Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से आई ये खबर जिले भर में चर्चा का विषय बनी हुई है। ज्ञात हो कि बीते सोमवार से 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं शुरु हो गई है। लेकिन जौनपुर जिले में 10वीं की 10 छात्राओं ने परीक्षा छोड़ दी। क्योंकि उन्हें हिजाब उतारकर परीक्षा देने के लिए कहा गया था। छात्राएं इस बात से इनकार कर सेंटर से घर वापस लौट गई। ये मामला खुदौली स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज का है।
इस मामले में केंद्र व्यवस्थापक दिनेश चन्द्र गुप्ता का कहना है कि, सेंटर में बड़ी संख्या में मुस्लिम छात्राएं हिजाब उतारकर परीक्षा दे रही थीं। चार छात्राओं ने हिजाब उतारकर परीक्षा देने से मना कर दिया और परीक्षा छोड़कर चली गईं।
Uttar Pradesh News : अब पढ़े मामला…
गौरतलब है कि खेतासराय स्थित मॉडर्न कॉन्वेंट स्कूल का सेंटर सर्वोदय इंटर कॉलेज को बनाया गया है। जिसकी दूरी लगभग 4 किमी है। परीक्षा के पहले दिन यानी सोमवार को 10वीं की हिंदी का पेपर था। परीक्षा देने के लिए तमाम छात्र-छात्राएं कॉलेज पहुंचीं। मुस्लिम छात्राएं हिजाब में थीं। कॉलेज के गेट पर चेकिंग के बाद छात्र-छात्राओं को एंट्री दी जा रही थी। कई मुस्लिम छात्राएं अपना हिजाब उतारकर परीक्षा देने चली गईं। लेकिन चार छात्राएं हिजाब न उतारने पर अड़ गईं।

Uttar Pradesh News : हिजाब पहने नहीं देने दिया जा रहा पेपर
छात्राओं को रोके जाने की खबर मिलते ही एक छात्रा के पिता अहमदुल्लाह थान मौके पर पहुंचे जिन्हें पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि आज सुबह बच्चियों का हिंदी का पेपर था। पता चला कि बच्चियां स्कूल नहीं जा रही हैं। बच्चियों ने बताया कि हिजाब में पेपर नहीं देने दिया जा रहा। बच्चियों की बात सून अहमदुल्लाह ने कहा कि आप लोगों के साथ चलता हूं। चार बच्चियों को लेकर स्कूल पहुंचा। सेंटर में जब एंट्री होने लगी तो बच्चियों को अंदर प्रवेश करने नहीं दिया गया। गेट पर बोला गया कि आप लोगों को हिजाब उतार करके ही अंदर जाना है।
तब मैंने वहां खड़े टीचर से कहा कि आप किसी लेडीज टीचर से चेकिंग करवा लीजिए, फिर बच्चियों को अंदर जाने दीजिए। लेकिन टीचर नहीं माने। बच्चियां बिना परीक्षा दिए ही घर चली आईं। अहमदुल्लाह का कहना है कि अगर बच्चियों को हिजाब में पेपर देने दिया जाएगा तो हम बच्चियों को भेजेंगे। वरना नहीं भेजेंगे।
Uttar Pradesh News : मामले में क्या बोले कॉलेज प्रबंधक ?
उधर, इस पूरे मामले में कॉलेज प्रबंधक अनिल उपाध्याय का कहना है कि किसी छात्र को परीक्षा देने से नहीं रोका। एडमिट कार्ड का वेरिफिकेशन चेहरे से होना था, लेकिन छात्राओं ने नकाब हटाने से इनकार कर दिया। ऐसे में उन्हें एंट्री देना नियम विरुद्ध था। नकाब नहीं हटाने की बात कहते हुए छात्राएं वहां से चली गईं। वहां तैनात स्टाफ ने उन्हें नहीं हटाया। ऐसे में यह कहना कि छात्राओं को कॉलेज प्रशासन ने परीक्षा देने से रोक दिया, गलत है।
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