Viral Video : वायरल हो गया था वीडियों
महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवाड़ में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सांगवी पुलिस स्टेशन के बाहर आधी रात को एक पुलिसकर्मी ने हिस्ट्रीशीटर अपराधियों के साथ जन्मदिन मनाया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस विभाग की काफी आलोचना हुई।
Viral Video : कैसे हुआ मामला उजागर?
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि सांगवी पुलिस स्टेशन के ठीक सामने, सड़क के बीचों-बीच एक टेबल लगाकर केक रखा गया था। आधी रात को जब घड़ी ने 12 बजाए, तब पुलिसकर्मी प्रवीण पाटिल ने केक काटा और वहां मौजूद लोगों ने आतिशबाजी शुरू कर दी। इस पूरे जश्न को ड्रोन के जरिए रिकॉर्ड किया गया, जिससे यह सोशल मीडिया पर और तेजी से वायरल हो गया।
वीडियो सामने आने के बाद आम लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स ने पुलिस विभाग पर सवाल खड़े कर दिए। लोगों ने इस बात पर नाराजगी जताई कि पुलिसकर्मी अपराधियों के साथ दोस्ताना संबंध रखते हुए उनके साथ पार्टी कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन पर यह भी आरोप लगा कि वे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय उनके साथ मेलजोल बढ़ा रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था पर गलत असर पड़ सकता है।
इस घटना को गंभीरता से लेते हुए पिंपरी-चिंचवाड़ के पुलिस आयुक्त विनोद कुमार चौबे ने कड़ी कार्रवाई की। उन्होंने जन्मदिन समारोह में शामिल चार पुलिसकर्मियों—विवेक गायकवाड़, सुहास डांगरे, विजय मोरे और प्रवीण पाटिल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके अलावा, सांगवी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक महेश बनसोड़े का तबादला कर दिया गया और उन्हें पुलिस नियंत्रण कक्ष में भेज दिया गया।
Viral Video : पुलिस की छवि पर पड़ा असर
इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस विभाग की छवि को बड़ा झटका लगा है। आम जनता में पुलिस की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पुलिसकर्मियों का हिस्ट्रीशीटरों के साथ इस तरह खुलेआम जश्न मनाना न केवल उनके आचरण पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कुछ पुलिसकर्मी अपराधियों के साथ कितने करीबी संबंध रखते हैं।
पुलिस आयुक्त विनोद कुमार चौबे ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस घटना की पूरी जांच की जा रही है और अगर इसमें किसी अन्य पुलिसकर्मी की भी संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन अब इस मामले को लेकर सतर्क हो गया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं।



