Bareilly Chinese Manjha Accident: बरेली की सुबह उस वक्त दहशत और चीख-पुकार में बदल गई, जब प्रतिबंधित चाइनीज मांझे ने उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री संजय गंगवार के 15 वर्षीय भतीजे आदित्यवीर सिंह गंगवार को गंभीर रूप से घायल कर दिया। सोमवार सुबह करीब छह बजे हुआ Bareilly Chinese Manjha Accident एक बार फिर यह सवाल छोड़ गया कि जब जानलेवा मांझे की बिक्री प्रतिबंधित है, तो वह खुलेआम बाजार और आसमान तक कैसे पहुंच रहा है?
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स्टेडियम जाते समय मौत बनकर आया मांझा
बताया जा रहा है कि आदित्यवीर सिंह गंगवार सुबह स्कूटी से स्टेडियम जा रहा था। शहर के बीच स्थित श्यामगंज फ्लाईओवर पर पहुंचते ही अचानक हवा में लटक रहा चाइनीज मांझा उसकी गर्दन से लिपट गया। स्कूटी की गति के कारण मांझे ने धारदार ब्लेड की तरह गर्दन को काट दिया। Bareilly Chinese Manjha Accident में आदित्य को संभालने का मौका तक नहीं मिला और वह स्कूटी समेत सड़क पर जा गिरा।
खून से लथपथ किशोर को देखकर सहमे लोग
हादसे के बाद आदित्य का शरीर खून से लथपथ हो गया। गर्दन से लगातार खून बहता देख आसपास मौजूद लोग घबरा गए। राहगीरों ने तत्काल उसकी मदद की और उसे नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया। परिवार को भी घटना की सूचना दी गई। समय रहते अस्पताल पहुंचाए जाने से इलाज शुरू हो सका, लेकिन Bareilly Chinese Manjha Accident की भयावहता ने मौके पर मौजूद हर व्यक्ति को झकझोर दिया।
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अस्पताल पहुंचे मंत्री, अधिकारियों पर जताई नाराजगी
भतीजे के घायल होने की सूचना मिलते ही राज्यमंत्री संजय गंगवार अस्पताल पहुंचे। किशोर की हालत देखकर उन्होंने प्रतिबंधित मांझे की बिक्री पर कड़ी नाराजगी जताई। मंत्री ने सवाल किया कि रोक के बावजूद चाइनीज मांझा आखिर बाजार में कैसे बिक रहा है। उन्होंने कहा कि वह जिलाधिकारी और एसएसपी दोनों से इस गंभीर मामले में बात करेंगे। Bareilly Chinese Manjha Accident के बाद प्रशासन से बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
परिवार का इकलौता बेटा है आदित्यवीर
आदित्यवीर सिंह गंगवार के पिता अजय सिंह गंगवार पीलीभीत जिले के ललौरी खेड़ा ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख हैं। उसकी मां सीमा गंगवार बरेली में रेलवे विभाग में चीफ कमर्शियल इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। आदित्य परिवार का इकलौता बेटा है और उसकी एक छोटी बहन है। ऐसे में Bareilly Chinese Manjha Accident की सूचना मिलते ही पूरे परिवार पर मानो दुख और चिंता का पहाड़ टूट पड़ा।
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श्यामगंज फ्लाईओवर पर पहले भी हो चुके हैं हादसे
श्यामगंज फ्लाईओवर पर चाइनीज मांझे से लोगों के घायल होने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। पुरानी घटनाओं के बावजूद इस संवेदनशील क्षेत्र में मांझे की निगरानी और बिक्री पर प्रभावी रोक न लग पाना प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। Bareilly Chinese Manjha Accident केवल एक परिवार से जुड़ा हादसा नहीं, बल्कि शहर में दोपहिया वाहन चलाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए खतरे की घंटी है।
प्रतिबंध कागजों पर या जमीन पर?
चाइनीज मांझा सामान्य धागे की तरह नहीं होता। इसमें सिंथेटिक पदार्थ और धारदार तत्व होने के कारण यह इंसानों, पक्षियों और वाहन चालकों के लिए बेहद खतरनाक बन जाता है। हर हादसे के बाद छापेमारी और कार्रवाई की बात होती है, लेकिन कुछ समय बाद इसकी बिक्री दोबारा शुरू हो जाती है। Bareilly Chinese Manjha Accident ने साफ कर दिया है कि केवल आदेश जारी करना पर्याप्त नहीं है; दुकानदारों, ऑनलाइन विक्रेताओं और अवैध भंडारण करने वालों पर लगातार निगरानी जरूरी है।
एक लापरवाही किसी की जिंदगी न छीन ले
पतंग उड़ाने का शौक किसी राहगीर की जान से बड़ा नहीं हो सकता। सड़क पर निकलने वाला व्यक्ति यह नहीं जानता कि अगले मोड़ या फ्लाईओवर पर हवा में लटकता मांझा उसकी गर्दन पर हमला कर सकता है। Bareilly Chinese Manjha Accident प्रशासन, दुकानदारों और आम नागरिकों के लिए अंतिम चेतावनी जैसा है। प्रतिबंधित मांझा खरीदने और बेचने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई के साथ व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाना होगा।
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मंत्री के परिवार तक पहुंचा खतरा, अब कार्रवाई का इंतजार
इस बार जानलेवा मांझे का शिकार प्रदेश सरकार के एक मंत्री का नाबालिग रिश्तेदार बना है। घटना के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि कार्रवाई केवल कुछ दुकानों की जांच तक सीमित रहती है या पूरे नेटवर्क तक पहुंचती है। Bareilly Chinese Manjha Accident ने एक बार फिर साबित किया कि प्रतिबंधित वस्तुओं की खुलेआम बिक्री केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि सीधे तौर पर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ है।




