गुरुग्राम : देश की जानी मानी पत्रकार चित्रा त्रिपाठी और सैयद सोहेल के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्विनि कुमार मेहता की अदालत ने ये कार्रवाई नाबालिग के वीडियो को तोड़-मरोड़ कर प्रसारित करने के मामले में की है। सुनवाई के दौरान दोनों आरोपियों के अधिवक्ता अदालत के समक्ष पेश हुए। उनके वकीलों ने हाजिरी माफी का आवेदन किया, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया और उनकी जमानत रद्द कर दी।
वहीं, चित्रा त्रिपाठी के अधिवक्ता ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव और सोहेल के अधिवक्ता ने यूपी उपचुनाव में व्यस्तता का हवाला दिया, लेकिन अदालत ने इन तर्कों को नकारते हुए दोनों आरोपियों को अदालत की उपस्थिति से छूट देने से मना कर दिया।
गुरुग्राम : ये है पूरा मामला…
गौरतलब है कि साल 2013 में पालम विहार में संत आसाराम बापू के कार्यक्रम के वीडियो को तोड़-मरोड़ कर प्रसारित किया गया था, जिससे परिवार की छवि को नुकसान हुआ। इसे लेकर दोनों आरोपियों की 20 नवंबर को गैर जमानती वारंट जारी किया गया, जिसमें दोनों के खिलाफ 30 नवंबर तक गिरफ्तारी वारंट तामील कराने के लिए पुलिस को निर्देश दिया गया है।



