Sadhvi Prem Baisa Death Mystery: राजस्थान के जोधपुर में चर्चित साध्वी प्रेम बाईसा की रहस्यमयी मौत ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी है। 28 जनवरी की शाम साध्वी को एक इंजेक्शन लगाए जाने के कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। हालत तेजी से नाजुक होती चली गई और देखते ही देखते उनकी मौत हो गई। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर ‘न्याय दो’ जैसे संदेश वायरल होने लगे, जिसके चलते मामला सुर्खियों में आ गया। अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि साध्वी की मौत (Sadhvi Prem Baisa Death Mystery) इलाज में लापरवाही, आत्महत्या या फिर किसी गहरी साजिश का नतीजा है।
SIT कर रही है हर एंगल )से जांच
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जोधपुर पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। SIT को निर्देश दिए गए हैं कि मामले की हर संभावित दिशा से निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी भी दोषी को बख्शा न जाए। SIT का फोकस फिलहाल मेडिकल प्रोसेस, आश्रम की गतिविधियों और साध्वी के निजी जीवन से जुड़े पहलुओं पर है।

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हत्या, आत्महत्या या मेडिकल लापरवाही?
इस केस में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर साध्वी प्रेम बाईसा की मौत कैसे हुई? जांच के दौरान तीन प्रमुख थ्योरी सामने आई हैं-
- क्या यह साजिशन हत्या का मामला है?
- क्या साध्वी किसी मानसिक दबाव में थीं और यह आत्महत्या हो सकती है?
- या फिर यह गलत इंजेक्शन या इलाज में लापरवाही का नतीजा है?
इन सभी सवालों का जवाब अब विसरा रिपोर्ट (Sadhvi Prem Baisa Death Mystery) से मिलने की उम्मीद की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि विसरा रिपोर्ट इस पूरे मामले की निर्णायक कड़ी साबित होगी, हालांकि इसके आने में अभी कुछ समय लग सकता है।
37 लोगों से हो चुकी है पूछताछ
SIT इंचार्ज छवि शर्मा के अनुसार, अब तक इस मामले में 37 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। इनमें आश्रम से जुड़े लोग, घटना के समय मौजूद व्यक्ति, साध्वी के करीबी सहयोगी और पारिवारिक सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा साध्वी के सोशल मीडिया अकाउंट को मैनेज करने वाली टीम से भी पूछताछ की गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं साध्वी (Sadhvi Prem Baisa Death Mystery) पर किसी तरह का दबाव, धमकी या आर्थिक मांग तो नहीं डाली जा रही थी।
कंपाउंडर के बयान में उलझन
जांच का एक अहम बिंदु वह कंपाउंडर देवी सिंह है, जिसने साध्वी को अंतिम बार इंजेक्शन लगाया था। SIT ने कंपाउंडर से दोबारा पूछताछ शुरू कर दी है। कंपाउंडर का पहले दावा था कि उसने डॉक्टर की पर्ची (Sadhvi Prem Baisa Death Mystery) देखकर ही इंजेक्शन लगाया, लेकिन अब वह अपने बयान को लेकर स्पष्ट और संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहा है। यही वजह है कि उसकी भूमिका जांच के घेरे में आ गई है।
सोशल मीडिया भी जांच के रडार पर
पुलिस साध्वी प्रेम बाईसा के सोशल मीडिया अकाउंट्स और डिजिटल गतिविधियों की भी गहन जांच कर रही है। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि-
- क्या उन्हें ऑनलाइन धमकियां मिल रही थीं?
- क्या किसी ने मानसिक रूप से परेशान किया?
- या फिर कोई ऐसा संदेश या पोस्ट है जो किसी साजिश की ओर इशारा करता हो?
SIT का कहना है कि डिजिटल साक्ष्य इस मामले में अहम सुराग साबित हो सकते हैं।
पुलिस का दावा – जल्द उठेगा पर्दा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है और साध्वी प्रेम बाईसा की मौत से जुड़ा रहस्य (Sadhvi Prem Baisa Death Mystery) जल्द उजागर किया जाएगा। विसरा रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी और जरूरत पड़ी तो कानूनी धाराएं भी बदली जा सकती हैं।
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