Women Reservation Bill India: लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला आरक्षण को लेकर विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि Women Reservation Bill India को लेकर विपक्ष की सोच न सिर्फ भ्रमित है बल्कि ‘तुच्छ’ भी है। योगी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में महिला सशक्तिकरण को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो चुकी है। सीएम योगी ने साफ तौर पर आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने Women Reservation Bill India के खिलाफ साजिश रची और जनता को भ्रमित करने की कोशिश की।
महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष पर आरोप
सीएम योगी ने कहा कि संसद में विपक्ष का रवैया बेहद निराशाजनक रहा। उन्होंने दावा किया कि जब Women Reservation Bill India को पारित किया जा रहा था, तब विपक्ष ने समर्थन देने के बजाय बाधाएं खड़ी कीं। उनका कहना था कि यह बिल महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने के लिए लाया गया है, न कि किसी के अधिकार छीनने के लिए। इसके बावजूद विपक्ष ने परिसीमन और सीटों के बंटवारे को लेकर गलत जानकारी फैलाई।
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शाहबानो केस से ट्रिपल तलाक तक का जिक्र
अपने बयान में योगी आदित्यनाथ ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए शाहबानो केस का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उस समय मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों से समझौता किया था। योगी ने आगे कहा कि जब ट्रिपल तलाक के खिलाफ कानून लाया गया, तब भी कांग्रेस ने उसका विरोध किया। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ कांग्रेस की पुरानी सोच का उदाहरण बताया। सीएम योगी का कहना था कि आज जो दल महिलाओं के अधिकारों की बात करते हैं, वही पहले उनके अधिकारों को सीमित करने में लगे थे।
‘आधी आबादी का आक्रोश’ और राजनीतिक संदेश
योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि देश की ‘आधी आबादी’ यानी महिलाएं अब जागरूक हो चुकी हैं और विपक्ष की राजनीति को समझ रही हैं। उन्होंने कहा कि Women Reservation Bill India को लेकर जनता में स्पष्ट समर्थन है और विपक्ष के खिलाफ नाराजगी भी दिखाई दे रही है। योगी ने विपक्षी गठबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि यह गठबंधन सिर्फ राजनीति के लिए महिलाओं के मुद्दों का इस्तेमाल करता है, लेकिन जब फैसले लेने की बारी आती है तो पीछे हट जाता है।
पीएम मोदी के ‘चार वर्ग’ वाले विजन का जिक्र
सीएम योगी ने प्रधानमंत्री के उस विजन को भी याद दिलाया जिसमें देश की चार प्रमुख श्रेणियां बताई गई थीं – नारी, गरीब, युवा और किसान। उन्होंने कहा कि Women Reservation Bill India इसी सोच का विस्तार है, जिसमें महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया जा रहा है। योगी के मुताबिक, यह बिल सिर्फ कानून नहीं बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में एक बड़ा कदम है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम और संशोधन
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और सामाजिक संगठनों की मांग को देखते हुए सरकार ने इसमें संशोधन का फैसला लिया, ताकि Women Reservation Bill India को 2029 तक लागू किया जा सके। इसके लिए संसद का विशेष सत्र भी बुलाया गया था, जिसमें व्यापक चर्चा हुई।
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‘किसी का हक नहीं छीना जाएगा’
सीएम योगी ने यह भी स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण लागू होने से किसी अन्य वर्ग का हक नहीं छीना जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण के लिए अतिरिक्त सीटें जोड़ी जाएंगी। यानी मौजूदा सीटों को कम किए बिना महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। इस बात को लेकर दक्षिण भारत के राज्यों की चिंताओं का भी जिक्र हुआ, जहां सीटों के अनुपात को लेकर सवाल उठे थे।
दक्षिण राज्यों को लेकर आश्वासन
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि 2011 की जनगणना के आधार पर ही सीटों का संतुलन बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जैसे उत्तर और पूर्वी राज्यों में सीटों का विस्तार होगा, उसी तरह दक्षिण भारत में भी अनुपातिक बढ़ोतरी सुनिश्चित की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि Women Reservation Bill India लागू होने के बाद किसी राज्य के साथ अन्याय न हो।
विपक्ष पर तीखा तंज
सीएम योगी ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों को लंबे समय तक शासन करने का मौका मिला, लेकिन उन्होंने महिलाओं, गरीबों और किसानों के लिए ठोस कदम नहीं उठाए। उन्होंने कहा कि आज जब सरकार महिलाओं के लिए बड़ा कदम उठा रही है, तब विपक्ष उसे रोकने की कोशिश कर रहा है।
सियासत या सामाजिक बदलाव?
महिला आरक्षण को लेकर यह बहस अब सिर्फ एक बिल तक सीमित नहीं रही। यह विचारधारा, इतिहास और राजनीति का संगम बन चुकी है। एक तरफ सरकार इसे महिला सशक्तिकरण का ऐतिहासिक कदम बता रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसके क्रियान्वयन और समय को लेकर सवाल उठा रहा है। लेकिन इतना तय है कि Women Reservation Bill India आने वाले समय में भारतीय राजनीति का एक निर्णायक मुद्दा बनने वाला है।
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