By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
LokhitkrantiLokhitkrantiLokhitkranti
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Reading: Holika Dahan Story: अग्नि में बैठी होलिका राख कैसे बनी और प्रह्लाद कैसे रहे सुरक्षित?
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
LokhitkrantiLokhitkranti
Search
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
Lokhitkranti > Blog > धर्म कर्म > Holika Dahan Story: अग्नि में बैठी होलिका राख कैसे बनी और प्रह्लाद कैसे रहे सुरक्षित?
धर्म कर्म

Holika Dahan Story: अग्नि में बैठी होलिका राख कैसे बनी और प्रह्लाद कैसे रहे सुरक्षित?

ShreeJi
Last updated: 2026-02-22 9:40 अपराह्न
ShreeJi Published 2026-02-22
Share
Holika Dahan Story
Holika Dahan Story: अग्नि में बैठी होलिका राख कैसे बनी और प्रह्लाद कैसे रहे सुरक्षित?
SHARE

Holika Dahan Story: होली का त्योहार सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह झूठ पर सच्चाई की जीत का प्रतीक है। हर साल होलिका दहन के मौके पर एक पौराणिक कहानी सुनाई जाती है, जिसमें बताया गया है कि कैसे अहंकार खत्म हुआ और भक्ति की जीत हुई। इस कहानी में होलिका, प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप शामिल हैं।

Contents
Holika Dahan Story: हिरण्यकश्यप का अहंकार और प्रह्लाद की भक्तिHolika Dahan Story: प्रह्लाद को मारने की कई नाकाम कोशिशेंHolika Dahan Story: होलिका को मिला था आग से न जलने का वरदानHolika Dahan Story: तो फिर क्यों जली होलिका?Holika Dahan Story: प्रह्लाद कैसे बचा?Holika Dahan Story: भगवान नरसिंह का अवतार और हिरण्यकश्यप का अंतHolika Dahan Story: होलिका जलाने का आध्यात्मिक महत्वHolika Dahan Story: होलिका दहन से सीख

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब होलिका को ब्रह्मा से वरदान मिला था कि वह आग में नहीं जलेगी, तो वह कैसे जली? और प्रह्लाद आग में बैठने के बाद भी कैसे बिना किसी नुकसान के बच गया? आइए पूरी कहानी को विस्तार से समझते हैं।

Holika Dahan Story: हिरण्यकश्यप का अहंकार और प्रह्लाद की भक्ति

पौराणिक कथाओं के अनुसार, हिरण्यकश्यप एक शक्तिशाली राक्षस राजा था। उसने कठोर तपस्या की और ब्रह्मा से वरदान पाया कि कोई भी इंसान, कोई जानवर, कोई भी हथियार, दिन हो या रात, उसे नहीं मार सकता। इस वरदान ने उसे घमंडी बना दिया था।

वह चाहता था कि पूरा राज्य उसे भगवान माने, लेकिन उसका बेटा प्रह्लाद भगवान विष्णु का बहुत बड़ा भक्त था। प्रह्लाद हमेशा भगवान विष्णु का नाम लेता था। हिरण्यकश्यप को यह बिल्कुल पसंद नहीं था।

Holika Dahan Story: प्रह्लाद को मारने की कई नाकाम कोशिशें

हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं माना, तो उसने उसे मारने की कई कोशिशें कीं। कभी उसने उसे पहाड़ से नीचे फेंकवा दिया, कभी जहरीले सांपों से घेरवा दिया, और कभी हाथियों से कुचलवाने की कोशिश की।

लेकिन हर बार, भगवान विष्णु की कृपा से, प्रह्लाद सही-सलामत बच गया। इससे हिरण्यकश्यप और भी ज्यादा गुस्सा हो गया। होलिका को आग से न जलने का वरदान मिला था।

Read : जानें किस दिन जलेगी होलिका और कब खेली जाएगी होली?

Holika Dahan Story: होलिका को मिला था आग से न जलने का वरदान

हिरण्यकश्यप की बहन, होलिका को ब्रह्मा ने वरदान दिया था कि वह आग से नहीं जलेगी। यह वरदान उसके पहने हुए एक खास कपड़े (आग से बचाने वाली चादर) की वजह से था।

हिरण्यकश्यप ने प्लान बनाया कि होलिका प्रह्लाद को गोद में लेकर आग में बैठेगी। प्रह्लाद आग में जल जाएगा, जबकि होलिका सुरक्षित बाहर निकल आएगी।

Holika Dahan Story: तो फिर क्यों जली होलिका?

कहानी में यहीं से सबसे महत्वपूर्ण मोड़ आता है। ब्रह्मा का वरदान तभी काम करता था जब होलिका अकेली आग में जाए। लेकिन उसने इसका गलत इस्तेमाल किया। वह एक मासूम बच्चे और भगवान के एक भक्त को मारने के इरादे से आग में बैठ गई।

कहानी के अनुसार, जैसे ही आग जलाई गई, दिव्य कपड़ा प्रह्लाद के ऊपर उड़ गया। नतीजतन, होलिका जल गई, और प्रह्लाद बच गया। इस घटना से हमें यह सीख मिलती है कि जो कोई भी वरदान या शक्ति का गलत इस्तेमाल करता है, वह बर्बाद हो जाता है।

Holika Dahan Story: प्रह्लाद कैसे बचा?

प्रह्लाद अपनी अटूट भक्ति और भगवान विष्णु में अटूट विश्वास की वजह से बच गया। वह आग में भी शांति से भगवान का नाम जपता रहा। भक्ति की शक्ति ने आग की लपटों को भी बेअसर कर दिया। यह कहानी दिखाती है कि सच्ची श्रद्धा और विश्वास किसी भी खतरे से बचा सकता है।

Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर

Holika Dahan Story: भगवान नरसिंह का अवतार और हिरण्यकश्यप का अंत

होलिका जलने के बाद भी हिरण्यकश्यप का गुस्सा कम नहीं हुआ। उसने प्रह्लाद से पूछा, ‘तुम्हारा भगवान कहां है?’ जब प्रह्लाद ने जवाब दिया कि भगवान हर जगह हैं, तो हिरण्यकश्यप ने खंभे पर मारा। फिर खंभे से नरसिंह का अवतार प्रकट हुआ।

भगवान नरसिंह ने हिरण्यकश्यप को शाम के समय (न दिन, न रात), दरवाजे पर (न अंदर, न बाहर), अपने नाखूनों से (न हथियार, न शस्त्र) मार डाला। इस तरह ब्रह्मा के वरदान की शर्तें पूरी हुईं और अधर्म का अंत हुआ।

Holika Dahan Story: होलिका जलाने का आध्यात्मिक महत्व

होलिका दहन सिर्फ एक पौराणिक घटना नहीं है, बल्कि यह हमें एक गहरा संदेश देती है कि, अहंकार और अधर्म का अंत होना तय है। सच्ची भक्ति की हमेशा जीत होती है। शक्ति का गलत इस्तेमाल विनाश की ओर ले जाता है। सच्चाई और विश्वास किसी भी संकट से बड़े हैं। आज भी होली से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है, जिसमें लोग सभी बुराइयों को जलाने का संकल्प लेते हैं।

Holika Dahan Story: होलिका दहन से सीख

यह कहानी हमें सिखाती है कि हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों, अगर दिल में सच्ची आस्था हो, तो भगवान खुद रक्षा करते हैं। होलिका के पास वरदान था, लेकिन उसके इरादे गलत थे। दूसरी ओर, प्रह्लाद के पास कोई शक्ति नहीं थी, सिर्फ भक्ति थी और वही सबसे बड़ी शक्ति साबित हुई।

पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking

You Might Also Like

Papamochani Ekadashi: 14 या 15 मार्च? जानिए सही तारीख, शुभ मुहूर्त और व्रत की पूरी विधि

Hindu Festival Dates 2026: चैत्र मास में कब करें व्रत और पूजा? जानिए 2026 की एकादशी, अमावस्या और पूर्णिमा की डेट

Holi 2026: देवताओं की होली कब होगी? जानिए सही तारीख और मुहूर्त!

Lunar Eclipse 2026: ग्रस्तोदित चंद्र ग्रहण का दुर्लभ नजारा, शाम होते ही बदलेगा चांद का रंग

Haridwar Ganga Aarti: 3 मार्च को साल का पहला चंद्रग्रहण, हरकी पैड़ी पर बदलेगा गंगा आरती का समय, रात 8 बजे होगी संध्या आरती

TAGGED:Hindu Mythological StoriesHiranyakashipu StoryHoli 2026 SpecialHoli MythologyHolika Dahan KathaPrahlad Story HindiVishnu Bhakt Prahlad
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
69affb91de830 photo itg 100756493 16x9 1
उत्तर प्रदेश

Uttar Pradesh News: क्या आपकी टैक्सी चलेगी या रुक जाएगी? ओला-उबर के लिए नया नियम लागू

Kannu Kannu 2026-03-10
Uttarakhand Budget Session Protest के दौरान विधानसभा कूच, पुलिस से धक्का-मुक्की और वाटर कैनन का इस्तेमाल
कृतिका-गौरव के रिसेप्शन पार्टी में हर्ष मेहता के साथ दिखी मलाइका, Viral Video ने खोली ‘सीक्रेट डेट’ की पोल
T20 World Cup 2026 Final: अगर बारिश ने बिगाड़ा खेल तो क्या होगा फैसला? जानिए ICC का पूरा नियम
Asian Cup Controversy: ईरानी महिला फुटबॉल टीम पर मंडराया खतरा, ट्रंप ने ऑस्ट्रेलिया से शरण देने की अपील
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

  • ताज़ा खबरे
  • बॉलीवुड
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • धर्म कर्म
  • वायरल
  • बिज़नेस

About US

लोकहित क्रांति न्यूज़ एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित को समर्पित डिजिटल समाचार मंच है। हमारा उद्देश्य देश–दुनिया की ताज़ा, सटीक और प्रमाणिक ख़बरें आप तक तेज़ी से पहुँचाना है।
Quick Link
  • About Us
  • Contact Us
  • Terms and Condition
  • DNPA Code of Ethics
Must Read
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Grievance Redressal Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Copyrights © Lokhit Kranti. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?