मामला ठंडा पड़ जाता है और फिर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। इस बार लोग स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं ताकि आगे किसी परिवार को अपनों को इस तरह न खोना पड़े।
Yamuna River Boat Capsize:एक छोटी सी इच्छा ने छीन ली छह जिंदगियां
सबसे दर्दनाक बात यह रही कि जिस खुशी और उत्साह के साथ लोग नदी पार कर रहे थे, किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि कुछ ही मिनटों बाद सब कुछ खत्म हो जाएगा। विष्णु निषाद की तरबूज खाने की इच्छा अब पूरे गांव के लिए एक दर्दनाक याद बन चुकी है। यह हादसा लोगों को यह भी याद दिलाता है कि छोटी सी लापरवाही कभी-कभी बहुत बड़ा नुकसान कर देती है।
Yamuna River Boat Capsize: गांव में शोक, लोगों की आंखों में सवाल
फिलहाल प्रशासन की टीमें इलाके में मौजूद हैं। नदी किनारे लगातार निगरानी रखी जा रही है। गांव में शोक का माहौल है और मृतकों के अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही हैं। पूरे क्षेत्र के लोग पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। वहीं हर किसी की आंखों में एक ही सवाल है आखिर इन छह जिंदगियों की जिम्मेदारी कौन लेगा?
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