By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
LokhitkrantiLokhitkrantiLokhitkranti
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Reading: Ambubachi Mela 2026: 22 जून से शुरू होगा मां कामाख्या का पावन उत्सव, भक्तों और साधुओं के लिए विशेष कैंप तैयार
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
LokhitkrantiLokhitkranti
Search
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
Lokhitkranti > धर्म कर्म > Ambubachi Mela 2026: 22 जून से शुरू होगा मां कामाख्या का पावन उत्सव, भक्तों और साधुओं के लिए विशेष कैंप तैयार
धर्म कर्म

Ambubachi Mela 2026: 22 जून से शुरू होगा मां कामाख्या का पावन उत्सव, भक्तों और साधुओं के लिए विशेष कैंप तैयार

Manisha
Last updated: 2026-06-21 3:15 अपराह्न
Manisha Published 2026-06-21
Share
Devotees and saints gathering at Kamakhya Temple in Guwahati during Ambubachi Mela 2026 with special camps
Devotees and saints gathering at Kamakhya Temple in Guwahati during Ambubachi Mela 2026 with special camps
SHARE

Ambubachi Mela 2026: असम की राजधानी गुवाहाटी स्थित प्रसिद्ध मां कामाख्या मंदिर में 22 जून से शुरू होने जा रहा Ambubachi Mela 2026 एक बार फिर लाखों श्रद्धालुओं और साधु-संतों की आस्था का केंद्र बनेगा। नीलाचल पहाड़ियों की चोटी पर स्थित इस शक्तिपीठ में हर वर्ष मानसून के दौरान आयोजित होने वाला यह मेला देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं को भी आकर्षित करता है।

Contents
मां कामाख्या के वार्षिक रजस्वला काल का प्रतीक है Ambubachi Mela 2026मंदिर में नहीं है देवी की प्रतिमा, योनि स्वरूप में होती है पूजाब्रह्मपुत्र नदी के लाल होने की मान्यता पर पुजारियों ने दी सफाईतांत्रिक साधना का प्रमुख केंद्र माना जाता है कामाख्या धामअंगवस्त्र को माना जाता है विशेष प्रसादश्रद्धालुओं के लिए विशेष कैंप और सुरक्षा व्यवस्थापूर्व का महाकुंभ क्यों कहा जाता है यह मेला?श्रद्धा, साधना और शक्ति का अनूठा पर्व

चार दिनों तक चलने वाले इस विशेष धार्मिक आयोजन को “पूर्व का महाकुंभ” भी कहा जाता है। इस दौरान हजारों साधु, नागा बाबा, तांत्रिक साधक और श्रद्धालु मां कामाख्या के दर्शन और साधना के लिए यहां पहुंचते हैं। प्रशासन ने मेले को लेकर व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं और श्रद्धालुओं के लिए विशेष कैंप तथा आश्रय स्थलों की व्यवस्था की गई है।

मां कामाख्या के वार्षिक रजस्वला काल का प्रतीक है Ambubachi Mela 2026

हिंदू मान्यताओं के अनुसार, Ambubachi Mela 2026 देवी कामाख्या के वार्षिक मासिक धर्म चक्र का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस दौरान मां कामाख्या तीन दिनों तक विश्राम करती हैं। इसी वजह से मंदिर के गर्भगृह के मुख्य द्वार बंद कर दिए जाते हैं और नियमित पूजा-अर्चना स्थगित रहती है।

तीन दिनों के बाद विशेष पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं। इसे देवी की पुनः शक्ति और ऊर्जा के जागरण का प्रतीक माना जाता है।

Read: भगवान विष्णु की कृपा पाने का सुनहरा अवसर, 4 शुभ योगों में खास व्रत

मंदिर में नहीं है देवी की प्रतिमा, योनि स्वरूप में होती है पूजा

कामाख्या मंदिर की सबसे विशेष बात यह है कि यहां मां की कोई प्रतिमा स्थापित नहीं है। यहां देवी की पूजा प्राकृतिक रूप से बने योनि आकार के पत्थर के रूप में की जाती है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव के तांडव के दौरान माता सती के शरीर के अंग पृथ्वी के विभिन्न स्थानों पर गिरे थे। माना जाता है कि देवी सती का योनि भाग नीलाचल पर्वत पर गिरा था, जिसके कारण यह स्थान 51 शक्तिपीठों में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी वजह से Ambubachi Mela 2026 को शक्ति उपासना और तांत्रिक साधना का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है।

ब्रह्मपुत्र नदी के लाल होने की मान्यता पर पुजारियों ने दी सफाई

अंबुबाची मेले को लेकर कई तरह की मान्यताएं और कथाएं प्रचलित हैं। इनमें सबसे चर्चित मान्यता ब्रह्मपुत्र नदी के जल के लाल होने की है। हालांकि, कामाख्या मंदिर से जुड़े पुजारी कविंद्र प्रसाद शर्मा ने इस धारणा को गलत बताया है।

Read: खरखौदा में श्रीराम कथा की तैयारियां पूरी, 16 जून से गूंजेगा प्रभु राम का गुणगान,आचार्य शांतनु जी महाराज सुनाएंगे रामकथा

उन्होंने स्पष्ट किया कि Ambubachi Mela 2026 के दौरान ऐसा कोई वैज्ञानिक या धार्मिक प्रमाण नहीं है कि ब्रह्मपुत्र नदी का पानी लाल हो जाता है। उन्होंने बताया कि तीन दिनों तक गर्भगृह के द्वार बंद रहते हैं और श्रद्धालु बाहर रहकर ध्यान, भजन और साधना करते हैं। इन दिनों को दिव्य ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति का समय माना जाता है।

तांत्रिक साधना का प्रमुख केंद्र माना जाता है कामाख्या धाम

कामाख्या मंदिर सदियों से तांत्रिक साधना और शक्ति उपासना का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां देशभर से तांत्रिक साधक और अघोरी पहुंचते हैं और विशेष साधनाएं करते हैं।

मान्यता है कि Ambubachi Mela 2026 के दौरान ब्रह्मांडीय ऊर्जा अपने चरम पर होती है, जिससे साधकों को विशेष सिद्धियों की प्राप्ति होती है। इस दौरान वशीकरण, षट्कर्म और अन्य तांत्रिक अनुष्ठान भी किए जाते हैं। हालांकि, मंदिर प्रशासन और विद्वानों का मानना है कि इस पर्व का मुख्य उद्देश्य शक्ति की आराधना और आध्यात्मिक साधना है।

अंगवस्त्र को माना जाता है विशेष प्रसाद

अंबुबाची मेले का सबसे महत्वपूर्ण प्रसाद लाल रंग का कपड़ा यानी अंगवस्त्र होता है। यह कपड़ा गर्भगृह में स्थित पवित्र स्थान को ढकने के लिए उपयोग किया जाता है। माना जाता है कि Ambubachi Mela 2026 के दौरान श्रद्धालुओं को मिलने वाला यह अंगवस्त्र मां कामाख्या का विशेष आशीर्वाद होता है। साधु-संत और भक्त पूरे वर्ष इस प्रसाद को श्रद्धा के साथ अपने पास रखते हैं।

Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर

श्रद्धालुओं के लिए विशेष कैंप और सुरक्षा व्यवस्था

कामरूप महानगर जिला प्रशासन ने Ambubachi Mela 2026 के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। नीलाचल पहाड़ियों के आसपास साधु-संतों और श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी शिविर और विशेष आश्रय स्थल बनाए गए हैं।

इसके अलावा चिकित्सा सुविधाएं, पेयजल, स्वच्छता, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि लाखों श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

पूर्व का महाकुंभ क्यों कहा जाता है यह मेला?

अंबुबाची मेले में हर वर्ष देश के अलग-अलग राज्यों के अलावा नेपाल, बांग्लादेश और अन्य देशों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। हजारों नागा साधु और संत नीलाचल पहाड़ियों पर डेरा डालते हैं और विशेष साधनाएं करते हैं।

इसी विशाल धार्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप के कारण Ambubachi Mela 2026 को “पूर्व का महाकुंभ” कहा जाता है। यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की शक्ति परंपरा और आध्यात्मिक संस्कृति का अद्भुत संगम भी है।

श्रद्धा, साधना और शक्ति का अनूठा पर्व

हर वर्ष की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं की निगाहें मां कामाख्या धाम पर टिकी हुई हैं। Ambubachi Mela 2026 न केवल देवी शक्ति की उपासना का पर्व है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, तंत्र परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का भी प्रतीक है। 22 जून से शुरू होने वाले इस महापर्व में श्रद्धालु मां कामाख्या का आशीर्वाद प्राप्त करने और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करने के लिए बड़ी संख्या में गुवाहाटी पहुंचेंगे।

पढ़े ताजा अपडेट:  Hindi News, Today Hindi News, Breaking News

You Might Also Like

Nirjala Ekadashi Puja Vidhi: भगवान विष्णु की कृपा पाने का सुनहरा अवसर, 4 शुभ योगों में खास व्रत

Kharkhoda Shri Ram Katha: खरखौदा में श्रीराम कथा की तैयारियां पूरी, 16 जून से गूंजेगा प्रभु राम का गुणगान,आचार्य शांतनु जी महाराज सुनाएंगे रामकथा

Somvati Amavasya 2026: अधिकमास के दुर्लभ संयोग में देशभर में श्रद्धा का माहौल, जानिए पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

Somvati Amavasya 2026: कल करें ये 5 चमत्कारी उपाय, पितृ दोष और आर्थिक संकट से मिलेगी राहत

Nirjala Ekadashi Vrat Rules: क्यों खास है जलदान? जानिए कौन-सी भूल से नाराज हो सकते हैं भगवान विष्णु

TAGGED:Ambubachi Mela 2026Ambubachi Mela GuwahatiAmbubachi Mela latest newsAssam religious festivalKamakhya Devi TempleKamakhya TempleKamakhya Temple devoteesKamakhya Temple festivalMahakumbh of the EastNilachal Hills
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
Khan Sir vs Raushan Anand Row
बिहार

Patna Coaching Controversy: खान सर-रौशन आनंद विवाद के बीच बोले CM सम्राट चौधरी, बिहार में बंद होंगे सारे कोचिंग सेंटर!

Rupam Rupam 2026-06-15
Delhi Rishikesh RRTS Project: उत्तराखंड में डबल इंजन सरकार का बड़ा प्लान,अब दिल्ली से ऋषिकेश सिर्फ 2.5 घंटे में!
NEET UG Re-Exam 2026 से पहले NTA की फिर फजीहत, सर्वर ठप होने से एडमिट कार्ड डाउनलोड करने में छात्रों को परेशानी
Uttar Pradesh Governance: जनता की चौखट पर प्रशासन, DM ने सुनीं लोगों की समस्याएं
हरिद्वार Land Scam में बड़ा एक्शन, IAS अधिकारी की बर्खास्तगी की संस्तुति, तत्कालीन DM को मिलेगी मेजर पनिशमेंट
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

  • ताज़ा खबरे
  • बॉलीवुड
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • धर्म कर्म
  • वायरल
  • बिज़नेस

About US

लोकहित क्रांति न्यूज़ एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित को समर्पित डिजिटल समाचार मंच है। हमारा उद्देश्य देश–दुनिया की ताज़ा, सटीक और प्रमाणिक ख़बरें आप तक तेज़ी से पहुँचाना है।
Quick Link
  • About Us
  • Terms and Condition
  • DNPA Code of Ethics
Must Read
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Grievance Redressal Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Copyrights © Lokhit Kranti. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?