By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
LokhitkrantiLokhitkrantiLokhitkranti
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Reading: Sambhal News: क्या संभल DM-एसपी बच पाएंगे? हाईकोर्ट की सख्त चेतावनी ने मचाया हड़कंप!
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
LokhitkrantiLokhitkranti
Search
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
Lokhitkranti > उत्तर प्रदेश > Sambhal News: क्या संभल DM-एसपी बच पाएंगे? हाईकोर्ट की सख्त चेतावनी ने मचाया हड़कंप!
उत्तर प्रदेश

Sambhal News: क्या संभल DM-एसपी बच पाएंगे? हाईकोर्ट की सख्त चेतावनी ने मचाया हड़कंप!

Kannu
Last updated: 2026-03-14 9:26 अपराह्न
Kannu Published 2026-03-14
Share
92887b3d095499999760996b58e225831736297532500487 original
Sambhal News: क्या संभल DM-एसपी बच पाएंगे? हाईकोर्ट की सख्त चेतावनी ने मचाया हड़कंप
SHARE

Sambhal Namaz Controversy: रमजान के पवित्र महीने में संभल जिले में मस्जिद के भीतर नमाजियों की संख्या सीमित करने के प्रशासनिक आदेश ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच गया। कोर्ट ने संभल के जिलाधिकारी (DM) राजेंद्र पेंसिया और पुलिस अधीक्षक (SP) केके बिश्नोई को सख्त फटकार लगाई है और कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है, न कि किसी की इबादत पर पाबंदी लगाने की। कोर्ट ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यह काम संभाल नहीं सकते, तो इस्तीफा दे देना ही उचित रहेगा।

Contents
Sambhal Namaz Controversy: विवाद की शुरुआतSambhal Namaz Controversy: कोर्ट की सख्त टिप्पणीSambhal Namaz Controversy: स्थानीय लोगों की प्रतिक्रियाSambhal Namaz Controversy: प्रशासन की स्थितिSambhal Namaz Controversy: राजनीतिक और सामाजिक प्रभावSambhal Namaz Controversy: आगे की संभावना

Also Read: अयोध्या के कलाकार का कमाल, पीपल के पत्तों पर जिंदा हो उठते हैं राम-सीता और हनुमान

Sambhal Namaz Controversy: विवाद की शुरुआत

यह विवाद रमजान के दौरान शुरू हुआ, जब संभल पुलिस ने मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित करने का आदेश जारी किया। प्रशासन का कहना था कि सुरक्षा और सामाजिक दूरी के नियमों के कारण यह कदम उठाना जरूरी था। हालांकि, स्थानीय लोगों और धार्मिक संगठनों ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला मानते हुए विरोध किया। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे ने तूल पकड़ लिया और कई लोगों ने इसे प्रशासन की गलत नीतियों के रूप में देखा।

Sambhal Namaz Controversy: कोर्ट की सख्त टिप्पणी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान साफ कहा कि प्रशासन का काम कानून और व्यवस्था बनाए रखना है। कोर्ट ने DM राजेंद्र पेंसिया और SP केके बिश्नोई से पूछा कि अगर आप कानून व्यवस्था बनाए नहीं रख सकते तो पद पर बने रहना क्यों चाहते हैं। कोर्ट ने दोनों अधिकारियों को फटकारते हुए स्पष्ट किया कि किसी की पूजा, नमाज या धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगाने का प्रशासनिक अधिकार नहीं है।

कोर्ट ने कहा, आपका काम समाज में शांति और सुरक्षा बनाए रखना है। धार्मिक स्थलों पर किसी प्रकार की पाबंदी नहीं लगाई जा सकती। अगर यह काम संभाल नहीं पा रहे हैं तो बेहतर होगा कि आप इस्तीफा दे दें। यह प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह कानून व्यवस्था बनाए रखे, न कि किसी धर्म पर रोक लगाए।

Sambhal Namaz Controversy: स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

स्थानीय लोगों ने कोर्ट के आदेश का स्वागत किया है। कई नमाजियों और धार्मिक नेताओं ने कहा कि प्रशासन का आदेश गलत था और इससे धार्मिक भावना आहत हुई। लोगों का कहना है कि सभी धर्मों के प्रति समान व्यवहार होना चाहिए और किसी भी धर्म की इबादत में दखल देना गलत है।

Sambhal Namaz Controversy: प्रशासन की स्थिति

इस मामले पर संभल प्रशासन ने अपने आदेश की सफाई देने की कोशिश की। अधिकारियों का कहना था कि सुरक्षा कारणों से यह कदम उठाना पड़ा। हालांकि, कोर्ट की फटकार के बाद प्रशासन की स्थिति कठिन हो गई है। अब सभी की निगाहें DM और SP के अगले कदम पर हैं।

Latest News Update Uttar Pradesh News,उत्तराखंड की ताज़ा  ख़बर

Sambhal Namaz Controversy: राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव

इस विवाद ने स्थानीय राजनीति को भी प्रभावित किया है। विपक्षी दलों ने प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि यह धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों के खिलाफ है। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने प्रशासन की आलोचना की। कई विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशासन को कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए धर्म के नाम पर कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए।

Sambhal Namaz Controversy: आगे की संभावना

अब देखना होगा कि DM राजेंद्र पेंसिया और SP केके बिश्नोई कोर्ट की फटकार के बाद क्या कदम उठाते हैं। कई लोग कह रहे हैं कि अगर प्रशासनिक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी सही से निभा नहीं सकते तो इस्तीफा देना ही बेहतर विकल्प होगा।

इस विवाद ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारत में धार्मिक स्वतंत्रता और कानून व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखना कितना जरूरी है। कोर्ट की सख्त टिप्पणी ने यह स्पष्ट कर दिया कि प्रशासन को धर्म पर रोक लगाने के बजाय शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।

पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking

You Might Also Like

Karni Sena Chief Surajpal Amu का अलीगढ़ में बड़ा हमला, सड़क, भ्रष्टाचार और राम मंदिर मामले पर सरकार से मांगा जवाब

Ayodhya Dham event: रामनगरी में भव्य आयोजन, नृत्य गोपाल दास जी महाराज के जन्मोत्सव ने रचा इतिहास

CM Yogi Statement: राम मंदिर दान मामले में SIT जांच के बीच योगी ने विपक्ष को घेरा

Raebareli Crime News: घर लौट रहे ज्वेलर्स कारोबारी पर हमला, गोली मारकर लाखों के जेवरात लेकर फरार हुए बदमाश

7 अहम अपडेट: Baghpat Child Assault Case में इलाज, जांच और कार्रवाई तेज

TAGGED:AdministrationCourt OrdersHC reprimands Sambhal DMKK BishnoiLaw and orderLocal ProtestRajendra PensiaRamadanReligious FreedomSambhal Namaz Controversy
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
Bungee Jumping Accident Brazil: Bungee Jumping Accident Brazil involving a 21-year-old woman who fell 130 feet from a bridge without a safety rope.
Internationalअंतर्राष्ट्रीयट्रेंडिंगवायरल

Brazil Viral Story: 130 फीट नीचे गिरी, फिर भी धड़क रही थी सांसें… नर्स ने सुनाई आखिरी बातचीत

ShreeJi ShreeJi 2026-06-16
उत्तराखंड में Voter List SIR Campaign ने पकड़ी रफ्तार, 97% मतदाताओं तक पहुंचे गणना प्रपत्र, अब वेरिफिकेशन और डिजिटाइजेशन पर फोकस
Nagpur IAF Wife Abuse Case: होटल में नशीला जूस, अश्लील वीडियो और धर्मांतरण का दबाव: IAF अफसर की पत्नी ने सुनाई खौफनाक आपबीती
UTU Digital Certificate Service: 26 हजार छात्रों को बड़ी राहत, अब एक क्लिक में मिलेंगे प्रोविजनल और माइग्रेशन सर्टिफिकेट!
Somvati Amavasya 2026: अधिकमास के दुर्लभ संयोग में देशभर में श्रद्धा का माहौल, जानिए पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

  • ताज़ा खबरे
  • बॉलीवुड
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • धर्म कर्म
  • वायरल
  • बिज़नेस

About US

लोकहित क्रांति न्यूज़ एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित को समर्पित डिजिटल समाचार मंच है। हमारा उद्देश्य देश–दुनिया की ताज़ा, सटीक और प्रमाणिक ख़बरें आप तक तेज़ी से पहुँचाना है।
Quick Link
  • About Us
  • Terms and Condition
  • DNPA Code of Ethics
Must Read
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Grievance Redressal Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Copyrights © Lokhit Kranti. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?