Who is Inspector Vikram Singh : लखनऊ में इन दिनों एक वेब सीरीज को लेकर काफी चर्चा हो रही है। इस वेब सीरीज का नाम है ‘घूसखोर पंडत’। इसके नाम और प्रचार में इस्तेमाल की गई भाषा पर लोगों ने आपत्ति जताई है। लोगों का कहना है कि यह नाम एक खास समुदाय के लिए गलत और अपमानजनक है। सोशल मीडिया पर इसको लेकर नाराजगी बढ़ती गई।
मामला पुलिस तक कैसे पहुंचा
जब विवाद ज्यादा बढ़ने लगा, तो लखनऊ के हजरतगंज थाने में इस वेब सीरीज के खिलाफ केस दर्ज किया गया। खास बात यह रही कि यह केस किसी आम आदमी ने नहीं, बल्कि खुद इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने दर्ज कराया। वे हजरतगंज थाने में तैनात हैं। उन्होंने खुद शिकायतकर्ता बनकर एफआईआर लिखवाई।
केस दर्ज कराने की वजह क्या है
पुलिस का कहना है कि वेब सीरीज के नाम और प्रचार से समाज में गलत संदेश जा सकता है। इससे लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं और आपसी तनाव बढ़ सकता है। इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने कहा कि मनोरंजन के नाम पर ऐसी चीजें नहीं होनी चाहिए, जिससे समाज में नफरत फैले या शांति बिगड़े।
कहां तैनात हैं इंस्पेक्टर विक्रम सिंह
इंस्पेक्टर विक्रम सिंह इस समय लखनऊ के हजरतगंज थाने में तैनात हैं। यह इलाका बहुत संवेदनशील माना जाता है। इससे पहले वे कृष्णानगर थाने में भी काम कर चुके हैं। अक्टूबर 2022 में उनका तबादला मैनपुरी से लखनऊ हुआ था। उनकी उम्र करीब 46 साल है।
पुलिस सेवा का अनुभव
विक्रम सिंह 2001 बैच के सब इंस्पेक्टर हैं। उन्होंने मुरादाबाद से ट्रेनिंग ली थी। इसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में काम किया। वे मैनपुरी में साइबर सेल के प्रभारी रहे हैं। वाराणसी और झांसी में क्राइम ब्रांच में भी सेवा दे चुके हैं। अयोध्या में भी वे थाने के प्रभारी रह चुके हैं।
परिवार और निजी जीवन
इंस्पेक्टर विक्रम सिंह के परिवार में उनकी मां, पत्नी और दो बेटे हैं। वे अपने परिवार के साथ सादा जीवन जीते हैं। साथी पुलिसकर्मियों के अनुसार, वे काम के साथ-साथ इंसानियत को भी बहुत महत्व देते हैं।
जब दिखा इंसानियत भरा चेहरा
कृष्णानगर थाने में रहते हुए उन्होंने एक बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार करवाया था। महिला की मौत के बाद उसका कोई नहीं था। ऐसे समय में इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने खुद आगे बढ़कर यह जिम्मेदारी निभाई। इस घटना के बाद लोग उनकी बहुत तारीफ करने लगे।
बच्चों के लिए खास पहल
हजरतगंज थाने में उन्होंने बच्चों को थाने बुलाया। बच्चों को कुर्सी पर बैठाया गया और उन्हें मिठाई दी गई। इसका मकसद था कि बच्चों के मन से पुलिस का डर निकल जाए और वे पुलिस को दोस्त समझें।
अच्छे काम के लिए मिला सम्मान
इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को उनके अच्छे काम के लिए डीजीपी ने सम्मानित भी किया है। हजरतगंज इलाके में कानून व्यवस्था ठीक रखने के लिए उन्हें प्रशस्ति पत्र दिया गया था।
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस
पुलिस ने वेब सीरीज की टीम के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज किया है। इनमें जाति और धर्म के नाम पर नफरत फैलाना, लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाना और इंटरनेट के गलत इस्तेमाल से जुड़ी धाराएं शामिल हैं।
इंस्पेक्टर विक्रम सिंह का साफ कहना
इंस्पेक्टर विक्रम सिंह का कहना है कि बोलने और दिखाने की आजादी सबको है, लेकिन किसी समाज या वर्ग को नीचा दिखाना गलत है। पुलिस का काम है शांति बनाए रखना और इसी जिम्मेदारी के तहत यह कार्रवाई की गई है।



