मेरठ उत्तर प्रदेश कांवड़ यात्रा और जलाभिषेक को सुरक्षित व सुचारू ढंग से संपन्न कराने के लिए पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) ने विद्युत व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता (आईएएस) ने सोमवार को डिस्कॉम मुख्यालय स्थित ओएमएस (आउटेज मैनेजमेंट सिस्टम) कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान प्रबंध निदेशक ने एमडीएम (मास्टर डेटा मैनेजमेंट) पोर्टल के माध्यम से मेरठ के प्रमुख मंदिर स्थलों की विद्युत व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने जलाभिषेक के मद्देनजर मंदिरों को आपूर्ति देने वाले फीडरों की फीडरवार स्थिति और आउटेज रिपोर्ट की गहनता से समीक्षा की।
रवीश गुप्ता ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान प्रमुख मंदिर स्थलों और कांवड़ मार्ग की विद्युत व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाए। मंदिरों को बिजली देने वाले फीडरों को हर हाल में सुचारू रखा जाए, और यदि कहीं ब्रेकडाउन की स्थिति बनती है तो बिना किसी देरी के आपूर्ति बहाल की जाए।
उन्होंने सभी जनपदों में स्थापित कंट्रोल रूम को निर्देशित किया कि वहां प्राप्त होने वाली विद्युत संबंधी शिकायतों का शीघ्र और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। एमडी ने कहा कि कंट्रोल रूम में दर्ज हर शिकायत पर संबंधित अधिकारी तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई करें, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो।
विद्युत सुरक्षा पर विशेष जोर
कांवड़ यात्रा मार्गों पर विद्युत सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सेक्टरवार अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। रैपिड रिस्पांस टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखेंगी और कांवड़ मार्ग पर विद्युत लाइनों, पोलों तथा अन्य उपकरणों का बारीकी से निरीक्षण करेंगी।
प्रबंध निदेशक ने संबंधित अभियंताओं और नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद रहकर रैपिड रिस्पांस टीमों का नेतृत्व करें। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान विद्युत व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि कांवड़ मार्ग पर विद्युत लाइनों की वजह से किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो, ताकि भोले के भक्तों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके। इस पूरी कवायद का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि मेरठ में कांवड़ यात्रा के दौरान बिजली संकट श्रद्धालुओं की यात्रा में बाधा न बने।
रिपोर्ट: मनोज मिश्रा मेरठ।


