UP NEWS : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को होली के पावन अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में धूमधाम से होलिका पूजा की और गोवंश, बतखों तथा मोरों को दाना खिलाकर धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का निर्वाह किया। होली का पर्व उनके लिए रंगों और भाईचारे की एकता का प्रतीक है। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने भगवान नरसिंह की शोभायात्रा में भाग लिया और समरसता व विजय का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी दिनचर्या की शुरुआत गोरखनाथ मंदिर में होलिका भस्म की पूजा से की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने होलिका के पास जाकर भस्म की पूजा की और आरती उतारी। इस अवसर पर, साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने भी होलिका की भस्म से तिलक लगाकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इसके बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर के परिसर में आयोजित फाग गीतों का आनंद लिया और उपस्थित श्रद्धालुओं को होली की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान सीएम योगी पूरी तरह होली के रंगों में रंग गए और उन्होंने लोगों पर फूल, गुलाल और अबीर उड़ाए। इस उमंग भरे माहौल में ‘जय श्रीराम’ और ‘हर हर महादेव’ के उद्घोष के साथ समूचा क्षेत्र उत्सवमय हो गया।

मुख्यमंत्री ने भगवान नृसिंह की विधिविधान से पूजा की और उन्हें नारियल, गुझिया, रंग, अबीर और गुलाल अर्पित किया। पूजा के बाद उन्होंने गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में भगवान नृसिंह की आरती उतारी। होली के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरक्षपीठ के गोशाला का भी दौरा किया, जहां उन्होंने गोवंश को भस्म और अबीर-गुलाल लगाकर उनकी सेवा की। इसके साथ ही, उन्होंने गोवंश को गुड़ खिलाया और उन्हें आशीर्वाद दिया।
मुख्यमंत्री ने भीम सरोवर के पास टहलते हुए बतखों को दाना खिलाया और पास में विचरण कर रहे मोर को भी दाना खिलाया। इस प्रकार, मुख्यमंत्री ने होली के दिन एकता और समरसता का संदेश फैलाया, जो समाज को एकजुट करने और भाईचारे को बढ़ावा देने का प्रतीक बना। इस साल की होली मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए न सिर्फ धार्मिक उत्सव, बल्कि सांस्कृतिक एकता और सामूहिक भाईचारे का पर्व भी बनी।



