UP liquor price hike: उत्तर प्रदेश सरकार ने शराब उद्योग में नई दिशा देने के लिए एक बड़ी योजना शुरू की है। कैबिनेट ने हाल ही में नई आबकारी नीति और आबकारी निर्यात नीति को मंजूरी दी। इस बदलाव का मकसद केवल शराब के दाम बढ़ाना नहीं है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और शराब उद्योग में पारदर्शिता और व्यवस्थित नियम लाना भी है।
Also Read: बीजेपी नेता के घर अचानक धमाके और आग, क्या थी साजिश या हादसा?
UP liquor price hike: देशी शराब की कीमत में बदलाव
नई नीति के अनुसार, 36 प्रतिशत अल्कोहल वाली देशी शराब की ड्यूटी 165 रुपये से बढ़ाकर 173 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। इसका मतलब है कि हर बोतल की कीमत में औसतन 5 रुपये का इजाफा होगा। हालांकि अन्य शराब के प्रकारों पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ा है। सरकार का कहना है कि यह कदम राज्य की आमदनी बढ़ाने और शराब उद्योग को व्यवस्थित करने की दिशा में पहला कदम है।
UP liquor price hike: ग्रामीण और शहरी इलाकों में अलग नीति
शराब की खपत के आधार पर अब शहरी और ग्रामीण इलाकों के कोटे अलग होंगे। शहरी इलाकों में देशी शराब के कोटे को घटाया जाएगा, जबकि ग्रामीण इलाकों की दुकानों के लिए शराब की आपूर्ति बढ़ाई जाएगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय दुकानदारों को फायदा होगा।
UP liquor price hike: नए लाइसेंस और बार
गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, आगरा, प्रयागराज, वाराणसी और लखनऊ जैसे शहरों में अब लो-अल्कोहल पेय पदार्थ जैसे बीयर, वाइन और रेडी-टू-ड्रिंक (RTD) के लिए बार लाइसेंस दिए जाएंगे। यह कदम विशेष रूप से युवाओं और पर्यटन को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
Latest News Update Uttar Pradesh News,उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
UP liquor price hike: भांग और कम तीव्रता वाले पेय पदार्थ
भांग की दुकानों की लाइसेंस फीस में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई है। वहीं, वाइन और कम तीव्रता वाले पेय पर प्रतिफल शुल्क कम कर दिया गया है। इसमें केवल 0.1 प्रतिशत ड्यूटी लगेगी। इसका लाभ मुख्य रूप से फल उत्पादक किसानों को मिलेगा।
UP liquor price hike: निर्यात को बढ़ावा
इस नीति का सबसे बड़ा हिस्सा है निर्यात प्रोत्साहन। यूपी देश का पहला राज्य बन गया है जिसने आबकारी निर्यात नीति लागू की है। अब एथनॉल, शराब और संबंधित उत्पादों का विदेशी बाजार में निर्यात किया जा सकेगा। साथ ही, बोतल भराई शुल्क, फ्रेंचाइजी फीस, निर्यात पास फीस और स्पेशल फीस को न्यूनतम स्तर पर रखा गया है। ब्रांड पंजीकरण और लेबल अनुमोदन के नियम भी आसान किए गए हैं। इससे उद्योग को नए निवेश और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में मदद मिलेगी।
UP liquor price hike: उद्योग पर प्रभाव
नई नीति से डिस्टिलरी, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और निर्यात सेवाओं का विस्तार होगा। यूपी की शराब की अंतरराष्ट्रीय बाजार में मौजूदगी बढ़ेगी, जिससे देश की विदेशी मुद्रा भंडार को भी फायदा होगा।
थोक कारोबार में किसी भी प्रकार की मोनोपोली को रोकने के लिए नियमों में ढील दी गई है। अब कोई भी डिस्टिलरी या कारोबारी इस क्षेत्र में प्रवेश कर सकता है। लाइसेंस फीस अब उत्पादन और उठान के आधार पर ली जाएगी। सरकार का कहना है कि यह कदम शराब उद्योग को पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाएगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाई पर ले जाएगा।
UP liquor price hike: आम लोगों पर असर
देशी शराब की कीमत बढ़ने से आम उपभोक्ताओं को थोड़ा अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा। हालांकि, निर्यात से होने वाले फायदे के कारण इस बढ़ोतरी का असर संतुलित होगा। सरकार ने कहा है कि जनता को सुविधा और सुरक्षा दोनों मिलेगी। शराब बिक्री, लाइसेंसिंग और वितरण में सुधार की दिशा में यह कदम अहम माना जा रहा है।
UP liquor price hike: कब से होगा लागू
1 अप्रैल 2026 से नई आबकारी नीति लागू होगी और हर बोतल पर लगभग 5 रुपये का इजाफा आएगा। इस नीति से राज्य में शराब उद्योग का सुधार, राजस्व वृद्धि और किसानों व व्यापारियों के लिए नए अवसर सुनिश्चित होंगे।
विदेशी बाजार में यूपी की शराब की उपस्थिति मजबूत होगी। यह नीति उद्योग के लिए नए निवेश, निर्यात वृद्धि और आर्थिक विकास का रास्ता खोलेगी।
पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking



