लखनऊ उत्तर प्रदेश , 19 अगस्त 2026। सुभासपा प्रमुख और यूपी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को निशाने पर लिया है। इस बार निशाना बना है शिवपाल यादव का वह बयान, जिसमें सपा सरकार बनने पर आजम खान को गृहमंत्री बनाने की बात कही गई थी। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सोशल मीडिया पर सपा के खिलाफ लगातार मोर्चा खोले हुए राजभर ने इस बयान को आधार बनाकर अखिलेश की नीयत पर सवाल उठाए हैं।
राजभर का पहला वार- कुर्मी समाज से नाराजगी का आरोप
राजभर ने सोशल मीडिया मंच पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव पर कुर्मी समाज के प्रति पूर्वाग्रह रखने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि आजम खान को गृहमंत्री बनाए जाने के ऐलान के बाद से सपा के PDA समर्थकों का रवैया आक्रामक हो गया है और प्रदेश भर के गैर-यादव पिछड़े वर्गों को निशाना बनाया जा रहा है, जिसमें खासतौर पर कुर्मी समाज को परेशान किए जाने की बात उन्होंने कही।
लखनऊ के पुराने मामले का जिक्र
राजभर ने अपने आरोपों को पुख्ता करने के लिए लखनऊ के जानकीपुरम इलाके से जुड़े एक पुराने विवाद का हवाला दिया, जिसमें सपा से जुड़े कुछ पदाधिकारियों पर एक स्थानीय व्यक्ति की जमीन पर कब्जे की कोशिश, तोड़फोड़ और हवाई फायरिंग तक का आरोप लगाया गया था। राजभर ने कहा कि सपा नेताओं के इशारे पर यह सब हुआ, लेकिन उनके समर्थक भूल गए कि प्रदेश में सत्ता किसके हाथ में है।
आजम खान के हवाले से भी साधा निशाना
राजभर ने आगे कहा कि अखिलेश यादव लोगों का इस्तेमाल करने में माहिर हैं- पहले समर्थकों को उकसाना, फिर उनसे विवादित काम करवाना और बाद में मुसीबत में फंसने पर उन्हें अकेला छोड़ देना, यही तरीका अतीत में आजम खान के मामले में भी अपनाया गया था, ऐसा उन्होंने आरोप लगाया।
सैफई परिवार पर भी निशाना
राजभर ने अपने बयान में सैफई से जुड़े परिवार पर भी तंज कसा और कहा कि इस राजनीति के चलते कई परिवार प्रभावित हुए, लेकिन सपा समर्थक इस हकीकत को समझने के बजाय आंखें मूंदे बैठे हैं।
राजभर के इस ताजा हमले से यूपी की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। 2027 के चुनाव से पहले सुभासपा और सपा के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है, वहीं सपा की ओर से अभी इस पर औपचारिक प्रतिक्रिया आना बाकी है।


