उत्तर प्रदेश के झांसी की पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को पुलिस अधिकारी या सरकारी कर्मचारी बताकर लोगों को मुकदमे और गिरफ्तारी का डर दिखाते थे, और उसी डर का फायदा उठाकर उनके बैंक खातों में रकम डलवा लेते थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 120 मोबाइल फोन, 35 डेबिट कार्ड, 29 बैंक पासबुक, 20 आधार कार्ड, 4 वोटर आईडी, एक लैपटॉप, एक टैबलेट और 13 बैंक कार्ड बरामद किए हैं। इसके अलावा 284 ग्राम पीली धातु, 1 किलो 408 ग्राम सफेद धातु और 9 लाख 20 हजार 510 रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं।
कैसे होती थी ठगी
पुलिस के अनुसार, आरोपी पीड़ितों को फोन कर खुद को पुलिस अधिकारी बताते थे और कहते थे कि उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज है तथा जल्द ही गिरफ्तारी होने वाली है। डर के इसी माहौल का इस्तेमाल कर वे लोगों से पैसे ऐंठते थे। फोन पर धमकाने के बाद आरोपी पीड़ितों को जल्दबाजी में फैसला लेने के लिए मजबूर करते थे, ताकि वे बिना सोचे-समझे बताए गए बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कर दें। इस तरह की ठगी में आरोपी अक्सर सरकारी विभागों के नाम, फर्जी दस्तावेजों और कानूनी शब्दावली का इस्तेमाल कर पीड़ितों को असली अधिकारी होने का भरोसा दिलाते थे।
बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, सिम कार्ड और बैंक पासबुक की बरामदगी से यह भी संकेत मिलता है कि गिरोह अलग-अलग पहचान और खातों का इस्तेमाल कर पुलिस की निगरानी से बचने की कोशिश करता था। जांच में यह भी सामने आ रहा है कि ठगी की रकम को तुरंत निकालकर या अन्य खातों में ट्रांसफर कर ट्रैक करना मुश्किल बनाया जाता था।
कैसे हुआ भंडाफोड़
साइबर अपराध से जुड़े पोर्टलों और शिकायतों से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने कटेरा थाना क्षेत्र के खौरियाना, मौरियाना, काडौर और आसपास के इलाकों में दबिश दी, जिसमें 23 आरोपी पकड़े गए।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं और अब तक कितने लोगों को शिकार बनाया जा चुका है। इसके साथ ही आरोपियों की संपत्ति की जांच कर उन पर गैंगस्टर एक्ट और संपत्ति कुर्की की कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है।
एसएसपी झांसी बी बी जी टी एस मूर्ति ने घटना की पुष्टि करते हुए कार्रवाई का ब्योरा दिया।
संवाददाता: सागर सैनी झांसी


