UP Politics : उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बृजभूषण शरण सिंह के बयान ने हलचल मचा दी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और कैसरगंज से पूर्व सांसद ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि अखिलेश यादव धर्म विरोधी नहीं हैं, बल्कि वे श्रीकृष्ण के वंशज हैं। बृजभूषण ने यह टिप्पणी संतकबीर नगर में आयोजित पूर्व सांसद शरद त्रिपाठी की चौथी पुण्यतिथि कार्यक्रम में दी। मंच से दिए गए इस बयान ने सियासी हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
बृजभूषण शरण सिंह ने आगे कहा कि अखिलेश यादव धर्म विरोधी सोच से प्रेरित नहीं हैं। उन्होंने हाल ही में एक भव्य मंदिर का निर्माण कराया है। वह जो भी निर्णय लेते हैं, वो परिस्थितियों की मजबूरी में होते हैं, न कि किसी धर्मविरोधी मानसिकता से। कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी भी विशेष रूप से उपस्थित थे।
UP Politics : पहले भी कर चुके हैं मुलायम सिंह की तारीफ
यह पहली बार नहीं है जब बृजभूषण शरण सिंह ने समाजवादी पार्टी के नेताओं की तारीफ की हो। इससे पहले वे पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की कार्यशैली और नेतृत्व की भी सार्वजनिक रूप से प्रशंसा कर चुके हैं। अब उनके द्वारा अखिलेश यादव को लेकर दिया गया यह बयान कई राजनीतिक संकेत दे रहा है।
UP Politics : कथावाचकों के साथ मारपीट पर भी बोले बृजभूषण
इटावा में कथावाचकों के साथ हाल ही में हुई मारपीट की घटना पर भी बृजभूषण शरण सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कथा कहने का अधिकार सभी को है। जो लोग शूद्र कहकर कथावाचकों का विरोध करते हैं, उन्हें वेदव्यास और विदुर की जीवनी पढ़नी चाहिए। किसी भी जाति का अपमान नहीं होना चाहिए।
UP Politics : राजनीतिक गलियारों में गहराई से हो रही चर्चा
हालाँकि बृजभूषण शरण सिंह का यह बयान साधारण प्रतीत होता है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसके पीछे भविष्य की राजनीतिक रणनीति छुपी हो सकती है। भाजपा और समाजवादी पार्टी के नेताओं को लेकर इस तरह की सार्वजनिक टिप्पणियाँ अक्सर चुनावी समीकरणों में संकेत देने का कार्य करती हैं।