Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश के संभल जिले में हुई हिंसा के बाद से ही पुलिस आम जनता के साथ-साथ सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। कभी मंदिर को लेकर तो कभी जिले में अवैध रूप से चल रही बिजली की चोरी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर। लेकिन इस बार पुलिस के चर्चा में आने का कारण है युवक की मौत। दरअसल, रायसत्ती पुलिस चौकी के भीतर एक युवक की मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों ने पुलिस चौकी पहुंचकर जमकर हंगामा किया और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया।

Uttar Pradesh News : अब पढ़े पूरा मामला
ये मामला जिले की थाना नखासा क्षेत्र की रायसत्ती पुलिस चौकी का है। मृतक शख़्स का नाम इरफ़ान पुत्र शफीक निवासी मोहल्ला खग्गू सराय है। ताई ने रुपयों के लेनदेन को लेकर कोई पारिवारिक विवाद था, उसी को लेकर शिकायत की गई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस पूछताछ के लिए शख्स को लाई थी। लेकिन परिजनों का कहना है कि पुलिस टार्चर से युवक की मौत हुई है। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर एएसपी श्रीश्चंद्र एवं सीओ असमोली कुलदीप सिंह पहुंचे है। लेकिन परिजनों का हंगामा बढ़ता देख मौके पर दो थानों की पुलिस फोर्स को बुलाया गया है। फिलहाल, सीओ ने मृतक परिजनों को समझाने का प्रयास किया है। वहीं शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

इस मामले में इरफ़ान की पत्नी रेशमा का कहना है कि 5 पुलिस वाले मेरे पति को पकड़कर ले आए थे। मेरा आदमी बीमार है और उसका नाक का ऑपरेशन मुरादाबाद में हुआ है। उन्होंने दवाई भी खाने नहीं दी। मेरे 5 बच्चे हैं। मेरी शादी को 22 साल हो गए हैं। इनकी ताई का कोई मामला था। ताई सास ने उन्हें बड़ा करके उनके हाथ से पैसे दिलवाए थे, लेकिन उनके लड़के ने बेइमानी कर ली। रेशमा ने आरोप लगाया कि पुलिस आई और बोली कि तुमने पैसे दिलवाए हैं, तुम ही वापस दिलवाओ।
Uttar Pradesh News : मामले में क्या बोले एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई
वहीं दूसरी तरफ इस मामले में एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि सोमवार सुबह 11:30 बजे शफीक बेगम नामक महिला ने नखासा थाने की रायसत्ती पुलिस चौकी पर एक प्रार्थना पत्र दिया। पत्र में उन्होंने बताया कि उनका बेटा अरमान उनके साथ मारपीट करता है और घर के हिस्से के 6 लाख रुपए इरफान के माध्यम से दे दिए गए हैं, जो न तो वापस कर रहा है और न ही लौटा रहा है। महिला के संगीन आरोपों के मद्देनजर जांच के लिए लेपर्ड को मौके पर भेजा गया। इसके बाद इरफान को रायसत्ती चौकी पर लाया गया। वहां इरफान ने पुलिस को बताया कि उसे दवा खानी है, जिसे पुलिस द्वारा खाने दिया गया। बाद में, इरफान ने चेस्ट पेन की शिकायत की, जिसके बाद उसे उसके बेटे के साथ चौकी से अस्पताल ले जाया गया। माना जा रहा है कि उसकी मौत हृदय गति रुकने के कारण हुई है।
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई का कहना है कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृत्यु के कारणों का स्पष्ट पता पोस्टमार्टम के बाद ही चलेगा, लेकिन प्रथम दृष्टया हृदय गति रुकने से मृत्यु का मामला प्रतीत होता है। पुलिस पर लगाए गए आरोप, कि उन्होंने इरफान को दवा खाने नहीं दी, पूरी तरह निराधार हैं। चौकी पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और फुटेज में यह स्पष्ट है कि पिता-पुत्र कुछ ही मिनटों के लिए चौकी पर रुके थे। चौकी प्रभारी ने स्वयं उन्हें दवा खाने के लिए दिया था।



