Uttar Pradesh News : गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में आज यानी बुधवार को एसटीएफ के इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है। शामली में हुई मुठभेड़ के दौरान इंस्पेक्टर को गोली लगी थी जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि डाक्टरों की टीम ने मंगलवार को ही सुनील के पेट से एक गोली निकाल ली थी लेकिन उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। एसपी शामली रामसेवक गौतम ने बताया कि इंस्पेक्टर की मौत की सूचना के बाद एक टीम को गुरुग्राम भेजा गया है।
Uttar Pradesh News : इंस्पेक्टर की हालत थी गंभीर
STF घायल बदमाशों और इंस्पेक्टर को करनाल के अमृतधारा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां डॉक्टरों ने चारों बदमाशों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, इंस्पेक्टर की हालत को गंभीर देखते हुए गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल रेफर किया था। ये मुठभेड़ हरियाणा बॉर्डर पर स्थित थाना झिंझाना क्षेत्र में हुई है। चारों बदमाश मुस्तफा कग्गा गैंग के थे।

Uttar Pradesh News : इंस्पेक्टर सुनील ने एके 47 से किया था फायर
एसपी ने जानकारी देते हुए बताया था कि इंस्पेक्टर सुनील ने अपनी एके 47 से भी फायरिंग की थी, जबकि टीम के अन्य साथी प्रमोद कुमार ने पिस्टल से तीन, जयवीर सिंह ने एक, हेड कांस्टेबल प्रीतम सिंह ने दो, विवेक ने एक, हेड कांस्टेबल जोशी राणा ने एक, विकास धामा ने एक, रोमिश तोमर ने एक, आकाशदीप ने एक, अंकित कुमार आदि ने एक फायर कर बदमाशों को मार गिराया।
Uttar Pradesh News : 15 सालों बाद पुलिस की बड़ी मुठभेड़
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पिछले 15 सालों में यूपी की यह सबसे बड़ी मुठभेड़ है। इससे पहले, 2004 में जौनपुर में बावरिया गिरोह के 8 बदमाश मुठभेड़ में ढेर हुए थे। STF सूत्रों के मुताबिक, टीम को मुखबिर से अरशद की लोकेशन मिली थी। सूचना मिलने के बाद 12 पुलिसकर्मियों की टीम ने बदमाशों की कार का पीछा किया। टीम ने बदमाशों की कार को ओवरटेक कर घेर लिया। STF को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरु कर दी। 3 बदमाश कार में ही मारे गए, जबकि 1 को कुछ दूरी पर मार गिराया।



