IPS Ashok Kumar Singh: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक बयान के बाद मुरादाबाद का बहुचर्चित मैनाठेर हिंसा मामला फिर सुर्खियों में है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में ऐसे पुलिस अधिकारियों का जिक्र किया, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी पीछे हटने के बजाय अपनी जिम्मेदारी निभाई। इसी दौरान 2011 में मुरादाबाद में तैनात रहे तत्कालीन एसएसपी अशोक कुमार सिंह का नाम भी चर्चा में आ गया।
करीब डेढ़ दशक पहले हुई इस घटना में अशोक कुमार सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अब इस मामले में अदालत का फैसला आने के बाद लोग उस पुराने घटनाक्रम को फिर याद कर रहे हैं।
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IPS Ashok Kumar Singh: एक गिरफ्तारी के बाद अचानक बिगड़ गए थे हालात
जुलाई 2011 में मुरादाबाद के मैनाठेर क्षेत्र में पुलिस एक आरोपी की तलाश में पहुंची थी। इसी दौरान इलाके में कुछ ऐसी बातें फैल गईं, जिनसे लोगों में नाराजगी बढ़ने लगी। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होने लगे और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
अगले दिन विरोध प्रदर्शन ने उग्र रूप धारण कर लिया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।
IPS Ashok Kumar Singh: अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की
तनाव बढ़ता देख तत्कालीन एसएसपी अशोक कुमार सिंह और जिलाधिकारी राजशेखर ने मौके पर पहुंचकर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। प्रशासन की ओर से लगातार हालात सामान्य करने का प्रयास किया गया, लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर होती चली गई। कुछ ही देर में प्रदर्शन हिंसक हो गया और पथराव शुरू हो गया। पुलिस और प्रशासन की टीम को भी निशाना बनाया गया।
IPS Ashok Kumar Singh: हमले में घायल हुए थे एसएसपी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हालात इतने खराब हो गए कि तत्कालीन एसएसपी अशोक कुमार सिंह भीड़ के बीच फंस गए। उनके साथ मौजूद कुछ पुलिसकर्मी भी हमले की चपेट में आ गए। इस दौरान अशोक कुमार सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
काफी देर बाद अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और घायल अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया। घटना ने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी थी।
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IPS Ashok Kumar Singh: पूरे प्रदेश में हुई थी चर्चा
इस घटना के बाद पुलिस अधिकारियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे थे। आईपीएस एसोसिएशन ने भी इस मामले को गंभीर बताया था। प्रशासनिक स्तर पर कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए गए और जांच प्रक्रिया शुरू हुई। पुलिस ने मामले में कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और जांच के बाद आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया गया।
IPS Ashok Kumar Singh: वर्षों तक चलता रहा कानूनी संघर्ष
यह मामला लंबे समय तक अदालत में विचाराधीन रहा। इस दौरान राजनीतिक स्तर पर भी इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रहीं। हालांकि, न्यायिक प्रक्रिया जारी रही और सुनवाई के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया।
IPS Ashok Kumar Singh: 15 साल बाद आया बड़ा फैसला
करीब 15 साल तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने इस मामले में 16 आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। फैसले के बाद एक बार फिर मैनाठेर की घटना चर्चा का विषय बन गई है।
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IPS Ashok Kumar Singh: क्यों चर्चा में हैं अशोक कुमार सिंह?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में अपने भाषण में कहा कि कई पुलिस अधिकारी ऐसे रहे हैं, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कर्तव्य से समझौता नहीं किया। उनके इस बयान के बाद अशोक कुमार सिंह का नाम फिर चर्चा में आ गया।
2011 की यह घटना आज भी उत्तर प्रदेश की चर्चित घटनाओं में शामिल मानी जाती है। अदालत के ताजा फैसले और मुख्यमंत्री के बयान के बाद इस मामले को लेकर लोगों की दिलचस्पी एक बार फिर बढ़ गई है।
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