Maharashtra Politics : महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में BJP ने 100 से ज्यादा सीटें जीतने की हैट्रिक लगा दी है। लेकिन विपक्ष यानी महाविकास अघाड़ी के नेताओं को BJP के नेतृत्व वाले गठबंधन की यह जीत पच नहीं रही है। दरअसल, एनसीपी-एसपी के चीफ शरद पवार ने नतीजों पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि महाराष्ट्र चुनाव के नतीजे उम्मीद के अनुरूप नहीं रहे हैं। इसको लेकर विचार किया जाएगा और वे लोगों के पास जाएंगे। पवार ने आशंका जताई है कि महिलाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी होने के कारण चुनावों में महायुति यानी बीजेपी गठबंधन को जीत मिली है।
Maharashtra Politics : राजनीति से लेंगे संन्यास ?
विधानसभा चुनाव के नतीजों पर अपने विचार रखते हुए शरद पवार ने आगे कहा कि बारामती में अजित पवार के खिलाफ युगेंद्र पवार को मैदान में उतारना गलत फैसला नहीं था। किसी को तो चुनाव लड़ना ही था। अजित और युगेंद्र पवार के बीच कोई तुलना नहीं हो सकती। युगेंद्र पवार को लॉन्च करने में कोई जल्दबाजी नहीं की गई। बारामती का उनसे और उनके परिवार से संबंध है। अजित पवार भी बारामती से जुड़े हैं। अगर वह उम्मीदवार पवार परिवार से बाहर का देते तो महाराष्ट्र में क्या संदेश जाता? अजित पवार ने कई साल बारामती में काम किया है। एक तरफ इतना बड़ा नेता जिसके साथ सत्ता की ताकत है और दूसरी तरफ नया लड़का था। चुनाव परिणाम यही होंगे, उसका उन्हें यही अंदाजा था। इस दौरान शरद पवार ने अपने राजनीति से संन्यास लेने को लेकर कहा कि ‘मैं और मेरे सहकर्मी तय करेंगे कि मुझे रिटायर होना चाहिए या नहीं, दूसरे क्यों कह रहे हैं।’
Maharashtra Politics : बंटेंगे तो कटेंगे
इस दौरान शरद पवार ने CM योगी आदित्यनाथ के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने बंटेंगे तो कटेंगे नारा दिया था। इस नारे से बहुसंख्यक लोगों को डर लगा और वे एकजुट हुए। इससे ध्रुवीकरण हुआ है, ऐसा उन्हें प्रतीत हो रहा है।
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