Lucknow Cancer Institute Crisis: लखनऊ के चक गंजरिया स्थित कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान में विशेषज्ञ डॉक्टरों के लगातार इस्तीफों ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है। हाल ही में न्यूरो सर्जन डॉ. मयंक सिंह ने संस्थान को अलविदा कह दिया। संजय गांधी पीजीआई में चयन के बाद उन्होंने अपनी नई पारी शुरू करने का फैसला लिया है। उनके जाने के बाद न्यूरो सर्जरी से जुड़े मरीजों की देखभाल और उपचार व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
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Lucknow Cancer Institute Crisis: एक और इस्तीफे ने बढ़ाई चिंता
संस्थान में पहले से ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी महसूस की जा रही थी। ऐसे में न्यूरो सर्जरी विभाग के एक और वरिष्ठ डॉक्टर के जाने से स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई है। मस्तिष्क कैंसर और ब्रेन ट्यूमर जैसे गंभीर मामलों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बेहद अहम मानी जाती है।
Lucknow Cancer Institute Crisis: संसाधन हैं, लेकिन विशेषज्ञों की कमी
कैंसर संस्थान में कई अत्याधुनिक मशीनें और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण इनका पूरा लाभ मरीजों तक नहीं पहुंच पा रहा है। कई विभागों में लंबे समय से विशेषज्ञों की नियुक्ति नहीं हो सकी है, जिससे इलाज की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
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Lucknow Cancer Institute Crisis: कई विभागों में सेवाएं प्रभावित
अस्पताल के कुछ विभाग ऐसे हैं, जहां डॉक्टरों की कमी का असर साफ दिखाई दे रहा है। मरीजों को जांच और उपचार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कई बार उन्हें दूसरे अस्पतालों में रेफर भी करना पड़ता है, जिससे इलाज में देरी की समस्या सामने आ रही है।
Lucknow Cancer Institute Crisis: वर्षों में बढ़ता गया इस्तीफों का आंकड़ा
सूत्रों के मुताबिक, संस्थान की स्थापना के बाद से दो दर्जन से अधिक डॉक्टर यहां से जा चुके हैं। लगातार हो रहे इस पलायन ने अस्पताल प्रशासन और मरीजों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। माना जा रहा है कि अगर यही स्थिति बनी रही तो कई महत्वपूर्ण विभागों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ सकता है।
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Lucknow Cancer Institute Crisis: वेतन और सुविधाओं को लेकर असंतोष
विशेषज्ञों का मानना है कि डॉक्टरों के दूसरी जगह जाने के पीछे बेहतर वेतन, सुविधाएं और कार्य परिस्थितियां भी एक बड़ी वजह हैं। समान योग्यता और अनुभव रखने वाले डॉक्टर दूसरे बड़े चिकित्सा संस्थानों में अधिक अवसर और सुविधाएं मिलने के कारण वहां जाना पसंद कर रहे हैं।
Lucknow Cancer Institute Crisis: दूर-दराज से आने वाले मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित
उत्तर प्रदेश के कई जिलों से कैंसर के मरीज इलाज की उम्मीद लेकर इस संस्थान में पहुंचते हैं। लेकिन डॉक्टरों की सीमित संख्या के कारण उन्हें अपॉइंटमेंट, जांच और ऑपरेशन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। गंभीर बीमारियों में यह देरी मरीजों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।
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Lucknow Cancer Institute Crisis: स्थायी समाधान की जरूरत
स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि संस्थान में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए दीर्घकालिक योजना की जरूरत है। यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में कैंसर रोगियों के लिए गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। मरीजों और उनके परिजनों को अब सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द ठोस पहल की उम्मीद है।
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