बरेली जिलाधिकारी कार्यालय में संचालित होने वाली लाइव मॉनिटरिंग व्यवस्था को और अधिक व्यापक और प्रभावी बनाया गया है। अब तक यह व्यवस्था केवल तहसील, विकास खंड, नगर निकाय और अन्य विभागीय कार्यालयों तक ही सीमित थी, लेकिन अब इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) को भी शामिल कर लिया गया है।
कैसे सामने आया मामला?
गुरुवार को जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी अविनाश सिंह प्रत्येक फरियादी से खुद सीधे संवाद कर रहे थे। इसी क्रम में ग्राम रफियाबाद, थाना फतेहगंज पश्चिमी के एक नागरिक ने अपनी शिकायत दर्ज कराई — उसने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहगंज पश्चिमी में तैनात एक वार्ड बॉय मेडिको लीगल रिपोर्ट (MLR) बनवाने के नाम पर उससे पैसे की मांग कर रहा था।
DM का तुरंत एक्शन
शिकायत सुनते ही जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया और उसी वक्त, जनसुनवाई के दौरान ही, CHC फतेहगंज पश्चिमी के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक/एमओआईसी (MOIC) से लाइव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधा संपर्क किया। उन्होंने अधिकारी को निर्देश दिए कि मामले की तत्काल जांच कर आरोपी वार्ड बॉय के खिलाफ विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस विस्तार का मकसद
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस नई व्यवस्था के पीछे उद्देश्य है — शिकायत दर्ज होने से लेकर उसके निस्तारण तक की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और जवाबदेह बनाना। अब CHC से जुड़ी निम्न शिकायतों पर भी सीधी और त्वरित कार्रवाई संभव होगी:
- दवाइयों की उपलब्धता से जुड़ी समस्याएं
- चिकित्सकों की अनुपस्थिति या लापरवाही
- मरीजों के उपचार में देरी या कोताही
- अवैध वसूली या रिश्वतखोरी जैसी शिकायतें
जनसुनवाई में अन्य मुद्दे भी उठे
इसी जनसुनवाई में कई अन्य नागरिकों ने भी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी विभिन्न समस्याएं जिलाधिकारी के सामने रखीं, जिन पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से समाधान सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।
DM का बयान
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि इस विस्तारित व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को प्रशासनिक और स्वास्थ्य — दोनों ही स्तरों पर त्वरित राहत मिल सकेगी, और जनसमस्याओं का निस्तारण पहले की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी और तेज़ी से हो सकेगा।
रिपोर्ट: सुमित श्रीवास्तव | बरेली, 7 अगस्त


