Union Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार, 1 फरवरी 2026 को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी। इस बजट से आम आदमी, मध्यम वर्ग, उद्योग और किसानों को बड़ी उम्मीदें हैं। बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को हो चुकी है और यह 13 फरवरी तक चलेगा। यह बजट कई मायनों में खास है, क्योंकि यह निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां केंद्रीय बजट (Union Budget 2026) होगा। इसके साथ ही वह देश के सबसे ज्यादा बजट पेश करने वाले वित्त मंत्रियों की सूची में शीर्ष पर पहुंचने से सिर्फ एक कदम दूर रह जाएंगी।
मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड के करीब निर्मला सीतारमण
भारत में अब तक सबसे ज्यादा 10 केंद्रीय बजट पेश करने का रिकॉर्ड पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम है। उन्होंने 1959 से 1969 के बीच यह उपलब्धि हासिल की थी। निर्मला सीतारमण अगर अगला बजट (Union Budget 2026) भी पेश करती हैं, तो वह इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगी। इससे पहले पी. चिदंबरम ने भी 9 बजट पेश किए हैं, जबकि प्रणब मुखर्जी ने 8 बजट पेश कर तीसरा स्थान हासिल किया।
1 फरवरी को बजट पेश करने की परंपरा कैसे शुरू हुई?
आज बजट 1 फरवरी को पेश किया जाना सामान्य बात लगती है, लेकिन यह परंपरा 2017 से पहले नहीं थी। आज़ाद भारत में लंबे समय तक केंद्रीय बजट फरवरी के आखिरी कार्यदिवस को पेश किया जाता था। 2017 में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने औपनिवेशिक परंपरा को खत्म करते हुए बजट को 1 फरवरी को पेश करने का फैसला लिया। इसका मकसद था कि नई वित्तीय योजनाओं को 1 अप्रैल से लागू करने के लिए ज्यादा समय मिल सके।

शाम 5 बजे से सुबह 11 बजे तक का सफर
क्या आप जानते हैं कि एक समय बजट शाम 5 बजे पेश किया जाता था? यह परंपरा ब्रिटेन के समय क्षेत्र के कारण अपनाई गई थी। 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने इस व्यवस्था को बदलते हुए बजट को सुबह 11 बजे पेश करने की शुरुआत की, जो आज भी जारी है।
‘Budget’ शब्द और ब्रीफकेस की कहानी
बजट शब्द फ्रेंच भाषा के ‘Bougette’ से आया है, जिसका अर्थ होता है चमड़े का थैला या ब्रीफकेस। यही वजह है कि दशकों तक वित्त मंत्री बजट के दिन हाथ में ब्रीफकेस लेकर संसद पहुंचते रहे। यह परंपरा मूल रूप से यूनाइटेड किंगडम से आई। वहां 1860 में पहला लकड़ी का बजट बॉक्स (Union Budget 2026) तैयार किया गया था, जिस पर रानी का मोनोग्राम उकेरा गया था। हालांकि भारत में किसी खास रंग के ब्रीफकेस की बाध्यता कभी नहीं रही।
आजाद भारत का पहला बजट और एक अनोखा वित्त मंत्री
भारत का पहला केंद्रीय बजट 26 नवंबर 1947 को देश के पहले वित्त मंत्री आर.के. शनमुखम चेट्टी ने पेश किया था। दिलचस्प बात यह है कि वह कांग्रेस पार्टी के सदस्य नहीं थे, बल्कि एक उद्योगपति और कोचीन रियासत के पूर्व दीवान थे। वह संसद में बजट पेश करने के लिए अपना निजी ब्रीफकेस लेकर पहुंचे थे।
पहला संयुक्त भारत बजट और बदली प्रस्तुति शैली
वर्ष 1949-50 में वित्त मंत्री जॉन मथाई ने पहला संयुक्त भारत बजट पेश किया। उन्होंने बजट (Union Budget 2026) पढ़कर सुनाने की परंपरा को तोड़ते हुए सांसदों को लिखित दस्तावेज बांटे, ताकि बजट को बेहतर ढंग से समझा जा सके।
दुनिया में बजट की शुरुआत कहां से हुई?
दुनिया का पहला आधिकारिक बजट 1760 में इंग्लैंड में पेश किया गया था। इसके बाद-
- फ्रांस ने 1817 में
- अमेरिका ने 1921 में
आधुनिक बजट प्रणाली (Union Budget 2026) अपनाई। इन कदमों से सरकारी खर्च और आय में पारदर्शिता आई।
बजट 2026 से क्या उम्मीदें?
बजट 2026-27 से-
- महंगाई से राहत
- टैक्स स्लैब में बदलाव
- रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस जैसे बड़े ऐलानों की उम्मीद की जा रही है।
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